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यूपी: हिस्ट्रीशीटर ने किया पत्नी के प्रेमी का अपहरण, छोड़ने के लिए रखी ऐसी शर्त; पुलिस को भी माननी पड़ी
Tue, 17 Oct 2023 09:15 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 17 Oct 2023 09:15 AM IST
सार
हिस्ट्रीशीटर पत्नी के प्रेमी और उसके भाई का अपहरण कर फिरोजाबाद से बाह के बीहड़ में ले गया। वहीं दो भाइयों को अपहरण की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। उन्हें मुक्त कराने के लिए पुलिस को हिस्ट्रीशीटर की शर्त माननी पड़ी।
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मुक्त कराए गए दोनों भाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के बरहन से लापता दो भाइयों सोनू और बॉबी का अपहरण बाह के हिस्ट्रीशीटर सहदेव ने किया था। सहदेव की पत्नी को एक साल पहले सोनू भगाकर ले गया था। उसका पता नहीं बताने पर हिस्ट्रीशीटर ने साजिश रची। बहाने से दोनों भाइयों को बुलाकर बीहड़ में ले गया। उसके परिजन को कॉल करके पत्नी को बरामद कराने की शर्त रखी। पुलिस ने पहले महिला को बरामद किया। फोन पर बात होने पर उसने दोनों को छोड़ दिया।
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एसीपी एत्मादपुर सौरभ सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी रोमी की शादी 12 साल पहले विक्रमपुर, बाह निवासी सहदेव के साथ हुई थी। वर्ष 2014 में सहदेव को थाना बाह के हत्या के मुकदमे में जेल भेजा था। इसी बीच बरहन का सोनू भी हत्या के मामले में जेल गया। वहां सहदेव और सोनू की दोस्ती हो गई।
रोमी पति से मिलने आती थी, तब सोनू की भी उससे मुलाकात होने लगी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। आठ साल बाद सोनू, जबकि उसके दो महीने बाद सहदेव जेल से बाहर आ गया। सोनू सहदेव से मिलने लगा। इस बीच उसकी पत्नी रोमी को अपने साथ दिल्ली भगाकर ले गया। मामले में सहदेव की मां की ओर से गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। मगर, वो बरामद नहीं हो पा रही थी।
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रोमी पति से मिलने आती थी, तब सोनू की भी उससे मुलाकात होने लगी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। आठ साल बाद सोनू, जबकि उसके दो महीने बाद सहदेव जेल से बाहर आ गया। सोनू सहदेव से मिलने लगा। इस बीच उसकी पत्नी रोमी को अपने साथ दिल्ली भगाकर ले गया। मामले में सहदेव की मां की ओर से गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई। मगर, वो बरामद नहीं हो पा रही थी।
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पिटाई लगाई, फिर कार में ले गए
आरोपी सहदेव ने साजिश रची। 12 अक्तूबर को सोनू को सास पुष्पा देवी से फोन कराकर मटसेना बुलाया। सोनू भाई बाॅबी के साथ बाइक से पहुंचा। रोमी के परिजन और पति ने दोनों को पकड़ लिया। पिटाई लगाने के बाद गाड़ी में डालकर ले गए। बाह के बीहड़ में दोनों को बंधक बना लिया। सोनू के भाई विजय को फोन करके रोमी को लेकर आने पर ही दोनों को छोडऩे की शर्त रखी। पुलिस ने लोकेशन पता कर ली। वह बीहड़ की आ रही थी। इस पर आशंका थी कि दोनों भाइयों के साथ कोई घटना न कर दें। पुलिस ने पहले रोमी को बरामद किया। इसके बाद उसकी फोन से पति से बात कराई। विश्वास होने पर उसने सोनू और बाॅबी को छोड़ दिया। पुलिस अब सहदेव की तलाश में लगी है।
आरोपी सहदेव ने साजिश रची। 12 अक्तूबर को सोनू को सास पुष्पा देवी से फोन कराकर मटसेना बुलाया। सोनू भाई बाॅबी के साथ बाइक से पहुंचा। रोमी के परिजन और पति ने दोनों को पकड़ लिया। पिटाई लगाने के बाद गाड़ी में डालकर ले गए। बाह के बीहड़ में दोनों को बंधक बना लिया। सोनू के भाई विजय को फोन करके रोमी को लेकर आने पर ही दोनों को छोडऩे की शर्त रखी। पुलिस ने लोकेशन पता कर ली। वह बीहड़ की आ रही थी। इस पर आशंका थी कि दोनों भाइयों के साथ कोई घटना न कर दें। पुलिस ने पहले रोमी को बरामद किया। इसके बाद उसकी फोन से पति से बात कराई। विश्वास होने पर उसने सोनू और बाॅबी को छोड़ दिया। पुलिस अब सहदेव की तलाश में लगी है।
गुरुग्राम जाने की कहकर घर से निकले थे
बास गुमान सिंह, बरहन निवासी सीमा ने 14 अक्तूबर को बेटे सोनू (26) और बाॅबी (28) के अपहरण की सूचना दी थी। वह दोनों 12 अक्तूबर की रात 9 बजे बाइक से गुरुग्राम जाने की कहकर घर से निकले थे। मगर, वहां नहीं पहुंचे। 13 अक्तूबर की रात 11:30 बजे सोनू के भाई विजय के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि दोनों भाई उनके कब्जे में हैं। इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
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भाई को गोली मारकर लिखाया था झूठा मुकदमा
दिसंबर 2022 में सहदेव के भाई राघवेंद्र को गोली लग गई थी। उसने सोनू और उसके भाई बाॅबी के खिलाफ गोली मारने का आरोप लगाया। मगर, पुलिस की विवेचना में मुकदमा झूठा निकला। सहदेव और राघवेंद्र को ही जेल भेजा गया।
बास गुमान सिंह, बरहन निवासी सीमा ने 14 अक्तूबर को बेटे सोनू (26) और बाॅबी (28) के अपहरण की सूचना दी थी। वह दोनों 12 अक्तूबर की रात 9 बजे बाइक से गुरुग्राम जाने की कहकर घर से निकले थे। मगर, वहां नहीं पहुंचे। 13 अक्तूबर की रात 11:30 बजे सोनू के भाई विजय के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि दोनों भाई उनके कब्जे में हैं। इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
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दिसंबर 2022 में सहदेव के भाई राघवेंद्र को गोली लग गई थी। उसने सोनू और उसके भाई बाॅबी के खिलाफ गोली मारने का आरोप लगाया। मगर, पुलिस की विवेचना में मुकदमा झूठा निकला। सहदेव और राघवेंद्र को ही जेल भेजा गया।