आगरा में शहर मुफ्ती के खिलाफ आक्रोश: हिंदूवादी संगठनों ने किया प्रदर्शन, मुकदमा दर्ज करने की मांग
शहर मुफ्ती ने शाही जामा मस्जिद के अंदर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान पर विरोध जताया था। उनके ऑडियो में वायरल हो गए। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया।
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आगरा में शाही जामा मस्जिद के अंदर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान पर शहर मुफ्ती का विरोध जताने वाला ऑडियो सामने आने के बाद मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा ने थाना मंटोला और राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत ने कलक्ट्रेट में एसएसपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महासभा ने प्रदेश प्रवक्ता बृजेश भदौरिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सदर भट्टी चौराहे से पैदल जुलूस निकाला। जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। कार्यकर्ता थाना मंटोला पहुंचे। राष्ट्रगान गाया और भारत माता की जय के नारे लगाए। इसके बाद धरने पर बैठ गए। बाद में महासभा की प्रांतीय अध्यक्ष मीना दिवाकर ने तहरीर दी।
तहरीर में कहा है कि 15 अगस्त को शहर की जामा मस्जिद में ध्वजारोहण के संबंध में 16 अगस्त को दो ऑडियो वायरल हुए, जिसमें शहर मुफ्ती और एक अन्य व्यक्ति ध्वजारोहण करने वाले इस्लामियां लोकल एजेंसी के चेयरमैन असलम कुरैशी को ऐसा नहीं करने की बात बोल रहे हैं। गलत शब्दों का भी प्रयोग कर रहे हैं।
शहर मुफ्ती एवं अन्य ने ऑडियो में झंडा फहराना एवं राष्ट्रगान गाना, भारत माता की जय के बारे में गलत शब्दों का प्रयोग के साथ-साथ इसको हराम बताया है। भारत में रहकर तिरंगे को लहराने, राष्ट्रगान गाने और भारत माता की जय बोलना हराम बताना, तिरंगे के खातिर शहीद हुए जवानों का भी अपमान है। यह राष्ट्रद्रोह एवं रासुका की श्रेणी में आता है। आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। बाद में एसएसपी से मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पाराशर ने शहर मुफ्ती और अन्य पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी है। विजय शर्मा, मानवेंद्र, रमन कुशवाहा, ठाकुर भूपेंद्र गौर, सेवक लोहिया, शिवम भार्गव, शिवम चौहान, मोनू पंडित आदि मौजूद रहे।
'भड़का रहे हैं शहर मुफ्ती'
इस्लामियां लोकल एजेंसी के अध्यक्ष हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि शहर मुफ़्ती मजदुल खूबैब रूमी और उनका बेटा हमदुल मुसलमानों को भड़काने का काम करते हैं। सरकार का विरोध करने के सिवाय इनका कोई काम नहीं है। हमने कल ही मंटोला थाने में मुफ़्ती के बेटे की हरकत की जानकारी दे दी थी। यह वेतन सरकार से लेते हैं और सरकार की खिलाफत करते हैं।
शहर मुफ़्ती मजदुल ख़ूबैब रूमी का मंगलवार को एक और ऑडियो जारी हुआ है। इसमें उन्होंने कहा है कि मस्जिद के भीतर सियासी प्रोग्राम नहीं करने को कहा था। असलम ने गलत बयानी की है। वह मुझे मुफ़्ती पद से नहीं हटा सकते हैं। उन्हें कोई अधिकार नहीं है।
ऑडियो की जांच कराएंगे- एसएसपी
एसएसपी मुनिराज जी. ने कहा कि ऑडियो मिला है। इसकी जांच कराई जाएगी। दो संगठनों ने तहरीर दी हैं। इस पर भी जांच कराकर विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।