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इन अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, झोलाछाप करा रहे प्रसव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 21 Jan 2018 04:29 PM IST
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अागरा में स्वास्थ्य विभाग अवैध हॉस्पिटलों पर कार्रवाई में ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। आरोपी झोलाछापों के खिलाफ मुकदमा दर्ज भी नहीं कराया है।
यहां तक कि दिव्यांशी हॉस्पिटल को भी सील नहीं किया गया है। विभाग ने यहां भर्ती मरीजों का शिफ्ट करने के लिए 24 घंटे की छूट दी थी।
स्वास्थ्य विभाग ने यमुनापार स्थित अनमोल हॉस्पिटल, नेहरू नगर स्थित अर्श हॉस्पिटल, शास्त्रीपुरम स्थित सुदर्शन हॉस्पिटल और बोदला रोड स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल में छापा मारा था।
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यहां तक कि दिव्यांशी हॉस्पिटल को भी सील नहीं किया गया है। विभाग ने यहां भर्ती मरीजों का शिफ्ट करने के लिए 24 घंटे की छूट दी थी।
स्वास्थ्य विभाग ने यमुनापार स्थित अनमोल हॉस्पिटल, नेहरू नगर स्थित अर्श हॉस्पिटल, शास्त्रीपुरम स्थित सुदर्शन हॉस्पिटल और बोदला रोड स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल में छापा मारा था।
यहां मौके पर चिकित्सक नहीं मिले और पंजीकृत भी नहीं थे। अनमोल हॉस्पिटल, अर्श हॉस्पिटल को सील करने के साथ दिव्यांशी हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया था।
यहां भर्ती मरीजों को देखते हुए शिफ्टिंग के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था। तत्पश्चात हॉस्पिटल को सील किया जाना था, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय गुजरने पर भी विभाग ने दिव्यांशी अस्पताल को सील नहीं किया।
इधर, सुदर्शन हॉस्पिटल को 48 घंटे का समय दिया गया है। जिसकी समय सीमा रविवार को समाप्त हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इनके संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी, लेकिन एक पर भी ऐसा नहीं हुआ है।
यहां भर्ती मरीजों को देखते हुए शिफ्टिंग के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था। तत्पश्चात हॉस्पिटल को सील किया जाना था, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय गुजरने पर भी विभाग ने दिव्यांशी अस्पताल को सील नहीं किया।
इधर, सुदर्शन हॉस्पिटल को 48 घंटे का समय दिया गया है। जिसकी समय सीमा रविवार को समाप्त हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इनके संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी, लेकिन एक पर भी ऐसा नहीं हुआ है।
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केयरिंग के लिए हाईस्कूल पास स्टाफ
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि झोलाछापों पर मुकदमा होगा, हॉास्पिटल क्यों सील नहीं किया, प्रभारी से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में भर्ती मरीजों की फाइल भी जब्त की थी, इसमें सामान्य प्रसव तो झोलाछापों ने ही कराए। ऑपरेशन की जरूरत होने पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए गए।
यहां तक कि मरीजों की केयरटेकिंग के लिए भी हाईस्कूल-इंटरमीडिएट पास स्टाफ लगा हुआ था। यही मरीजों को दवा एवं इंजेक्शन दिया करते थे।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में भर्ती मरीजों की फाइल भी जब्त की थी, इसमें सामान्य प्रसव तो झोलाछापों ने ही कराए। ऑपरेशन की जरूरत होने पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए गए।
यहां तक कि मरीजों की केयरटेकिंग के लिए भी हाईस्कूल-इंटरमीडिएट पास स्टाफ लगा हुआ था। यही मरीजों को दवा एवं इंजेक्शन दिया करते थे।
आईएमए ने डॉक्टरों को भेजे नोटिस
झोलाछाप के हॉस्पिटल के बाहर बोर्ड पर लगे सभी डॉक्टरों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. रविंद्र मोहन पचौरी ने बताया कि ऐसे सभी डॉक्टरों को नोटिस देकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम एक से अधिक हॉस्पिटल के बोर्ड पर दर्ज थे। इसमें दिव्यांशी हॉस्पिटल और सुदर्शन हॉस्पिटल के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. राधिका पाराशर का नाम लिखा हुआ है। बोर्ड पर व्हाइटनर लगा दिया गया था।
आईएमए अवैध हॉस्पिटलों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही है। सभी सदस्यों को अपने क्षेत्र से ऐसे हॉस्पिटलों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है।
आईएमए ने पहले चरण में सदर क्षेत्र के करीब 13 अवैध हॉस्पिटलों के नाम सामने आए हैं। ये हॉस्पिटल झोलाछाप चला रहे हैं और इनका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं है। आईएमए ने यह सूची सीएमओ को भेजी है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम एक से अधिक हॉस्पिटल के बोर्ड पर दर्ज थे। इसमें दिव्यांशी हॉस्पिटल और सुदर्शन हॉस्पिटल के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. राधिका पाराशर का नाम लिखा हुआ है। बोर्ड पर व्हाइटनर लगा दिया गया था।
आईएमए अवैध हॉस्पिटलों के खिलाफ सर्च अभियान चला रही है। सभी सदस्यों को अपने क्षेत्र से ऐसे हॉस्पिटलों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है।
आईएमए ने पहले चरण में सदर क्षेत्र के करीब 13 अवैध हॉस्पिटलों के नाम सामने आए हैं। ये हॉस्पिटल झोलाछाप चला रहे हैं और इनका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं है। आईएमए ने यह सूची सीएमओ को भेजी है।