{"_id":"598ed7004f1c1b2f0e8b4c5a","slug":"handicap-woman-in-agra-suicide-along-with-her-son","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दाने-दाने को थे मोहताज, कुछ न सूझा तो दिव्यांग मां और बेटे ने उठाया ये कदम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाने-दाने को थे मोहताज, कुछ न सूझा तो दिव्यांग मां और बेटे ने उठाया ये कदम
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहपुर सीकरी (आगरा)
Updated Sat, 12 Aug 2017 03:52 PM IST
विज्ञापन
विलाप करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में फतेहपुरसीकरी के गांव नगला जन्नू में आर्थिक तंगी से परेशान एक दरी बुनकर परिवार में दिव्यांग मां और उसके बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में बचे मृतक युवक की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
बताया गया है कि फतेहपुरसीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जन्नू निवासी दरी बुनकर मुबारक (35) छप्परनुमा घर में अपनी दिव्यांग मां अस्सो (65), पत्नी हलीमा, पुत्र जावेद, आवेद, पुत्री रूबीना और शबनम के साथ जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार को तमाम प्रयासों के बाद भी सरकारी आवास, वृद्धावस्था पेंशन आदि किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
इसके चलते परिवार की हालत दयनीय बनी रही। कुछ साहूकारों से मुबारक ने कर्ज भी ले रखा था। उसे नहीं चुका पाने से वह काफी परेशान था। साहूकारों के तगादे भी हो रहे थे। मुबारक ने अपने मन की पीड़ा अपनी मां अस्सो को बताई। ग्रामीणों का कहना है कि मां-बेटे में काफी स्नेह था। इसी के चलते गुरुवार की रात दोनों ने मिलकर विषाक्त पदार्थ खा लिया।
विज्ञापन
उनकी हालत बिगड़ने पर जानकारी परिवार के लोगों को हुई। वे दोनों को अस्पताल ले जाते इससे पहले ही अस्सो की मौत हो गई। जबकि मुबारक को सीएचसी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया। लेकिन परिजन और बस्ती वाले उसे भरतपुर अस्पताल ले गये। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
बताया गया है कि फतेहपुरसीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जन्नू निवासी दरी बुनकर मुबारक (35) छप्परनुमा घर में अपनी दिव्यांग मां अस्सो (65), पत्नी हलीमा, पुत्र जावेद, आवेद, पुत्री रूबीना और शबनम के साथ जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार को तमाम प्रयासों के बाद भी सरकारी आवास, वृद्धावस्था पेंशन आदि किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
विज्ञापन
इसके चलते परिवार की हालत दयनीय बनी रही। कुछ साहूकारों से मुबारक ने कर्ज भी ले रखा था। उसे नहीं चुका पाने से वह काफी परेशान था। साहूकारों के तगादे भी हो रहे थे। मुबारक ने अपने मन की पीड़ा अपनी मां अस्सो को बताई। ग्रामीणों का कहना है कि मां-बेटे में काफी स्नेह था। इसी के चलते गुरुवार की रात दोनों ने मिलकर विषाक्त पदार्थ खा लिया।
विज्ञापन
उनकी हालत बिगड़ने पर जानकारी परिवार के लोगों को हुई। वे दोनों को अस्पताल ले जाते इससे पहले ही अस्सो की मौत हो गई। जबकि मुबारक को सीएचसी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया। लेकिन परिजन और बस्ती वाले उसे भरतपुर अस्पताल ले गये। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
20 साल पहले पिता ने भी की थी खुदकुशी
मुबारक
- फोटो : अमर उजाला
मृतक दरी बुनकर मुबारक का परिवार काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। 20 साल पहले उसके पिता टोटा उर्फ जफरुद्दीन को तंगहाली के चलते अपना खेत बेचना पड़ा था। लेकिन परिवार की हालत सुधरते नहीं देख उन्होंने भी विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी थी।
उसके बाद इकलौते बेटे मुबारक को परिवार चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ी। वह भी घर की दशा नहीं सुधार पाया तो जान दे दी। अब परिवार में उसकी पत्नी हलीमा, पुत्र जावेद, आवेद, पुत्री रूबीना और शबनम का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के संबंध में एसडीएम अरुण कुमार सिंह का कहना है कि नगला जन्नू में दरी बुनकर और उसकी मां का आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी करने का मामला गंभीर है। पीड़ित परिवार को सरकारी आवास समेत अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
उसके बाद इकलौते बेटे मुबारक को परिवार चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ी। वह भी घर की दशा नहीं सुधार पाया तो जान दे दी। अब परिवार में उसकी पत्नी हलीमा, पुत्र जावेद, आवेद, पुत्री रूबीना और शबनम का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के संबंध में एसडीएम अरुण कुमार सिंह का कहना है कि नगला जन्नू में दरी बुनकर और उसकी मां का आर्थिक तंगी के चलते खुदकुशी करने का मामला गंभीर है। पीड़ित परिवार को सरकारी आवास समेत अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।