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अरमानों पर बरसे ओले
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2015 02:13 AM IST
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रविवार के बाद सोमवार को भी बादलों ने पानी बरसाया, लेकिन किसानों की आंखों से आंसू बनकर उनके अरमान बह निकले। उनकी किस्मत पर ओलों की भी मार पड़ गई। सोमवार को 19.7 मिमी बारिश हुई। इससे खेतों में एक फीट तक पानी जमा हो गया। आलू की खोदाई से ऐन पहले हुई जोरदार बारिश से 50 फीसदी से ज्यादा पैदावार खराब होने की आशंका है, वहीं ओलों और तेज हवाओं के साथ बारिश से सरसों और गेंहू की फसल खेतों में बिछ गई।
सोमवार की सुबह झमाझम बारिश हुई। डेढ़ घंटे तक तेज हुई बारिश ने शहर में जलभराव कर दिया, जबकि देहात में अन्नदाता को खून के आंसू रोने को मजबूर कर दिया। 27 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसल को जमीन पर गिरा दिया, जबकि ओलों ने सरसों की फलियों को तोड़ दिया। बारिश और बादलों से पारा भी नीचे रहा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह बारिश के आसार हैं, लेकिन दोपहर बाद मौसम पूरी तरह से खुल जाएगा। न्यूनतम तापमान में कमी के आसार हैं, जबकि दिन में पारा दो डिग्री तक उछल सकता है।
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तेज हवा और ओलों से बिछ गई फसल
जिले भर में ओलों ने फसल पर भारी तबाही मचाई है। बाह, जैतपुर, पिनाहट ब्लाक के 214 गांवों में गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। खंदौली में आलू बेल्ट को खासा नुकसान पहुंचा। आलू कि सान विकास समिति महासचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि 50 फीसदी आलू की पैदावार सड़ने का खतरा है। गेहूं, सरसों को भी 60 फीसदी नुकसान हो सकता है। किरावली क्षेत्र के गांव अंगनपुरा, बबरौद, मुवारिजपुर में बारिश के दौरान ओले पड़ने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। फतेहाबाद, बरहन, शमशाबाद, फतेहपुर सीकरी, मलपुरा, खेरागढ़ में बारिश से आलू, सरसों और गेहूं की फसल में 60 फीसदी नुकसान हुआ है। उप जिलाधिकारी रामसिंह गौतम ने बताया कि नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
बरहन में भाकियू (भानू) के जिला संगठन मंत्री उपेंद्रपाल सिंह, तहसील अध्यक्ष कुलदीप सिंह धाकरे ने सरकार से नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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सोमवार की सुबह झमाझम बारिश हुई। डेढ़ घंटे तक तेज हुई बारिश ने शहर में जलभराव कर दिया, जबकि देहात में अन्नदाता को खून के आंसू रोने को मजबूर कर दिया। 27 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसल को जमीन पर गिरा दिया, जबकि ओलों ने सरसों की फलियों को तोड़ दिया। बारिश और बादलों से पारा भी नीचे रहा।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह बारिश के आसार हैं, लेकिन दोपहर बाद मौसम पूरी तरह से खुल जाएगा। न्यूनतम तापमान में कमी के आसार हैं, जबकि दिन में पारा दो डिग्री तक उछल सकता है।
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तेज हवा और ओलों से बिछ गई फसल
जिले भर में ओलों ने फसल पर भारी तबाही मचाई है। बाह, जैतपुर, पिनाहट ब्लाक के 214 गांवों में गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। खंदौली में आलू बेल्ट को खासा नुकसान पहुंचा। आलू कि सान विकास समिति महासचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि 50 फीसदी आलू की पैदावार सड़ने का खतरा है। गेहूं, सरसों को भी 60 फीसदी नुकसान हो सकता है। किरावली क्षेत्र के गांव अंगनपुरा, बबरौद, मुवारिजपुर में बारिश के दौरान ओले पड़ने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। फतेहाबाद, बरहन, शमशाबाद, फतेहपुर सीकरी, मलपुरा, खेरागढ़ में बारिश से आलू, सरसों और गेहूं की फसल में 60 फीसदी नुकसान हुआ है। उप जिलाधिकारी रामसिंह गौतम ने बताया कि नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
बरहन में भाकियू (भानू) के जिला संगठन मंत्री उपेंद्रपाल सिंह, तहसील अध्यक्ष कुलदीप सिंह धाकरे ने सरकार से नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।