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UP: प्रदेश के इस शहर में बढ़ा 12.90 वर्ग किमी हरियाली क्षेत्र, चार साल में रोपे गए दो करोड़ से अधिक पाैध
Mon, 07 Jul 2025 03:02 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 07 Jul 2025 03:02 PM IST
सार
आगरा में हरियाली क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले चार वर्षों में दो करोड़ से अधिक पाैधे रोपे गए हैं।
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संजय प्लेस आगरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार, आगरा मंडल में वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है। जिले का वन क्षेत्र 0.32 प्रतिशत बढ़कर 6.82 प्रतिशत हो गया है। क्षेत्रफल के लिहाज से यह 274.73 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है। आगरा में हरियाली क्षेत्र में कुल 12.90 वर्ग किलोमीटर या लगभग 3186 एकड़ की वृद्धि हुई है।
वन संरक्षक आगरा वृत्त डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में विभाग ने दूसरे सरकारी विभागों के साथ मिलकर आगरा जनपद में 2 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए हैं। 2025 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। साल 2017 में वन क्षेत्र 6.73 प्रतिशत था, जो 2024 की रिपोर्ट में बढ़कर 6.82 प्रतिशत हो गया।
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वन संरक्षक आगरा वृत्त डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि पिछले चार वर्षों में विभाग ने दूसरे सरकारी विभागों के साथ मिलकर आगरा जनपद में 2 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए हैं। 2025 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। साल 2017 में वन क्षेत्र 6.73 प्रतिशत था, जो 2024 की रिपोर्ट में बढ़कर 6.82 प्रतिशत हो गया।
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आगरा का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 4027.03 वर्ग किमी है। 2021 में यहां 261.83 वर्ग किमी वन क्षेत्र था, जो 2023 में बढ़कर 274.73 वर्ग किमी हो गया है। मथुरा में भी वन क्षेत्र 50.23 से बढ़कर 53.34 वर्ग किमी हो गया है। यहां 3.11 वर्ग किमी हरियाली बढ़ी है। फिरोजाबाद में 58.85 वर्ग किमी से बढ़कर 60.97 वर्ग किमी वन क्षेत्र हुआ है, जो 2.12 वर्ग किमी की वृद्धि है। मैनपुरी में भी 1.47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शासन ने कई अभियान भी चलाए हैं, जिनका असर दिखा है।
सौभरि वन बनेगा एशिया का सबसे बड़ा शहरी वन
पर्यावरण संरक्षण की इस कड़ी में भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली ‘सौभरि वन’ एशिया का सबसे बड़ा शहरी वन बनने जा रहा है। वन विभाग ने इसे बनाने की कवायद तेज कर दी है। 153 हेक्टेयर में फैले इस वन में विभिन्न प्रजातियों के 26 प्रकार के पौधे लगाए जा रहे हैं। करीब 15 हेक्टेयर का रकबा पौधरोपण के लिए बचा है। उत्तर प्रदेश अब एक स्वस्थ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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