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कातिल दादी: गुब्बारा देकर बहलाया, पकौड़े खिलाकर पुचकारा; फिर मासूम पोते को दी ऐसी मौत... सुनकर सिहर उठे लोग
Thu, 19 Sep 2024 12:01 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Sep 2024 12:01 PM IST
सार
दादी ने पहले गुब्बारा देकर बहलाया। फिर पकौड़े खिलाकर पुचकारा। इसके बाद में मासूम पोते को ऐसी मौत दी, जिसे सुनकर लोग सिहर उठे।
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बिलखते परिजन, आरोपी दादी और उसका भाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश आगरा में पांच साल के मुन्नू उर्फ मयंक के अपहरण का ताना-बाना रिश्ते की दादी ने एक महीने पहले बुना था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि उसका भाई कामकाज नहीं करता है। उसकी बीमाप पत्नी का इलाज कराना था। भाई की मदद के लिए बहन अपहरण कर फिरौती के लिए तैयार हो गईं।
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इसके बाद नींद की गोली ले आई। घटना वाले दिन बालक को पहले गुब्बारे दिए। दोबारा पकौड़े खिलाए। पानी में नींद की गोलियां मिलाकर दीं। बच्चे के होश में नहीं आने पर पानी में फेंक दिया था। इस वारदात के बाद दोनों भाई-बहन से परिवार के लोगों ने भी रिश्ता तोड़ लिया है।
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घटना बरहन के आमानाबाद (करनाऊ) की है। यहां के रहने वाले संजय शर्मा के बेटे मुन्नू का 14 सितंबर को अपहरण हुआ था। 16 सितंबर को सहपऊ रजवाहा में शव मिला था। मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया था। धाधऊ, सहपऊ, हाथरस निवासी ललित और उसकी बहन आमानाबाद निवासी कल्पना को गिरफ्तार किया।
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डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार ने बताया कि कल्पना संजय की रिश्ते की चाची है। इस कारण उनके घर पर आना-जाना था। कल्पना का भाई ललित कोई काम नहीं करता है। कल्पना के पति शिक्षक हैं। वह उसके भाई की मदद नहीं कर रहे थे।
कल्पना को पता था कि संजय के पिता सूबेदार वर्ष 2020 में सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें फंड की रकम मिली है। वह जमीन खरीदने की योजना बना रहे है। भाई ने मुन्नू का अपहरण कर 15 लाख रुपये वसूलने का प्लान बनाया। उन्हें लग रहा था कि बेटे के अपहरण की सुनकर वो डर के कारण रुपये दे देंगे।
एक माह पहले ललित दे गया था नींद की गोलियां
डीसीपी ने बताया कि एक महीने पहले ललित बहन के घर आया था। उसे नींद की गोलियां देकर गया था। वहीं कल्पना भी मुन्नू को खिलाने के लिए अक्सर घर जाने लगी। इससे वह उसे आसानी से अपहरण करके ले। शनिवार को ललित मुन्नू के लिए गुब्बारे लाया। बाहर खेलते समय उसे गुब्बारे दे दिए।
मुन्नू बाबा के पास चला गया। कुछ देर बाद फिर से बाहर आया तो साजिश के तहत कल्पना ने घर में बुलाया। उसे खाने के लिए पकौड़े दे दिए। इन्हें खाने के बाद पानी में नींद की छह गोलियां दीं। मगर, वो बेहोश नहीं हुआ। बाद में चार और खिला दीं, जिससे वो पांच मिनट बाद ही बेहोश हो गया।
कल्पना ने तीन बच्चों को भेज दिया था बाजार
कल्पना का छह साल का बेटा है। वह घर में ही था। उसे मोमोज लाने बाजार भेज दिया था। 10 मिनट बाद लौटा। तब तक आरोपी मुन्नू को कमरे में बंद कर चुके थे। ललित उसे लेकर जाने के लिए माैके की तलाश में था। बाद में कल्पना के दो और बच्चे ट्यूशन पढ़कर आ गए। इस पर दोनों घबरा गए।
उन्होंने तीनों को बाजार भेज दिया। उनके जाते ही ललित मुन्नू को एक प्लास्टिक के बोरे में बाइक से ले गया। घर पहुंचने पर भी मुन्नू को होश नहीं आया। वो घबरा गया और उसे घर से 17 किलोमीटर दूर रजवाहा में फेंक आया। तब तक पुलिस को भी सूचना नहीं लगी थी।
कलंकित कर दिया रिश्ता
रिश्ते की दादी और उसके भाई का सच सामने आने के बाद लोग दोनों को कोस रहे थे। यही कह रहे थे कि मदद चाहिए थी तो परिवार से बोल देते। मुन्नू की जान क्यों ली, जबकि दोनों के भी 3-3 बच्चे हैं। छोटे बेटे छह साल के हैं। कल्पना के पति रूप किशोर भी पत्नी की हरकत से सन्न हैं।
उनका कहना था कि पत्नी ने जो किया, उसकी सजा मिलनी चाहिए। वह उससे मिलने थाने तक भी नहीं गए। उधर, बच्चे के दादा सूबेदार का कहना है कि कभी सोचा भी नहीं था कि नाती का हत्यारोपी कोई अपना ही निकलेगा। कल्पना अक्सर घर आती थी। मुन्नू को खिलाती थी।
बरहन थानाध्यक्ष बरहन उदयवीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस द्वारा कल्पना को पूछताछ के लिए बुलाने का परिजनों ने विरोध किया था। परिजनों का कहना था कि पुलिस घर के लोगों पर ही शक कर रही है। जबकि वह ऐसा नहीं कर सकते। मगर, जब राजफाश हुआ तो सभी हैरानी में पड़ गए।
इधर, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मुन्नू को शनिवार रात ललित अपने गांव ले गया था। वहां उसे एक खेत में बेहोशी की हालत में डाल दिया था। अगले दिन सहपउ रजवाह में फेंका था। इधर, पीडि़त परिवार को सांत्वना देने वालों का दो दिन से तांता लग रहा है।