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पैसों के भूखे भेड़िये: दादी ने रची कहानी, पांच साल के पोते को दी रूह कंपाने वाली मौत; कबूलनामा सुन सिहर गए लोग
Wed, 18 Sep 2024 03:49 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 18 Sep 2024 03:49 PM IST
सार
ताजनगरी में दादी ने कहानी रची। फिर भाई के साथ मिलकर पांच साल के पोते का अपहरण कर लिया। वह पहचान गया तो उसकी हत्या कर दी। कबूलनामा सुनकर लोग सिहर उठे।
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आरोपी दादी कल्पना शर्मा
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में पांच वर्ष के बालक का अपहरण 15 लाख रुपये फिरौती में वसूलने के लिए रिश्ते की दादी कल्पना शर्मा (मृतक के पिता की चाची) ने अपने भाई ललित के साथ किया था। घर के बाहर खेलते मुन्नू को बहाने से बुलाने के बाद पानी में नींद की 10 गालियां मिलाकर पिला दीं। बेहोश होने पर भाई बोरे में बाइक से उसे अपने गांव ले गया। मगर, मुन्नू को होश नहीं आया।
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घटना बरहन थाना क्षेत्र के आमानाबाद (कनराऊ) गांव की है। पकड़े जाने के डर की वजह से आरोपी उसे सहपऊ रजवाहा में जिंदा फेंक आया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। दोनों रकम से अपने खर्च पूरे करना चाहते थे। सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा होने पर हर कोई सन्न रह गया। रिश्तेदार महिला और उसका भाई ऐसा कर देंगे, यह किसी ने सोचा भी नहीं था।
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आमानाबाद निवासी मयंक का शनिवार शाम 4 बजे अपहरण हुआ था। सोमवार दोपहर में उसका शव सहपऊ रजवाहा में मिला था। पोस्टमार्टम में मौत की वजह पानी में डूबने से आई थी। परिजन ने एक पड़ोसी पर शक जताया था। वह फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। घटना के हर पहलू पर जांच में जुटी थी। जिस तरह से हत्या की गई, इससे उसकी रंजिश में हत्या नहीं लग रही थी।
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सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से मिला सुराग
डीसीपी पश्चिमी जोन सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने गांव में घटना वाले दिन बाहर से आने और जाने वालों की जानकारी जुटाई। पता चला कि मुन्नू के पिता संजय की रिश्ते की चाची कल्पना का घर पास में ही है। उनका भाई ललित हाथरस के सहपऊ स्थित धाधऊ गांव का रहने वाला है। वह घटना वाले दिन बहन के घर आया था। पुलिस ने ललित के बारे में जानकारी की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले। गांव के रास्ते पर लगे कैमरे में वो कैद हो गया।
वह गांव की तरफ खाली बाइक पर जाता नजर आया। मगर, लौटते समय बाइक पर एक बोरा लिए था। पुलिस ने ललित से पूछताछ की। वह गुमराह करने लगा। उससे पूछा था कि बोरे में क्या लेकर गया था। ललित ने कहा कि वह छोटा सिलिंडर लेकर गया था। मगर, बोरे में सिलिंडर की बात से पुलिस को शक हो गया। कल्पना से पूछताछ की गई। मृतक के परिवार के लोग आ गए। कहने लगे कि पुलिस परिजन को ही परेशान कर रही है। दोनों से पूछताछ करने पर अलग-अलग बयान सामने आए। मगर, सख्ती से पूछताछ पर सारा सच बता दिया।
सेवानिवृत्त होने पर दादा को फंड से मिली थी रकम
डीसीपी ने बताया कि आमानाबाद की कल्पना ने वारदात का ताना-बाना बुना था। उसके पति शिक्षक हैं। सोनभद्र में तैनाती है। पति को जानकारी नहीं थी। कल्पना संजय की रिश्ते की चाची लगती हैं। इस कारण उनके घर में आना-जाना था।
संजय के पिता सूबेदार शर्मा बीएसएनएल से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें सेवानिवृत्ति पर फंड मिला था। इसकी भनक कल्पना को थी। वह भाई के लिए रकम जुटाना चाहती थी। इसलिए मुन्नू के अपहरण की योजना बनाई। उसे उम्मीद थी कि उसके पिता 10 से 15 लाख रुपये फिरौती में दे देंगे।
इशारे से बुलाया, पानी में दे दीं नींद की गोलियां
उन्होंने मुन्नू को खेलते समय इशारा कर अपने घर में बुलाया। गोद में दुलार करने के बहाने बैठाकर पानी पिलाया। इसमें नींद की 10 गोलियां मिला दी थी, जिससे मुन्नू बेहोश हो गया। ललित घर आ गया। बोरे में मुन्नू को बंद कर बाइक पर ले गया। वह अपने घर पहुंचा। तब तक बच्चे की तलाश भी शुरू हो गया।
मुन्नू कुछ बोल नहीं रहा था। उसे होश नहीं आया। इस पर ललित घबरा गया। उसे पकड़े जाने का डर था। मुन्नू को बाइक से सहपऊ रजवाहा पर लेकर आया। उसे जिंदा ही फेंककर भाग गया। इस बारे में उसने कल्पना को भी बताया। ललित का कहना था कि रकम मिलने पर वह आधी बहन को भी देता।