{"_id":"68fc3e59564496f557075ddc","slug":"gram-panchayat-member-dies-under-suspicious-circumstances-family-alleges-hospital-negligence-2025-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: ग्राम पंचायत सदस्य की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा; इलाज में लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: ग्राम पंचायत सदस्य की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा; इलाज में लापरवाही का आरोप
Sat, 25 Oct 2025 08:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 25 Oct 2025 08:34 AM IST
सार
इलाज के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर हंगामा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा की रहनकलां ग्राम पंचायत के सदस्य और मजदूर नारायण सिंह (38) की इलाज के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने कुबेरपुर स्थित एक हॉस्पिटल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक के परिजनों के अनुसार नारायण सिंह को अचानक बेचैनी होने पर उन्हें देर शाम अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई और कुछ दवाएं बाहर से लाने को कहा। आरोप है कि दवा देने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से पहले 5 हजार रुपये फीस के रूप में वसूले, लेकिन उचित उपचार नहीं दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल के हंगामें की सूचना पर छलेसर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को चौकी ले गई।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, अस्पताल संचालक डीपी यादव का कहना है कि परिजन मरीज को गंभीर हालत में लेकर आए थे। मरीज अस्पताल में मात्र दस मिनट तक ही रुका, उसके बाद उसकी मौत हो गई। फीस वसूले जाने के आरोप गलत ठहराया है। रहनकला के प्रधानपति केशव वर्मा ने बताया कि मृतक वर्तमान में ग्राम पंचायत सदस्य है।
विज्ञापन
मृतक के पीछे सात बच्चे हैं। विनीता (18), भारत (16), देवेश (14), विक्रम (12), सुदामा (7), रोशनी (6) और नंदनी (4)। परिवार में मातम पसरा है।
विज्ञापन
मृतक के परिजनों के अनुसार नारायण सिंह को अचानक बेचैनी होने पर उन्हें देर शाम अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने ऑक्सीजन लगाई और कुछ दवाएं बाहर से लाने को कहा। आरोप है कि दवा देने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से पहले 5 हजार रुपये फीस के रूप में वसूले, लेकिन उचित उपचार नहीं दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल के हंगामें की सूचना पर छलेसर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को चौकी ले गई।
विज्ञापन
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, अस्पताल संचालक डीपी यादव का कहना है कि परिजन मरीज को गंभीर हालत में लेकर आए थे। मरीज अस्पताल में मात्र दस मिनट तक ही रुका, उसके बाद उसकी मौत हो गई। फीस वसूले जाने के आरोप गलत ठहराया है। रहनकला के प्रधानपति केशव वर्मा ने बताया कि मृतक वर्तमान में ग्राम पंचायत सदस्य है।
विज्ञापन
मृतक के पीछे सात बच्चे हैं। विनीता (18), भारत (16), देवेश (14), विक्रम (12), सुदामा (7), रोशनी (6) और नंदनी (4)। परिवार में मातम पसरा है।