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गांवों में जमीन का विवाद निपटाएगी सरकार, आगरा में इतने गांव चिह्नित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 10 Jan 2018 06:07 PM IST
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जमीन का विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 167 गांवों को जमीन विवादों से मुक्त कराने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सबसे अधिक गांव बाह तहसील अंतर्गत के हैं। शासन के निर्देश पर गठित टीमों ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है।
श्रावस्ती मॉडल के आधार पर भूमि विवादों के निस्तारण के लिए शासन स्तर से आदेश जारी किया गया था। इसके लिए जिले में तहसीलवार गांवों की सूची तैयार कर ली गई है। शुरुआत में 167 गांव चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में अभियान की तारीख भी तय कर दी गई हैं।
राजस्व निरीक्षक और उपनिरीक्षक के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी और विवादों का निस्तारण करेगी। श्रावस्ती मॉडल के तहत श्रावस्ती जिले के हर गांव में जमीन विवादों को निपटाया गया है। तहसील की टीमों ने यहां मौके पर पहुंचकर शिकायतों का निस्तारण कराया था। यह व्यवस्था अब पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
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शासनादेश पर जिले में एक जनवरी से 31 मार्च तक के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गांवों का चयन आईजीआरएस पोर्टल पर की गई जमीन संबंधी शिकायतों के आधार पर किया गया है। इसी आधार पर प्राथमिकता तय की गई है। बता दें कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए थे।
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श्रावस्ती मॉडल के आधार पर भूमि विवादों के निस्तारण के लिए शासन स्तर से आदेश जारी किया गया था। इसके लिए जिले में तहसीलवार गांवों की सूची तैयार कर ली गई है। शुरुआत में 167 गांव चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में अभियान की तारीख भी तय कर दी गई हैं।
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राजस्व निरीक्षक और उपनिरीक्षक के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी और विवादों का निस्तारण करेगी। श्रावस्ती मॉडल के तहत श्रावस्ती जिले के हर गांव में जमीन विवादों को निपटाया गया है। तहसील की टीमों ने यहां मौके पर पहुंचकर शिकायतों का निस्तारण कराया था। यह व्यवस्था अब पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
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शासनादेश पर जिले में एक जनवरी से 31 मार्च तक के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गांवों का चयन आईजीआरएस पोर्टल पर की गई जमीन संबंधी शिकायतों के आधार पर किया गया है। इसी आधार पर प्राथमिकता तय की गई है। बता दें कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए थे।
शासन करेगा समीक्षा
इसके तहत विभिन्न विभागों ने अपनी-अपनी जमीनें चिह्नित कर अभियान चलाया था। हालांकि यह अभियान अभी पूरा नहीं हो पाया है। इस पर भी कवायद चल रही है। विवाद रहित गांवों की समीक्षा समय-समय पर शासन स्तर से भी की जाएगी। इसलिए स्थानीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस तहसील में सबसे ज्यादा गांव
35 गांव बाह तहसील अंतर्गत चिह्नित किए गए
33 गांव किरावली तहसील अंतर्गत चिह्नित हुए
32 गांव फतेहाबाद तहसील में चिह्नित किए गए
31 गांव सदर तहसील अंतर्गत चिह्नित किए गए
इस तहसील में सबसे ज्यादा गांव
35 गांव बाह तहसील अंतर्गत चिह्नित किए गए
33 गांव किरावली तहसील अंतर्गत चिह्नित हुए
32 गांव फतेहाबाद तहसील में चिह्नित किए गए
31 गांव सदर तहसील अंतर्गत चिह्नित किए गए