{"_id":"62c3268d23b4ac03a6190269","slug":"good-news-now-patients-will-be-able-to-get-better-treatment-in-the-district-itself-kasganj-news-agr53906601","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: अब मरीजों को जिला में ही मिल सकेगा बेहतर इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: अब मरीजों को जिला में ही मिल सकेगा बेहतर इलाज
विज्ञापन
कासगंज का 100 शैया जिला चिकित्सालय।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। अब मरीजों को जिला में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। शासन ने जिला अस्पताल के लिए 13 नए चिकित्सक नियुक्त किए है। जबकि तीन चिकित्सकों का बाहरी जनपदों के लिए स्थानांतरण कर दिया गया है। जिससे जिले में अब 10 चिकित्सक बढ़ जाएंगे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के लिए 34 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन पांच चिकित्सकों के सहारे ही अभी तक मरीजों का इलाज किया जा रहा था। जिससे मरीजों को अपना इलाज कराने में काफी परेशानी होती थी। उनको इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से मरीजों को ऐसे इलाज के लिए बाहरी जनपदों पर निर्भर रहना पड़ता था। शासन ने प्रदेश भर में चिकित्सकों का जो स्थानांतरण किया है। उसमें जिला अस्पताल पर तैनात दो अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं एक नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक का बाहरी जनपद के लिए स्थानांतरण कर दिया गया है।
जबकि जिला अस्पताल के लिए 13 नये चिकित्सक नियुक्त किए गये हैं। जिले में सर्जन की कमी काफी समय से बनी हुई थी। जिससे मरीजों के सामने सबसे बड़ी समस्या आपरेशन को लेकर रहती थी। मरीजों को बाहरी जनपदों के लिए रेफर किया जाता था। दो सर्जन मिल जाने से आपरेशन कराने वाले मरीजों को अब जिले में ही यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
विज्ञापन
चिकित्सकों की तैनाती से यह होगी सुविधाएं
- दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए अभी तक ईएनटी चिकित्सक की कमी दूर होगी। ऐसे में दिव्यांगों को भी प्रमाणपत्र बनवाने में सुविधा
- अब महिलाओं को भी अपना इलाज कराने में आसानी हो जाएगी। अभी तक जिला अस्पताल पर एक महिला चिकित्सक ही तैनात थी।
- जिला अस्पताल में अभी तक एक बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ही तैनात थे, अब दो नये चिकित्सकों की तैनाती हुई है।
चिकित्सकों की उपलब्धता
सर्जन दो , अस्थि रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ दो - दो की संख्या में तैनात थे। जबकि एनेस्थीसिया, ईएनटी, पैथोलोजिस्ट एमडी एक - एक थे।
शासन ने जिला अस्पताल के लिए 13 चिकित्सकों की तैनाती किया है। जबकि तीन चिकित्सकों के स्थानांतरण गैर जनपद के लिये हुआ है।
डा. एसपी सिंह सिद्घू सीएमएस
विज्ञापन
जिला संयुक्त चिकित्सालय के लिए 34 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन पांच चिकित्सकों के सहारे ही अभी तक मरीजों का इलाज किया जा रहा था। जिससे मरीजों को अपना इलाज कराने में काफी परेशानी होती थी। उनको इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से मरीजों को ऐसे इलाज के लिए बाहरी जनपदों पर निर्भर रहना पड़ता था। शासन ने प्रदेश भर में चिकित्सकों का जो स्थानांतरण किया है। उसमें जिला अस्पताल पर तैनात दो अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं एक नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक का बाहरी जनपद के लिए स्थानांतरण कर दिया गया है।
विज्ञापन
जबकि जिला अस्पताल के लिए 13 नये चिकित्सक नियुक्त किए गये हैं। जिले में सर्जन की कमी काफी समय से बनी हुई थी। जिससे मरीजों के सामने सबसे बड़ी समस्या आपरेशन को लेकर रहती थी। मरीजों को बाहरी जनपदों के लिए रेफर किया जाता था। दो सर्जन मिल जाने से आपरेशन कराने वाले मरीजों को अब जिले में ही यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
विज्ञापन
चिकित्सकों की तैनाती से यह होगी सुविधाएं
- दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए अभी तक ईएनटी चिकित्सक की कमी दूर होगी। ऐसे में दिव्यांगों को भी प्रमाणपत्र बनवाने में सुविधा
- अब महिलाओं को भी अपना इलाज कराने में आसानी हो जाएगी। अभी तक जिला अस्पताल पर एक महिला चिकित्सक ही तैनात थी।
- जिला अस्पताल में अभी तक एक बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ही तैनात थे, अब दो नये चिकित्सकों की तैनाती हुई है।
चिकित्सकों की उपलब्धता
सर्जन दो , अस्थि रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ दो - दो की संख्या में तैनात थे। जबकि एनेस्थीसिया, ईएनटी, पैथोलोजिस्ट एमडी एक - एक थे।
शासन ने जिला अस्पताल के लिए 13 चिकित्सकों की तैनाती किया है। जबकि तीन चिकित्सकों के स्थानांतरण गैर जनपद के लिये हुआ है।
डा. एसपी सिंह सिद्घू सीएमएस