{"_id":"59ca6f0f4f1c1bb8538b48c3","slug":"gold-medalist-student-suicide-mourns-everyone-in-mathura-veterinary-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दीक्षांत समारोह में पुकारा गया गोल्ड मेडल के लिए नाम, विजेता के बारे में ये सुनकर रोया हर कोई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीक्षांत समारोह में पुकारा गया गोल्ड मेडल के लिए नाम, विजेता के बारे में ये सुनकर रोया हर कोई
amarujala.com- Presented by: संकल्प दुबे
Updated Wed, 27 Sep 2017 06:19 AM IST
विज्ञापन
दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान, मथुरा (यूपी वेटरनेरी विश्वविद्यालय) का सातवां दीक्षांत समारोह, यह सुनकर मन में एक खुशी के लम्हे का चित्र बनाया जा सकता है।
लेकिन, इसी खुशी के लम्हों में एक पल ऐसा भी आया जब दीक्षांत समारोह में बैठे लोग अपनी आंखों में आंसू ले आए। आते भी क्यों न, बात तो खुशी की थी लेकिन उसके साथ जुड़ा गम विवि के छात्रों और अध्यापकों को गमगीन कर गया।
दरअसल, यूपी वेटरनेरी विवि के सातवें दीक्षांत समारोह में एमवीएससी के छात्र अचिंत्य का नाम गोल्ड मेडल के लिए पुकारा गया। इसके साथ ही उद्घोषक ने रुंधे गले से यह भी बताया कि अचिंत्य अब इस दुनिया में नहीं है।
विज्ञापन
बताया गया है कि कर्नाटक का रहने वाला होनहार छात्र अचिंत्य अपनी पढ़ाई पूरी करके घर चला गया था। उसकी आत्महत्या की जानकारी विवि को परिवारीजनों से मिली। विवि के शिक्षक और उसके साथी यह सुनकर काफी हैरान हुए। हालांकि, इसके अलावा कोई और जानकारी उन्हें नहीं मिल सकी। दीक्षांत समारोह में मेडल लेने के लिए उसके परिवार का कोई सदस्य भी नहीं आया।
विज्ञापन
लेकिन, इसी खुशी के लम्हों में एक पल ऐसा भी आया जब दीक्षांत समारोह में बैठे लोग अपनी आंखों में आंसू ले आए। आते भी क्यों न, बात तो खुशी की थी लेकिन उसके साथ जुड़ा गम विवि के छात्रों और अध्यापकों को गमगीन कर गया।
विज्ञापन
दरअसल, यूपी वेटरनेरी विवि के सातवें दीक्षांत समारोह में एमवीएससी के छात्र अचिंत्य का नाम गोल्ड मेडल के लिए पुकारा गया। इसके साथ ही उद्घोषक ने रुंधे गले से यह भी बताया कि अचिंत्य अब इस दुनिया में नहीं है।
विज्ञापन
बताया गया है कि कर्नाटक का रहने वाला होनहार छात्र अचिंत्य अपनी पढ़ाई पूरी करके घर चला गया था। उसकी आत्महत्या की जानकारी विवि को परिवारीजनों से मिली। विवि के शिक्षक और उसके साथी यह सुनकर काफी हैरान हुए। हालांकि, इसके अलावा कोई और जानकारी उन्हें नहीं मिल सकी। दीक्षांत समारोह में मेडल लेने के लिए उसके परिवार का कोई सदस्य भी नहीं आया।
अपाहिज पिल्ले को दिया था नया जीवन
वेटरनेरी विवि के सर्जरी एंड रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डा. आरपी पांडेय ने बताया कि अचिंत्य का जाना हमारे और वेटरनेरी जगत के लिए बड़ी छति है। क्रिएटिव होने के साथ वह छात्र काफी भावुक था। जानवरों के लिए तो उसका प्रेम ऐसा था कि विवि में एक बार एक अपाहित पिल्ले को इलाज के लिए लाया गया।
उसके मालिक पिल्ले को छोड़ गए। अचिंत्य ने उस पिल्ले को अपनाया और उसके लिए ऐसी गाड़ी बनाई जिसकी मदद से वह आसानी से चल सके। इससे उस जानवर को नया जीवन मिल गया। हम सभी ने उसे भोली नाम भी दिया।
डा. आरपी पांडेय ने बताया कि विवि से जाने के बाद अचिंत्य को अपने पसंद की नौकरी भी मिल गई थी। वह हैदराबाद में होने वाली एक कांफ्रेंस में भाग लेने वाला था कि अचानक उसकी मृत्यु की खबर ने हमें झकझोर दिया।
उसके मालिक पिल्ले को छोड़ गए। अचिंत्य ने उस पिल्ले को अपनाया और उसके लिए ऐसी गाड़ी बनाई जिसकी मदद से वह आसानी से चल सके। इससे उस जानवर को नया जीवन मिल गया। हम सभी ने उसे भोली नाम भी दिया।
डा. आरपी पांडेय ने बताया कि विवि से जाने के बाद अचिंत्य को अपने पसंद की नौकरी भी मिल गई थी। वह हैदराबाद में होने वाली एक कांफ्रेंस में भाग लेने वाला था कि अचानक उसकी मृत्यु की खबर ने हमें झकझोर दिया।
फेसबुक-व्हाट्सएप सब बंद
डा. आरपी पांडेय ने बताया कि विवि में रहने के दौरान अचिंत्य से कभी कोई शिकायत उसके दोस्तों और शिक्षकों को नहीं रही। हालांकि वह काफी अंतर्मुखी था। उसकी मौत की खबर मिलते ही हमने उसका व्हाट्सएप और फेसबुक अकाउंट चेक किया लेकिन ये दोनों ही अकाउंट डिलीट हो चुके थे।