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परेशानी : भाड़ा अनुदान के लिए दो साल से भटक रही सुहागनगरी की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री
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फिरोजाबाद। शहर के निर्यातकों ने गेटवे पोर्ट तक उत्पादों को पहुंचाने पर मिलने वाले लंबित मालभाड़ा भुगतान की मांग की है। कुल 26 निर्यात इकाईयों ने करीब दो करोड़ नौ लाख रुपये के दावे जिला के उद्योग विभाग को प्रस्तुत किए। दो वर्ष से लंबित मालभाड़ा अनुदान के हस्तांतरण के लिए प्रमुख निर्यातकों ने यह मामला जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया जा चुका है।
गेटवे पोर्ट तक कांच उत्पादों को पहुंचाने में लगने वाले कुल मालभाड़े पर शासन द्वारा निर्यातकों को 25 प्रतिशत अधिकतम प्रति कंटेनर छह हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। एक निर्यात इकाई वर्ष में अधिकतम 12 लाख रुपये माल तक भाड़ा अनुदान यानि फ्रेट सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है। कोरोना संक्रमण से जूझ रहीं 26 कांच निर्यात इकाइयों को वित्तीय वर्ष 2019-20 व 2020-21 में विदेशों को निर्यात कांच उत्पादों पर मिलने वाले मालभाड़ा अनुदान नहीं दिया गया है।
कांच निर्यातकों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार शासन-प्रशासन को इस आशय के पत्र एवं अनुरोध किया गया। योजना का लाभ नहीं मिलने की स्थिति में उपरोक्त सभी इकाईयों की ओर से यह मुद्दा जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी उठा। 26 कांच इकाईयों ने दो वित्तीय वर्ष में कुल दो करोड़ 9,88,790 रुपये लंबित अनुदान के दावे उद्योग विभाग को प्रेषित किए हैं। कोरोना काल में मंदी की मार से जूझ रही शहर की एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज को मालभाड़ा पर मिलने वाले अनुदान भी बड़ा सहारा देगी लेकिन कई बार पत्राचार के बाद भी उक्त अनुदान का लाभ नहीं मिला है। -मुकेश बंसल टोनी अध्यक्ष ग्लास मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन
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कांच निर्यातकों को मिलने वाले मालभाड़ा अनुुदान का लाभ दिलाने के लिए शासन स्तर पर पहल की जा रही है। उक्त लंबित मालभाड़ा अनुदान का भुगतान जल्द कराया जाएगा। -अमरेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग
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गेटवे पोर्ट तक कांच उत्पादों को पहुंचाने में लगने वाले कुल मालभाड़े पर शासन द्वारा निर्यातकों को 25 प्रतिशत अधिकतम प्रति कंटेनर छह हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। एक निर्यात इकाई वर्ष में अधिकतम 12 लाख रुपये माल तक भाड़ा अनुदान यानि फ्रेट सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है। कोरोना संक्रमण से जूझ रहीं 26 कांच निर्यात इकाइयों को वित्तीय वर्ष 2019-20 व 2020-21 में विदेशों को निर्यात कांच उत्पादों पर मिलने वाले मालभाड़ा अनुदान नहीं दिया गया है।
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कांच निर्यातकों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार शासन-प्रशासन को इस आशय के पत्र एवं अनुरोध किया गया। योजना का लाभ नहीं मिलने की स्थिति में उपरोक्त सभी इकाईयों की ओर से यह मुद्दा जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी उठा। 26 कांच इकाईयों ने दो वित्तीय वर्ष में कुल दो करोड़ 9,88,790 रुपये लंबित अनुदान के दावे उद्योग विभाग को प्रेषित किए हैं। कोरोना काल में मंदी की मार से जूझ रही शहर की एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज को मालभाड़ा पर मिलने वाले अनुदान भी बड़ा सहारा देगी लेकिन कई बार पत्राचार के बाद भी उक्त अनुदान का लाभ नहीं मिला है। -मुकेश बंसल टोनी अध्यक्ष ग्लास मैन्यूफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन
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कांच निर्यातकों को मिलने वाले मालभाड़ा अनुुदान का लाभ दिलाने के लिए शासन स्तर पर पहल की जा रही है। उक्त लंबित मालभाड़ा अनुदान का भुगतान जल्द कराया जाएगा। -अमरेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग