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Agra: गर्लफ्रेंड को देना था मोबाइल, तो किसी को खरीदनी थी पिता की दवा, ऐसे बन गए लुटेरे
Thu, 15 Feb 2024 09:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 15 Feb 2024 09:13 PM IST
सार
पुलिस ने ऐसे लुटेरे गैंग को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिक भी है। पूछताछ में किसी ने बताया कि वैलेंटाइन डे पर गर्लफ्रेंडों को मोबाइल देने के लिए लूट की थी। तो वहीं एक ने बताया कि पिता की दवा खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, इसिलए ये रास्ता अपनाया।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा की एत्माद्दौला पुलिस ने बाइकर्स गैंग के नाबालिक सहित पांच लूटेरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पांच मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इनमें से दो आरोपी वैलेंटाइन डे पर गर्लफ्रेंड को मोबाइल गिफ्ट देने के लिए, एक पिता का इलाज कराने के लिए और बाकी बाइक की किस्त अदा करने के लिए लूट करते थे।
एत्माद्दौला थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार रात को टोरंट कार्यालय के पास मोबाइल लूटने की लिए खड़े नुनिहाई के जैन मंदिर वाली गली निवासी जितेश, नरायच निवासी देव प्रजापति और एक नाबालिक को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशान देही पर लूट के उनसे लेकर बाजार में बेचने वाले उनके साथी ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी कुनाल और विवेक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब लूट का सामान खरीदने वाले दुकानदारों की पहचान के प्रयास में लगी है।
ऐसे देते थे घटना को अंजाम
देव और जितेश दोनों क्षेत्र के हिसाब से बाइक चलाते थे। नाबालिक दोस्त पीछे बैठता था। शाम होते ही तीनों सुनसान रास्तों पर निकल पड़ते। रास्ते में मोबाइल पर बात करते जो मिलता उससे लूट कर भाग जाते। हाथ से मोबाइल छीनने का काम पीछे बैठा नाबिलक करता था। बाइक पर नंबर प्लेट ना होने की वजह से पकड़ में नहीं आते थे।
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इसलिए बने लुटेरे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दो आरोपियों ने बताया कि गर्लफ्रेंड मोबाइल की मांग कर रही थीं। रुपये ना होने की वजह से कई बार उसके सामने शर्मिंदा भी होना पड़ा। छह महीने पहले वादा कर दिया कि वैलेंटाइन डे पर अच्छा सा मोबाइल गिफ्ट करेंगे। इसके बाद उनकी इच्छा पूरी करने के लिए लूट करना शुरू कर दिया।
पिता के इलाज के लिए नहीं थे पैसे
इसके बाद उनसे एक और दोस्त मिला। उसके पास पिता का इलाज कराने के लिए रुपये नहीं थे। इस वजह से उसे भी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद लूटे हुए मोबाइलों को बेचने में समस्या आने लगी। इस दौरान उन तीनों की मुलाकात कुनाल और विवेक से हुई। उन्हें बाइक की किस्त जमा करने के लिए रुपयों की हर महीने जरूरत पड़ती थी। उन्होंने लूट के मोबाइल राहगीर और दुकानदारों को मजबूरी का बहाना बनाकर बेचना शुरू कर दिया।
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एत्माद्दौला थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार रात को टोरंट कार्यालय के पास मोबाइल लूटने की लिए खड़े नुनिहाई के जैन मंदिर वाली गली निवासी जितेश, नरायच निवासी देव प्रजापति और एक नाबालिक को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशान देही पर लूट के उनसे लेकर बाजार में बेचने वाले उनके साथी ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी कुनाल और विवेक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब लूट का सामान खरीदने वाले दुकानदारों की पहचान के प्रयास में लगी है।
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ऐसे देते थे घटना को अंजाम
देव और जितेश दोनों क्षेत्र के हिसाब से बाइक चलाते थे। नाबालिक दोस्त पीछे बैठता था। शाम होते ही तीनों सुनसान रास्तों पर निकल पड़ते। रास्ते में मोबाइल पर बात करते जो मिलता उससे लूट कर भाग जाते। हाथ से मोबाइल छीनने का काम पीछे बैठा नाबिलक करता था। बाइक पर नंबर प्लेट ना होने की वजह से पकड़ में नहीं आते थे।
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इसलिए बने लुटेरे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दो आरोपियों ने बताया कि गर्लफ्रेंड मोबाइल की मांग कर रही थीं। रुपये ना होने की वजह से कई बार उसके सामने शर्मिंदा भी होना पड़ा। छह महीने पहले वादा कर दिया कि वैलेंटाइन डे पर अच्छा सा मोबाइल गिफ्ट करेंगे। इसके बाद उनकी इच्छा पूरी करने के लिए लूट करना शुरू कर दिया।
पिता के इलाज के लिए नहीं थे पैसे
इसके बाद उनसे एक और दोस्त मिला। उसके पास पिता का इलाज कराने के लिए रुपये नहीं थे। इस वजह से उसे भी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद लूटे हुए मोबाइलों को बेचने में समस्या आने लगी। इस दौरान उन तीनों की मुलाकात कुनाल और विवेक से हुई। उन्हें बाइक की किस्त जमा करने के लिए रुपयों की हर महीने जरूरत पड़ती थी। उन्होंने लूट के मोबाइल राहगीर और दुकानदारों को मजबूरी का बहाना बनाकर बेचना शुरू कर दिया।