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आगराः गायत्री बिल्डर के निदेशक हरिओम दीक्षित को पत्नी सहित जेल भेजा
Sat, 03 Oct 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 03 Oct 2020 12:10 AM IST
सार
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि उनके थाने में बिल्डर हरिओम दीक्षित के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें 25 पीड़ितों ने फ्लैट की बुकिंग करके रुपये लेने का आरोप लगाया है। 10 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। यह सभी
मुकदमे वर्ष 2019 के हैं। इनमें कार्रवाई चल रही थी।
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कल्याणी दीक्षित, हरिओम दीक्षित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
थाना हरीपर्वत पुलिस ने गायत्री डेवलपवेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्याणी दीक्षित को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उनके खिलाफ पांच थानों में 12 मुकदमे दर्ज हैं। थाना हरीपर्वत में दर्ज चार मुकदमों में आरोपी बिल्डर और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की गई थी। अब पुलिस को आरोपी बिल्डर के भाई देवेंद्र दीक्षित की तलाश है।
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 121 स्थित क्लियो काउंटी निवासी हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्याणी दीक्षित के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें अपने प्रोजेक्ट में फ्लैट और प्लाट की बुकिंग करके रुपये लेने और कब्जा नहीं देने के आरोप थे। पुलिस आरोपी बिल्डर की तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह नोएडा में रहने लगा।
ये भी पढ़ें- हनीमून पर डॉक्टर पति का खुला 'राज', पत्नी ने बुला ली पुलिस, अब थाने में दर्ज कराया मुकदमा
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गुरुवार रात को पुलिस ने हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी को शास्त्रीपुरम स्थित मनहर गार्डन के कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। दोनों से रातभर थाना सिकंदरा में पूछताछ की गई। शुक्रवार शाम पांच बजे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। मूलरूप से मलपुरा के मिढ़ाकुर निवासी हरिओम दीक्षित गायत्री डेवलपवेल प्राइवेट लिमिटेड और कल्याणी दीक्षित मैसर्स कल्याणी स्ट्रक्चर एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक हैं।
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थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 121 स्थित क्लियो काउंटी निवासी हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्याणी दीक्षित के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें अपने प्रोजेक्ट में फ्लैट और प्लाट की बुकिंग करके रुपये लेने और कब्जा नहीं देने के आरोप थे। पुलिस आरोपी बिल्डर की तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह नोएडा में रहने लगा।
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ये भी पढ़ें- हनीमून पर डॉक्टर पति का खुला 'राज', पत्नी ने बुला ली पुलिस, अब थाने में दर्ज कराया मुकदमा
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गुरुवार रात को पुलिस ने हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी को शास्त्रीपुरम स्थित मनहर गार्डन के कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। दोनों से रातभर थाना सिकंदरा में पूछताछ की गई। शुक्रवार शाम पांच बजे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। मूलरूप से मलपुरा के मिढ़ाकुर निवासी हरिओम दीक्षित गायत्री डेवलपवेल प्राइवेट लिमिटेड और कल्याणी दीक्षित मैसर्स कल्याणी स्ट्रक्चर एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक हैं।
पांच थानों में 12 मुकदमे, 11 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि उनके थाने में बिल्डर हरिओम दीक्षित के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 25 पीड़ितों ने फ्लैट की बुकिंग करके रुपये लेने का आरोप लगाया है। 10 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। यह सभी मुकदमे वर्ष 2019 के हैं। इनमें कार्रवाई चल रही थी।
थाना हरीपर्वत में चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चार लोगों से फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। थाना ताजगंज, रकाबगंज और न्यू आगरा में भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें ताजगंज और रकाबगंज के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट भी लगाई जा चुकी है। अधिकारी अब इसकी जांच करा रहे हैं कि फाइनल रिपोर्ट क्यों लगी?
भाई और अन्य रिश्तेदार भी नामजद
इस साल थाना हरीपर्वत में जल निगम, झांसी में तैनात अभियंता वीरेंद्र पाल सिंह ने 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए हरिओम दीक्षित के भाई देवेंद्र दीक्षित, साली शिवानी चतुर्वेदी, सास राधा चतुर्वेदी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। दूसरा मुकदमा सरस्वती विहार सेवला निवासी कमलेश देवी ने 16 लाख की धोखाधड़ी का दर्ज कराया है। तीसरा मुकदमा वर्ष 2018 में नई दिल्ली निवासी देवेंद्र शाही ने 25 लाख की धोखाधड़ी और चौथा मुकदमा नई दिल्ली निवासी प्रवेश कुमार ने नौ लाख की धोखाधड़ी का दर्ज कराया। पुलिस अब सभी मुकदमों में आरोपी बिल्डर का रिमांड बनवाएगी। वांछित उसके भाई देवेंद्र की भी तलाश की जा रही है। इनमें करीब 72 लाख की धोखाधड़ी की गई है।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि उनके थाने में बिल्डर हरिओम दीक्षित के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 25 पीड़ितों ने फ्लैट की बुकिंग करके रुपये लेने का आरोप लगाया है। 10 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। यह सभी मुकदमे वर्ष 2019 के हैं। इनमें कार्रवाई चल रही थी।
थाना हरीपर्वत में चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चार लोगों से फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। थाना ताजगंज, रकाबगंज और न्यू आगरा में भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें ताजगंज और रकाबगंज के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट भी लगाई जा चुकी है। अधिकारी अब इसकी जांच करा रहे हैं कि फाइनल रिपोर्ट क्यों लगी?
भाई और अन्य रिश्तेदार भी नामजद
इस साल थाना हरीपर्वत में जल निगम, झांसी में तैनात अभियंता वीरेंद्र पाल सिंह ने 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए हरिओम दीक्षित के भाई देवेंद्र दीक्षित, साली शिवानी चतुर्वेदी, सास राधा चतुर्वेदी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। दूसरा मुकदमा सरस्वती विहार सेवला निवासी कमलेश देवी ने 16 लाख की धोखाधड़ी का दर्ज कराया है। तीसरा मुकदमा वर्ष 2018 में नई दिल्ली निवासी देवेंद्र शाही ने 25 लाख की धोखाधड़ी और चौथा मुकदमा नई दिल्ली निवासी प्रवेश कुमार ने नौ लाख की धोखाधड़ी का दर्ज कराया। पुलिस अब सभी मुकदमों में आरोपी बिल्डर का रिमांड बनवाएगी। वांछित उसके भाई देवेंद्र की भी तलाश की जा रही है। इनमें करीब 72 लाख की धोखाधड़ी की गई है।
क्यों नहीं लिए गैर जमानती वारंट?
बिल्डर के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक में भी गैर जमानती वारंट नहीं लिए गए। यह सवाल बना हुआ है। पुलिस अब तक क्या कर रही थी? जब आईजी ए सतीश गणेश ने अपनी बैठक में थाना प्रभारियों की क्लास ली, तब पुलिस हरकत में आई और फरार बिल्डर को पकड़ लिया गया।
पुलिस की लिस्ट में और भी नाम
कल्पतरू बिल्डटेक कार्पोरेशन लिमिटेड, कार्यालय एस-1, फ्रेंड्स टावर, द्वितीय तल संजय प्लेस के जय किशन राणा निवासी चुरमुरा, फरह, चंदनवन, मथुरा।
मैसर्स मंगलम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कावेरी हाउस, खंदारी के सतीश चाहर निवासी कावेरी गोल्ड, खंदारी।
मैसर्स राधारानी इंफ्रास्टेट प्राइवेट लिमिटेड, सिकंदरा के राधारानी चतुर्वेदी निवासी गायत्री मनहर गार्डन, शास्त्रीपुरम।
बिल्डर के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक में भी गैर जमानती वारंट नहीं लिए गए। यह सवाल बना हुआ है। पुलिस अब तक क्या कर रही थी? जब आईजी ए सतीश गणेश ने अपनी बैठक में थाना प्रभारियों की क्लास ली, तब पुलिस हरकत में आई और फरार बिल्डर को पकड़ लिया गया।
पुलिस की लिस्ट में और भी नाम
कल्पतरू बिल्डटेक कार्पोरेशन लिमिटेड, कार्यालय एस-1, फ्रेंड्स टावर, द्वितीय तल संजय प्लेस के जय किशन राणा निवासी चुरमुरा, फरह, चंदनवन, मथुरा।
मैसर्स मंगलम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कावेरी हाउस, खंदारी के सतीश चाहर निवासी कावेरी गोल्ड, खंदारी।
मैसर्स राधारानी इंफ्रास्टेट प्राइवेट लिमिटेड, सिकंदरा के राधारानी चतुर्वेदी निवासी गायत्री मनहर गार्डन, शास्त्रीपुरम।
59 फ्लैट पर बैंक ने किया कब्जा
. गायत्री डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2010 में दो कंपनी एडोर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स राधारानी प्राइवेट लिमिटेडकंपनी से दस हजार स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी। इसके बाद सिकंदरा क्षेत्र में अन्ना आइकोन रोड पर मनहर गार्डन सोसायटी के नाम से 200 फ्लैट तैयार किए। इसमें केनरा बैंक एमजी रोड से भी लोन लिया। बैंक ने तकरीबन 59 फ्लैट्स कब्जे में लिए हैं।
. मैसर्स कल्याणी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से शमसाबाद रोड पर वर्ष 2007 में गायत्री उपवन के नाम से छह बीघा जमीन खरीदकर प्लॉटिंग की गई।
. गायत्री हॉस्पिटेलिटी के माध्यम से नोएडा में गायत्री एडोरा के नाम से वर्ष 2010 में 36000 स्क्वायर फीट जमीन लेकर 1680 फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है।
. कृष्ण मयूरा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से वर्ष 2012 में रंगोली कॉलोनी में उच्च न्यायालय के नीलामी के दौरान आठ हजार स्क्वायर मीटर जमीन ली गई, जिस पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
. मनहर इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड के वर्ष 2015 से फतेहाबाद रोड पर गायत्री रिट्रीट नाम से प्रोजेक्ट में करीब 72 फ्लैट तैयार करके बेचे जा चुके हैं।
. गायत्री डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2010 में दो कंपनी एडोर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स राधारानी प्राइवेट लिमिटेडकंपनी से दस हजार स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी। इसके बाद सिकंदरा क्षेत्र में अन्ना आइकोन रोड पर मनहर गार्डन सोसायटी के नाम से 200 फ्लैट तैयार किए। इसमें केनरा बैंक एमजी रोड से भी लोन लिया। बैंक ने तकरीबन 59 फ्लैट्स कब्जे में लिए हैं।
. मैसर्स कल्याणी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से शमसाबाद रोड पर वर्ष 2007 में गायत्री उपवन के नाम से छह बीघा जमीन खरीदकर प्लॉटिंग की गई।
. गायत्री हॉस्पिटेलिटी के माध्यम से नोएडा में गायत्री एडोरा के नाम से वर्ष 2010 में 36000 स्क्वायर फीट जमीन लेकर 1680 फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है।
. कृष्ण मयूरा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से वर्ष 2012 में रंगोली कॉलोनी में उच्च न्यायालय के नीलामी के दौरान आठ हजार स्क्वायर मीटर जमीन ली गई, जिस पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है।
. मनहर इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड के वर्ष 2015 से फतेहाबाद रोड पर गायत्री रिट्रीट नाम से प्रोजेक्ट में करीब 72 फ्लैट तैयार करके बेचे जा चुके हैं।