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दुष्कर्म की आड़ में ये थे महिला के खतरनाक इरादे
क्राइम डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:43 PM IST
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गैंगरेप
- फोटो : डेमो पिक
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यूपी के अलीगढ़ हाईवे पर चलती बोलेरे में महिला के साथ गैंगरेप का मामला पुलिस की जांच में झूठा पाया गया है। साथ ही यह खुलासा हुआ है कि महिला ने यह केस पैसे लेकर दर्ज कराया था।
दअरसल, 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में जेल जा चुके आरोपियों ने महिला को 30 हजार रुपए एडवांस में दिए थे। 1.70 लाख रुपये चार्जशीट के बाद दिया जाना तय हुआ था।
इस एफआईआर में उन लोगों को नामजद कराया गया जिनके परिवार की बच्ची से रेप हुआ था। प्लान इन पर झूठे केस से दबाव बनाकर उस केस में समझौता कराने का था।
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दअरसल, 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के मामले में जेल जा चुके आरोपियों ने महिला को 30 हजार रुपए एडवांस में दिए थे। 1.70 लाख रुपये चार्जशीट के बाद दिया जाना तय हुआ था।
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इस एफआईआर में उन लोगों को नामजद कराया गया जिनके परिवार की बच्ची से रेप हुआ था। प्लान इन पर झूठे केस से दबाव बनाकर उस केस में समझौता कराने का था।
ये लोग थे साजिश में शामिल
पुलिस का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में एक और महिला शामिल है। उसने ही 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के आरोपी पक्ष से इस महिला की मुलाकात कराई थी। उसे भी पैसा मिला।
खंदौली थाना में रविवार रात दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया कि वारदात बोलेरे में हुई। जिस बोलेरे में गैंगरेप बताया गया, उसका चालक फिरोज भी साजिश में शामिल रहा। उसे 20 हजार रुपये लिए थे। इनके अलावा तीन और लोग हैं। कुल छह लोगों ने साजिश रची थी।
एसपी पश्चिमी अखिलेश नारायण ने बताया कि महिला की ओर से दर्ज केस खारिज किया जाएगा। जिन लोगों ने फर्जी केस दर्ज कराने की साजिश रची और फिर इसे दर्ज कराया, उन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
सभी पर कार्रवाई होगी। यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि यह मुकदमा 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में समझौता कराने के लिए दर्ज कराया गया था।
खंदौली थाना में रविवार रात दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया कि वारदात बोलेरे में हुई। जिस बोलेरे में गैंगरेप बताया गया, उसका चालक फिरोज भी साजिश में शामिल रहा। उसे 20 हजार रुपये लिए थे। इनके अलावा तीन और लोग हैं। कुल छह लोगों ने साजिश रची थी।
एसपी पश्चिमी अखिलेश नारायण ने बताया कि महिला की ओर से दर्ज केस खारिज किया जाएगा। जिन लोगों ने फर्जी केस दर्ज कराने की साजिश रची और फिर इसे दर्ज कराया, उन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
सभी पर कार्रवाई होगी। यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि यह मुकदमा 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में समझौता कराने के लिए दर्ज कराया गया था।
कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस फर्जीवाडे़ का खुलासा केस दर्ज कराने वाली महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल से हुआ। वह टैक्सी चालक और 13 साल की बच्ची से गैंगरेप के आरोपियों के संपर्क में पाई गई।
पुलिस ने पड़ताल की तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। सभी आरोपी चिन्हित कर लिए गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि गैंगरेप का केस दर्ज कराने के लिए ऐसी महिला को ढूंढा गया जिसे पैसे की सख्त जरूरत हो। इसके बाद उसे ट्रेनिंग दी गई।
उसे बताया गया कि पुलिस क्या-क्या सवाल कर सकती है और उनका क्या-क्या जवाब देना है। महिला ने बिल्कुल ऐसा ही किया भी।
पुलिस ने पड़ताल की तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। सभी आरोपी चिन्हित कर लिए गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि गैंगरेप का केस दर्ज कराने के लिए ऐसी महिला को ढूंढा गया जिसे पैसे की सख्त जरूरत हो। इसके बाद उसे ट्रेनिंग दी गई।
उसे बताया गया कि पुलिस क्या-क्या सवाल कर सकती है और उनका क्या-क्या जवाब देना है। महिला ने बिल्कुल ऐसा ही किया भी।