फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Freedom Fighter Burnt Barhan Railway Station Of Agra During August Kranti

अगस्त क्रांति: आगरा में क्रांतिकारियों ने फूंक दिया था बरहन स्टेशन, पढ़ें 14 अगस्त का इतिहास

Sat, 14 Aug 2021 11:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 14 Aug 2021 11:35 AM IST
सार

14 अगस्त 1942 की दोपहर सैकड़ों लोगों की भीड़ स्टेशन पहुंच गई और पूरे परिसर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना ने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया। 

विज्ञापन
Freedom Fighter Burnt Barhan Railway Station Of Agra During August Kranti
बरहन रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में जब अगस्त क्रांति की ज्वाला तेजी से धधक रही थी, तब अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का जवाब देने के लिए क्रांतिकारियों ने बरहन स्टेशन को निशाना बनाने की योजना बनाई। 14 अगस्त 1942 की दोपहर सैकड़ों लोगों की भीड़ स्टेशन पहुंच गई और पूरे परिसर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना ने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया। दिल्ली तक इसकी गूंज सुनाई दी।

विज्ञापन


पूरे देश में ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ के नारे गूंज रहे थे। ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जनाक्रोश लगातार भड़क रहा था। ताजनगरी में परशुराम की शहादत के बाद आमजन भी सड़क पर उतर आए थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी सरोज गौरिहार बताती हैं कि दस से 12 लोगों की अलग-अलग टुकड़ियों ने स्टेशन को निशाना बनाया और आग लगा दी। 
विज्ञापन


गोदाम को लूट लिया था 
पुलिसकर्मियों को भीड़ ने वहां से भगा दिया। स्टेशन फूंकने के बाद भीड़ ने सरकारी बीज गोदाम और डाकघर की ओर रुख किया था। उस समय करीब एक हजार मन गल्ला भीड़ ने बीज गोदाम से निकाल लिया और जरूरतमंदों को बांट दिया। उन्होंने बताया कि उस समय तक काफी संख्या में पुलिसकर्मी बरहन पहुंच चुके थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्रांतिकारियों का जोश देख कर उनके कदम रुक गए। दूर से ही फायरिंग शुरू हो गई। गोलीबारी के बीच बैनई गांव के केवल सिंह शहीद हो गए और आधा दर्जन क्रांतिकारी घायल हो गए। कुछ लोगों ने स्टेशन से गुजर रहीं मालगाड़ियों को रुकवा लिया और उसमें लदा अंग्रेजों का राशन लूट लिया। कई घंटों तक बरहन में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से लोहा लिया।

शहर में बनी थी योजना
क्रांतिकारियों के परिजन के शशि शिरोमणी बरहन स्टेशन फूंकने की रणनीति शहर में ही तैयार हुई थी। एक गुप्त स्थान पर बैठक के बाद देर रात ही क्रांतिकारियों की टुकड़ियां बरहन रवाना हो गई थीं। वहां आसपास के अन्य गांवों के लोगों को एकत्रित किया और सुबह से ही आंदोलन शुरू हो गया था। 

पुलिस ने मकानों पर दागीं गोलियां
स्टेशन में आगजनी व अन्य सरकारी इमारतों में हुए आंदोलन के बाद अंग्रेज हुकूमत ने कस्बे में अभियान शुरू किया। अधिकांश घरों में पुरुष नहीं थे। बुजुर्गों और महिलाओं पर जुल्म किए गए। कई घरों पर गोलियां दागी गईं। पुलिसिया उत्पीड़न का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने शक के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार भी किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed