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UP: युवाओं को लूटा...रातोंरात संपत्ति बेचकर हुए गायब, एक गलती पड़ी भारी; 10 साल बाद ऐसे पकड़े में आए दंपती
Wed, 12 Feb 2025 06:23 PM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 12 Feb 2025 06:23 PM IST
सार
दंपती इंस्टीट्यूट बंद करके व संपत्ति बेचकर फरार हो गए थे। उन पर आठ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस 10 साल से आरोपियों की तलाश कर रही थी। अब दोनों हरिद्वार में मिले।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी दंपती।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा की थाना सिकंदरा पुलिस ने 10 साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के दो आरोपियों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। छत्ता क्षेत्र के रहने वाले विवेक रमन और उनकी पत्नी स्वप्नाना रमन ने वर्ष 2015 में गैलाना रोड पर होटल मैनेजमेंट का इंस्टीट्यूट खोला था।
इंस्टीट्यूट में 40 से 50 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने कई विद्यार्थियों से नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ले ली थी। जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ाई हो रही थी, उसे आरोपी ने मेरठ यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त बताया था। मगर, बाद में मान्यता फर्जी निकली थी।
आरोपी के खिलाफ आठ से अधिक मुकदमे दर्ज कराए गए। इस पर वह अपनी संपत्ति और इंस्टीट्यूट बंद करके फरार हो गया। पत्नी और बच्चों को भी साथ ले गया। मामले में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी थी। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि पुलिस को फेसबुक की मदद से सुराग मिला था।
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आरोपी इंस्टीट्यूट संचालक का बेटा पूर्व में अपनी आईडी चलाता था। उसकी प्रोफाइल थी। इसकी मदद से पुलिस दिल्ली में रहने वाले लोगों के संपर्क में आई। इसके बाद विवेक और उसके परिवार के हरिद्वार में होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने दबिश देकर उन्हें होटल फॉर्च्यूनर से गिरफ्तार कर लिया।
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इंस्टीट्यूट में 40 से 50 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने कई विद्यार्थियों से नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ले ली थी। जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ाई हो रही थी, उसे आरोपी ने मेरठ यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त बताया था। मगर, बाद में मान्यता फर्जी निकली थी।
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आरोपी के खिलाफ आठ से अधिक मुकदमे दर्ज कराए गए। इस पर वह अपनी संपत्ति और इंस्टीट्यूट बंद करके फरार हो गया। पत्नी और बच्चों को भी साथ ले गया। मामले में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी थी। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि पुलिस को फेसबुक की मदद से सुराग मिला था।
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आरोपी इंस्टीट्यूट संचालक का बेटा पूर्व में अपनी आईडी चलाता था। उसकी प्रोफाइल थी। इसकी मदद से पुलिस दिल्ली में रहने वाले लोगों के संपर्क में आई। इसके बाद विवेक और उसके परिवार के हरिद्वार में होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने दबिश देकर उन्हें होटल फॉर्च्यूनर से गिरफ्तार कर लिया।