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Agra News: पूर्व विधायक चौधरी बदन सिंह का 97 वर्ष की आयु में निधन, लगातार पांच बार रहे थे विधायक
Thu, 01 Dec 2022 03:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 01 Dec 2022 03:05 PM IST
सार
चौधरी बदन सिंह के नाम बड़ा रिकॉर्ड लगातार पांच बार विधायक बनने का है। फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में चौधरी बदन सिंह के आगे चुनाव मैदान में अच्छे-अच्छे धुरंधर पसीने छोड़ते थे।
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पूर्व विधायक चौधरी बदन सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के लोकतंत्र रक्षक सेनानी, पूर्व विधायक और साहित्यकार चौधरी बदन सिंह (97) का बृहस्पतिवार को चारबाग, शाहगंज स्थित अपने आवास पर निधन हो गया। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी चौधरी बदन सिंह पांच बार फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से विधायक रहे। उनके निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार पैतृक गांव रिठौरा अखवाई (अकोला) में शुक्रवार को होगा।
चौधरी बदन सिंह के पुत्र डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि चारबाग स्थित आवास पर दोपहर 12:30 बजे पिता ने अंतिम सांस ली। बचपन में ही बाबा का साया सिर से उठ जाने के बाद भी पिता ने अपनी मेहनत से बीए, एलटी की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद चाहरवाटी इंटर कॉलेज में 33 साल तक अध्यापन कार्य किया। उसी दौरान उनका झुकाव राजनीति की ओर हो गया। वह पहली बार 1977 में जनता पार्टी से विधायक चुने गए। इसके बाद 1980, 1984 में बीकेडी और 1989 में जनता दल से चुनाव जीते। 1993 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर फतेहपुर सीकरी में लगातार 5वीं बार विधायक बने। वे बेबाकी के लिए जाने जाते थे। आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार का विरोध करने पर जेल भी गए थे।
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चौधरी बदन सिंह के पुत्र डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि चारबाग स्थित आवास पर दोपहर 12:30 बजे पिता ने अंतिम सांस ली। बचपन में ही बाबा का साया सिर से उठ जाने के बाद भी पिता ने अपनी मेहनत से बीए, एलटी की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद चाहरवाटी इंटर कॉलेज में 33 साल तक अध्यापन कार्य किया। उसी दौरान उनका झुकाव राजनीति की ओर हो गया। वह पहली बार 1977 में जनता पार्टी से विधायक चुने गए। इसके बाद 1980, 1984 में बीकेडी और 1989 में जनता दल से चुनाव जीते। 1993 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर फतेहपुर सीकरी में लगातार 5वीं बार विधायक बने। वे बेबाकी के लिए जाने जाते थे। आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार का विरोध करने पर जेल भी गए थे।
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जनहित में किया अनशन, खाईं पुलिस की लाठियां
जमीन से जुड़े और जुझारू प्रवृत्ति के बदन सिंह 1984 में फतेहपुर सीकरी में बिजली, पानी की समस्या दूर कराने के लिए आमरण अनशन पर कई दिन बैठे रहे। जनता का अपार समर्थन मिला। आंदोलन से जुड़ी यादों को साझा करते हुए रामकिशन सिंघल ने बताया कि 1984 का जून महीना था। चौधरी बदन सिंह के साथ आंदोलन से जुड़े लोगों ने जुलूस निकाला। घंटाघर चौराहे पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें मेरे साथ ही चौधरी बदन सिंह, रामकिशन खंडेलवाल, रामकिशन सिंघल व कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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