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Yamuna: यमुना की गंदगी में डूब गए एक हजार करोड़ रुपये, पूर्व मंत्री बोले-हवाई हैं यमुना शुद्धि के दावे
Sat, 02 Dec 2023 01:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 02 Dec 2023 01:26 PM IST
सार
भाजपा के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह ने कहा कि लाखों लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि जल शुद्धि के लिए आधुनिक तकनीक ही हमारे पास उपलब्ध नहीं है।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र अरिदमन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर भाजपा के पूर्व मंत्री ने अपनी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि यमुना की सफाई के दावे हवाई है। यमुना एक्शन प्लान 1 और 2 में सरकार को दिए गए एक हजार करोड़ रुपये दिए गए थे। इसके बाद भी यमुना में गिर रहे 61 नाले आज तक टैप नहीं किया गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को लिखे पत्रों में अरिदमन सिंह ने कहा कि लाखों लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि जल शुद्धि के लिए आधुनिक तकनीक ही हमारे पास उपलब्ध नहीं है। जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं उनका इस्तेमाल कर्मचारी डीजल बचाने के चक्कर में नहीं करते हैं। इस कारण यमुना का पानी निरंतर दूषित हो रहा है।
यमुना एक्शन प्लान एक और दो के तहत यमुना शुद्धि के लिए आए एक हजार करोड़ रुपये कहां खर्च हो गए। इसका तकनीकी ऑडिट कराना जरूरी है।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को लिखे पत्रों में अरिदमन सिंह ने कहा कि लाखों लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि जल शुद्धि के लिए आधुनिक तकनीक ही हमारे पास उपलब्ध नहीं है। जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं उनका इस्तेमाल कर्मचारी डीजल बचाने के चक्कर में नहीं करते हैं। इस कारण यमुना का पानी निरंतर दूषित हो रहा है।
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यमुना एक्शन प्लान एक और दो के तहत यमुना शुद्धि के लिए आए एक हजार करोड़ रुपये कहां खर्च हो गए। इसका तकनीकी ऑडिट कराना जरूरी है।