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विश्व पर्यावरण दिवस: कान्हा की नगरी में यमुना किनारे बिखरेंगे 'प्रकृति के रंग', यह है योजना
Sat, 05 Jun 2021 12:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Jun 2021 12:14 AM IST
सार
मथुरा में यमुना नदी के किनारों को संवारने की योजना है। इसके तहत कदंब, अमरूद, पीलू और जामुन सहित फूलों के पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है।
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यमुना का केशी घाट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में यमुना के किनारों को संवारने की योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत यमुना किनारे हजारों छायादार और फूलों के पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने योजना बना ली है और संबंधित विभागों को योजना संबंधी पत्र जारी किए हैं। शीघ्र ही इस योजना पर कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
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यमुना किनारे कटान को रोकने के साथ हरियाली बढ़ाने और किनारों को संवारने की योजना शुरू होने जा रही है। वन विभाग ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। अगर सबकुछ ठीक रहा है कि यमुना किनारों पर हरे-भरे वातावरण के बीच फूलों की सुगंध से बिखरेगी।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यमुना किनारे कदंब, पीलू, अमरूद, सीसम, मोर्छरी और जामुन के पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए जहां-जहां से यमुना गुजर रही है, उन क्षेत्रों के ग्राम विकास विभाग, सिंचाई विभाग के साथ-साथ मथुरा वृंदावन नगर निगम को पोधे रोपने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को पत्र भी लिखा है।
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पौधे रोपने की तकनीक बताई जाएगी
पौधे लगाने के बाद अक्सर देखा जाता है कि दस से लेकर बीस प्रतिशत ही पौधे बड़े हो पाते हैं, बाकी मर जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पौधे के रोपने के समय बरती गईं लापरवाही भी है। इसके लिए वन विभाग पौधे रोपने संबंधी तकनीक ज्ञान भी विभागों को देगा। इसमें पौधों को कैसे उठाना है, गड्ढे की गहराई और पौधे लगाने संबंधी जानकारी दीं जाएंगी।
जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि वन विभाग की मंशा है कि यमुना किनारे हरा भरा वातावरण हो। इसके लिए वृहद् स्तर पर पौधे रोपने की जरूरत है। हमने यमुना किनारे-किनारे पौधे रोपने की योजना बनाई है। संबंधित विभागों को पत्र लिखकर उनसे प्लांटेशन योजना से अवगत कराया गया है। विभागों से स्वीकृति मिलने के बाद योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
पौधे लगाने के बाद अक्सर देखा जाता है कि दस से लेकर बीस प्रतिशत ही पौधे बड़े हो पाते हैं, बाकी मर जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पौधे के रोपने के समय बरती गईं लापरवाही भी है। इसके लिए वन विभाग पौधे रोपने संबंधी तकनीक ज्ञान भी विभागों को देगा। इसमें पौधों को कैसे उठाना है, गड्ढे की गहराई और पौधे लगाने संबंधी जानकारी दीं जाएंगी।
जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि वन विभाग की मंशा है कि यमुना किनारे हरा भरा वातावरण हो। इसके लिए वृहद् स्तर पर पौधे रोपने की जरूरत है। हमने यमुना किनारे-किनारे पौधे रोपने की योजना बनाई है। संबंधित विभागों को पत्र लिखकर उनसे प्लांटेशन योजना से अवगत कराया गया है। विभागों से स्वीकृति मिलने के बाद योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।