उफान पर कालिंदी: तटवर्ती 40 गांव में अलर्ट, मथुरा में पोइया घाट पर यमुना लाल निशान पर
वाटरवर्क्स पर 489.4 फीट जलस्तर, अगले 24 घंटे में 491 फीट तक पहुंचने के आसार
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ताजनगरी में कालिंदी उफान पर है। जिला प्रशासन ने 40 तटवर्ती गांव में अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में बसे लोगों को नदी किनारों पर जाने की मनाही है। बाढ़ नियंत्रण व राजस्व टीमों को तैयार रहने के निर्देश हैं। दिल्ली की तरफ से आ रहे पानी पर प्रशासन की नजर है।
रुनकता, अकबरा, सिकंदरा, कैलाश, दयालबाग के मनोहपुर, खासपुर, बसई मुस्तकिल समेत 12 से अधिक गांव में खेत पानी में डूब गए हैं। 40 गांव नदी तलहटी में बसे हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय लोगों की धड़कने तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने इन इलाकों के लोगों से नदी की ओर नहीं जाने की अपील करते हुए एहतियात बरतने को कहा है। रुनकता से फतेहाबाद तक यमुना डूब क्षेत्र में 40 से अधिक गांव शामिल हैं जिनमें सबसे पहले बाढ़ का पानी घुसता है।
मथुरा में पोइया घाट पर यमुना लाल निशान पर पहुंच गई है। गोकुल बैराज से आगरा की तरफ यमुना में डिस्चार्ज बढ़ाया जा रहा है। रविवार शाम चार बजे तक गोकुल से यमुना में 42,295 क्यूसेक पानी चल रहा है। उधर, हरियाणा स्थित ताजेवाला (हथिनीकुंड) बैराज से 15876 और ओखला बैराज से यमुना में 41674 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इधर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार शाम चार बजे वॉटर वर्क्स पर यमुना का जलस्तर 489.4 फीट पहुंच गया है। शनिवार को यह 487.1 फीट था। इसमें दो फीट से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे में जलस्तर दो फीट और बढ़कर 491.4 फुट तक पहुंचने के आसार हैं। जवाहर पुल पर यमुना का लाल निशान (लो फ्लड लेवल) 495 फीट है।
दो दिन बारिश नहीं तो टलेगा खतरा
31 जुलाई को हथिनीकुंड से यमुना में 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार सुबह छोड़ा गया पानी आगरा पहुंच गया। जिससे यमुना में जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में चार फीट से अधिक पानी बढ़ा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर अगले 24 से 48 घंटों में भारी बारिश नहीं होती है तो यमुना में बाढ़ का खतरा टल जाएगा।
फैला हुआ है यमुना का तट
आगरा बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी उदल सिंह ने बताया कि हमने वस्तुस्थिति से प्रशासन को अवगत करा दिया है। अभी बाढ़ का खतरा नहीं हैै, लेकिन निचले इलाकों में ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने कहा, यमुना अन्य नदियों की तरह गहरी नहीं है। यमुना का तट फैला होने के कारण पानी खेतों में घुस जाता है।
धौलपुर में घटी तो, पिनाहट में बढ़ी चंबल
चंबल नदी का जलस्तर तेजी से घट और बढ़ रहा है। धौलपुर में शनिवार रात जलस्तर 130.79 मीटर था जो रविवार दोपहर में 129.90 मीटर रह गया। धौलपुर में जलस्तर घटा, तो पिनाहट में जलस्तर 121.3 मीटर तक पहुंच गया है। चंबल किनारे बसे बाह, पिनाहट ब्लॉक में बाढ़ नियंत्रण टीमें पहले से ही सक्रिय हैं।
यमुना की फ्लड रिपोर्ट
- 495 फीट लो फ्लड लेवल
- 500 फीट मीडियम फ्लड लेवल
- 505 फीट हाई फ्लड अलर्ट
आगरा में अब तक कुल वर्षा : 194 मिलीमीटर
ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज : 17827 क्यूसेक
ओखला बैराज से डिस्चार्ज : 41674 क्यूसेक
गोकुल बैराज से डिस्चार्ज : 42295 क्यूसेक
(नोट आंकड़े- बाढ़ नियंत्रण कक्ष के आधार पर)
जलस्तर पर रख रहे हैं नजर
यमुना और चंबल नदी किनारे बसे सभी गांव में अलर्ट जारी किया है। आपदा नियंत्रण व राजस्व टीमें किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं। दिल्ली से यमुना में छोड़े जा रहे पानी की 24 घंटे निगरानी हो रही है। जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों से अपील है कि सावधानी बरतें। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी