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Agra News: लंपी रोग की चपेट में आए 5 गोवंश
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बाह: बाह में लंपी की दस्तक, पशु पालन विभाग लगा रहा रोग निरोधी टीके
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बाह। जैतपुर और बाह क्षेत्र में लंपी की दस्तक से पशु पालकों में दहशत है। अब तक 5 गोवंश लंपी रोग की चपेट में आए हैं। पशु पालन विभाग ने 5300 पशुओं को रोग निरोधी टीके लगाए हैं।
बाह के जरार, कनारी, कुंवरखेडा, जैतपुर के कमतरी, रानी का बाग गांव में एक एक गोवंश लंपी रोग की चपेट में आए हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बाह डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जैतपुर में निराश्रित गोवंश और बाह में पालतू गोवंश संक्रमित हुए हैं। पशु पालन विभाग अब तक 5300 गोवंश को टीके लगवा चुका है। इनमें बाह के 2400 एवं जैतपुर के 2900 गोवंश शामिल हैं।
क्या है लंपी संक्रमण
लंपी रोग मुख्य रूप से गोवंशों में होता है। यह त्वचा से संबंधित है। इस रोग की चपेट में आने के बाद पशु के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं, जो बाद में घाव बन जाते हैं। गोवंश का तापमान बढ़ जाता है। उनके मुंह और नाक से स्राव होता है। समय पर उपचार न मिलने के कारण और अत्यधिक कमजोरी से गोवंश मर जाता है।
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ये हैं शुरूआती लक्षण
पशुओं में लंपी वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार आना, आंख और नाक से पानी बहना, मुंह से लार निकलना और पशु का सुस्त होकर चारा कम खाना शामिल है। इसके कुछ ही दिनों बाद शरीर, खासकर सिर और गर्दन पर गोल व सख्त गांठें उभरने लगती हैं।
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बाह के जरार, कनारी, कुंवरखेडा, जैतपुर के कमतरी, रानी का बाग गांव में एक एक गोवंश लंपी रोग की चपेट में आए हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बाह डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जैतपुर में निराश्रित गोवंश और बाह में पालतू गोवंश संक्रमित हुए हैं। पशु पालन विभाग अब तक 5300 गोवंश को टीके लगवा चुका है। इनमें बाह के 2400 एवं जैतपुर के 2900 गोवंश शामिल हैं।
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क्या है लंपी संक्रमण
लंपी रोग मुख्य रूप से गोवंशों में होता है। यह त्वचा से संबंधित है। इस रोग की चपेट में आने के बाद पशु के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं, जो बाद में घाव बन जाते हैं। गोवंश का तापमान बढ़ जाता है। उनके मुंह और नाक से स्राव होता है। समय पर उपचार न मिलने के कारण और अत्यधिक कमजोरी से गोवंश मर जाता है।
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ये हैं शुरूआती लक्षण
पशुओं में लंपी वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार आना, आंख और नाक से पानी बहना, मुंह से लार निकलना और पशु का सुस्त होकर चारा कम खाना शामिल है। इसके कुछ ही दिनों बाद शरीर, खासकर सिर और गर्दन पर गोल व सख्त गांठें उभरने लगती हैं।