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मुलायम सिंह के समधी विधायक हरिओम यादव को मिली जमानत, इस मामले में बंद थे जेल में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sat, 07 Apr 2018 09:18 AM IST
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विधायक हरिओम यादव
- फोटो : अमर उजाला
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के समधी और फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज से विधायक हरिओम यादव को जमानत मिल गई है। उन पर जानलेवा हमला कराने का आरोप था।
वह करीब एक माह से जेल में थे। इसी के चलते वह राज्यसभा में वोट भी नहीं दे पाए थे। शुक्रवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी है।
शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव भांड़री निवासी राजीव यादव उर्फ वाले ने नौ अक्तूबर 2015 को अभियोग दर्ज करवा कर जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने से रोकने का आरोप विधायक पर लगाया था।
आरोप में कहा गया था कि विधायक हरिओम यादव उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू ने साजिश के तहत मेरे घर पर ही हमला कराया है। इसमें मेरे ताऊ रमेशचंद्र बोहरे पर जानलेवा हमला किया गया।
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वह करीब एक माह से जेल में थे। इसी के चलते वह राज्यसभा में वोट भी नहीं दे पाए थे। शुक्रवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी है।
शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के गांव भांड़री निवासी राजीव यादव उर्फ वाले ने नौ अक्तूबर 2015 को अभियोग दर्ज करवा कर जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ने से रोकने का आरोप विधायक पर लगाया था।
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आरोप में कहा गया था कि विधायक हरिओम यादव उनके बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू ने साजिश के तहत मेरे घर पर ही हमला कराया है। इसमें मेरे ताऊ रमेशचंद्र बोहरे पर जानलेवा हमला किया गया।
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विधायक ने इस मामले में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 5 मार्च को जेल भेज दिया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की।
दोनों ही जगहों से उन्हें मायूसी हाथ लगी थी। इसके चलते करीब एक माह जेल में रहे। एक केस में हाईकोर्ट ने तीन दिन पहले उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
शुक्रवार को जनपद न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। बता दें कि जेल में रहने की ही वजह से वह राज्यसभा के चुनाव में वोट नहीं सके थे।
दोनों ही जगहों से उन्हें मायूसी हाथ लगी थी। इसके चलते करीब एक माह जेल में रहे। एक केस में हाईकोर्ट ने तीन दिन पहले उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
शुक्रवार को जनपद न्यायालय ने भी उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। बता दें कि जेल में रहने की ही वजह से वह राज्यसभा के चुनाव में वोट नहीं सके थे।