मथुरा की गोशाला में 50 से अधिक गायों की मौत, कमेटी ने चोरी छिपे दफनाया
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मथुरा के गांव तरौली के स्वामी बाबा मंदिर की स्वामी बाबा गोशाला में 50 से अधिक गायें संदिग्ध हालात में मर गई। गोशाला संचालन कमेटी के पदाधिकारियों ने गायों का पोस्टमार्टम कराए बिना जेसीबी से गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया। बताया जाता है कि गोशाला भवन के पीछे की ओर गड्ढे खोद गायों को दबाया गया है। कुछ गायों के शव सड़क किनारे फेंके जाने की सूचना भी है।
स्वामी बाबा गोशाला में 300 से अधिक गायें थीं। पिछले दिनों हुई तेज बारिश से गोशाला में पानी भरने से 15 से अधिक गोवंशीय पशु पानी में डूब कर मर गए थे, कुछ बाद में बीमार होकर मर गए। इस दौरान भूसा भीगने से चारे की समस्या पैदा हो गई थी, कई दिन तक गायों को भरपूर चारा भी नहीं मिला।
दो दिन पूर्व रात में अचानक 50 से अधिक गायें बीमार हुईं और तड़प-तड़प कर मर गईं। कोई कह रहा है कि गायें जहरीला चारा खाने से मरी हैं तो कोई बीमारी से मरना बता रहा है। फिलहाल गायों के मरने के संबंध में कारण का पता नहीं चला है।
संचालक को नहीं मालूम कैसे मरीं गायें
गोशाला संचालक बाबा बल्लभदास ने रोते हुए बताया कि गायें मरी हैं। यहां गोशाला की देखरेख गांव के भोला, महेंद्र व गिर्राज कर रहे हैं। गाय कैसे मरीं, उन्हें अधिक जानकारी नहीं है, क्योंकि उन्हें आंखों से भी कम दिखाई देता है।
गायों का इस तरह मरना आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब इतनी संख्या में गाय मरी थीं तो उनका पोस्टमार्टम भी कराना चाहिए था, लेकिन चोरी छिपे गायों को दफना दिया गया।
पोस्टमार्टम कराने की मांग
गांव के लोगों ने एसडीएम से संदिग्ध हालात में मरी गायों को जमीन से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराने की मांग की है, ताकि उनके मरने की सही जानकारी हो सके। लोगों का कहना है कि गोशाला में दानदाताओं द्वारा भरपूर दान दिया जाता है फिर गाय भूखी कैसे रह रही हैं।