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इस आदेश के बाद कॉन्वेंट स्कूल संचालकों में मची खलबली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 07 May 2018 07:13 PM IST
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फिरोजाबाद जिले में सीबीएसई और आइसीएसई के निजी स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी। हर साल फीस वृद्धि कर अभिभावकों की जेब ढीली करने पर अंकुश लगेगा।
शुल्क नियामक समिति ने चार वर्षों में हुई फीस वृद्धि का ब्यौरा स्कूलों से मांगा है। स्कूलों को कक्षा वार और मदवार फीस विवरण देना होगा। इस अध्यादेश के बाद स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है।
जिले के कई कांवेंट स्कूल 20 हजार से एक लाख रुपये सालाना फीस वसूल रहे हैं। पिछले चार वर्षों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ा दी गई। बीते दिनों डीआईओएस कांवेंट स्कूल में फीस का विवरण देखने स्कूल पहुंचे थे।
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शुल्क नियामक समिति ने चार वर्षों में हुई फीस वृद्धि का ब्यौरा स्कूलों से मांगा है। स्कूलों को कक्षा वार और मदवार फीस विवरण देना होगा। इस अध्यादेश के बाद स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है।
जिले के कई कांवेंट स्कूल 20 हजार से एक लाख रुपये सालाना फीस वसूल रहे हैं। पिछले चार वर्षों में मनमाने तरीके से फीस बढ़ा दी गई। बीते दिनों डीआईओएस कांवेंट स्कूल में फीस का विवरण देखने स्कूल पहुंचे थे।
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चार वर्षों में बढ़ाई गई फीस का ब्यौरा मांगा
अब 2015-16, 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में बढ़ाई गई फीस का विवरण सीबीएसई एवं आइसीएसई स्कूलों से मांगा गया है। इन वर्षों में शिक्षकों का वेतन कितना बढ़ा का विवरण भी देना होगा।
डीआईओएस रितु गोयल ने कहा कि कावेंट स्कूलों से फीस का विवरण मांगा गया है। विवरण शासन को भेजा जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार स्कूल संचालकों का फीस का विवरण देना होगा।
कागजों में प्राइवेट स्कूलों में जिस मद की फीस अभिभावकों को दी जाती है, वो फीस बहुत कम है। इसके साथ स्कूल मेंटीनेंस, परीक्षा शुल्क, समारोह सहित अन्य सुविधाओं के नाम पर फीस दो से तीन गुना वसूलते हैं।
डीआईओएस रितु गोयल ने कहा कि कावेंट स्कूलों से फीस का विवरण मांगा गया है। विवरण शासन को भेजा जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार स्कूल संचालकों का फीस का विवरण देना होगा।
कागजों में प्राइवेट स्कूलों में जिस मद की फीस अभिभावकों को दी जाती है, वो फीस बहुत कम है। इसके साथ स्कूल मेंटीनेंस, परीक्षा शुल्क, समारोह सहित अन्य सुविधाओं के नाम पर फीस दो से तीन गुना वसूलते हैं।