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इनर रिंग रोड प्रकरण में किसानों का एलान, नई दर से मुआवजा दें, वरना नहीं होने देंगे काम
Fri, 13 Dec 2019 01:32 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 13 Dec 2019 01:32 PM IST
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धरने पर बैठे किसानों को समझाते प्रशासनिक अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में इनर रिंग रोड के निर्माण को लेकर किसानों और प्रशासन में टकराव की स्थिति बनी हुई है। किसानों ने एलान कर दिया है कि जब तक नई दरों से भुगतान और दो साल का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वह सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होने देंगे। इनर रिंग रोड दूसरे चरण में गुतिला पर लगभग डेढ़ किमी दूरी में पिछले दो साल से काम रुका हुआ है।
नेशनल हाईवे दो स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर रोड के बीच इनर रिंग रोड विकसित की जा रही है। पहले चरण के तहत 10 किमी (कुबेरपुर से फतेहाबाद रोड) का काम वर्ष 2016 के आखिर में ही पूरा हो चुका है। इस पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
मगर, फतेहाबाद रोड से देवरी रोड के बीच दूसरे चरण का काम तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। कई जगह इसका काम रुका हुआ है। गुतिला में ही पिछले दो साल से किसान काम नहीं होने दे रहे। वह धरने पर बैठे हैं।
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नेशनल हाईवे दो स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर रोड के बीच इनर रिंग रोड विकसित की जा रही है। पहले चरण के तहत 10 किमी (कुबेरपुर से फतेहाबाद रोड) का काम वर्ष 2016 के आखिर में ही पूरा हो चुका है। इस पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
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मगर, फतेहाबाद रोड से देवरी रोड के बीच दूसरे चरण का काम तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। कई जगह इसका काम रुका हुआ है। गुतिला में ही पिछले दो साल से किसान काम नहीं होने दे रहे। वह धरने पर बैठे हैं।
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बुधवार को प्रशासन ने यहां जबरन काम शुरू कराने का प्रयास किया था लेकिन किसानों ने फिर से मोर्चा खोल दिया। बृहस्पतिवार को भी टकराव की स्थिति बनी रही।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि किसानों की जमीनों का करार वर्ष 2011 में कर लिया गया था। जबकि उन्हें मुआवजा वर्ष 2013 में दिया गया। सरकार पहले उन्हें इस बीच की ब्याज दे। इसी के बाद वो काम शुरू होने देंगे।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि किसानों की जमीनों का करार वर्ष 2011 में कर लिया गया था। जबकि उन्हें मुआवजा वर्ष 2013 में दिया गया। सरकार पहले उन्हें इस बीच की ब्याज दे। इसी के बाद वो काम शुरू होने देंगे।