{"_id":"5b17a2bc4f1c1ba36e8b68ae","slug":"farmers-protest-against-government-in-braj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बज्र के कई जिलों में किसानों ने किया धरना-प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बज्र के कई जिलों में किसानों ने किया धरना-प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद/एटा
Updated Wed, 06 Jun 2018 02:30 PM IST
विज्ञापन
जसराना तहसील गेट बंद करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार की नीतियों के खिलाफ बुधवार को ब्रज के कई जिलों में किसान रोड पर उतर आए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया।
फिरोजाबाद जिले में किसानों ने जसराना तहसील का मुख्यद्वार बंद करके अधिकारियों का घेराव किया। वहीं एटा में किसानों ने मंडी गेट पर प्रदर्शन किया।
वहीं किसानों के प्रदर्शन की वजह से मंडी में अधिकतर दुकानें नहीं खुली। इस वजह से मंडी परिसर सूना रहा। बता दें किसान मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।
विज्ञापन
फिरोजाबाद जिले में किसानों ने जसराना तहसील का मुख्यद्वार बंद करके अधिकारियों का घेराव किया। वहीं एटा में किसानों ने मंडी गेट पर प्रदर्शन किया।
वहीं किसानों के प्रदर्शन की वजह से मंडी में अधिकतर दुकानें नहीं खुली। इस वजह से मंडी परिसर सूना रहा। बता दें किसान मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंडी परिसर में सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को फिरोजाबाद की जसराना तहसील पर काफी संख्या में किसान पहुंचे। किसान यूनियन भाकियू भानु के बैनर तले किसानों ने तहसील परिसर में अधिकारियों का घेराव किया।
इस दौरान मुख्यद्वार बंद करके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने अपना मांगपत्र एसडीएम को सौंपा।चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं पूरी हुई तो आंदोलन बड़ा होगा।
ये हैं किसानों मांग
- डीजल और पैट्रोल की कीमतों पर अंकुश लगे।
- किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले।
- किसानों को स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू कर पेंशन दी जाए।
- सब्जी और दूध के दाम बढ़ाए जाए।
- जेड़ा झाल परियोजना में 4 गुना मुआवजा मिले।
इस दौरान मुख्यद्वार बंद करके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने अपना मांगपत्र एसडीएम को सौंपा।चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं पूरी हुई तो आंदोलन बड़ा होगा।
ये हैं किसानों मांग
- डीजल और पैट्रोल की कीमतों पर अंकुश लगे।
- किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले।
- किसानों को स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू कर पेंशन दी जाए।
- सब्जी और दूध के दाम बढ़ाए जाए।
- जेड़ा झाल परियोजना में 4 गुना मुआवजा मिले।