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Agra News: शहीदों के परिवारों को नहीं मिल रहा सम्मान

Sun, 11 Jun 2023 10:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sun, 11 Jun 2023 10:57 PM IST
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Families of martyrs are not getting respect
शहीदों के परिवारों को नहीं मिल रहा सम्मान
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- परिजन ने समारोह में सुनाया दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी-उत्तराधिकारी संगठन की जिला इकाई ने रविवार को प्रजापति कॉलोनी स्थित स्वतंत्रता सेनानी पुत्तूलाल के समाधि स्थल पर बेवर में शहीद हुए तीन शहीदों के परिजन को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शहीदों के परिजन का दर्द सामने आया। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन शहीदों के परिजन को उचित सम्मान नहीं दे रहा है।
संगठन के संरक्षक मुन्नालाल कश्यप के संयोजन में हुए कार्यक्रम में ब्रिटिश शासन में बेवर थाने पर तिरंगा फहराने पर अंग्रेज सैनिकों की गोलियों से शहीद हुए तीन शहीदों के परिजन सम्मानित किए गए। जमुना प्रसाद त्रिपाठी के परिजन विवेक त्रिपाठी, सीताराम गुप्ता के परिजन अनिल गुप्ता, कृष्ण कुमार मिश्रा के परिजन वेदप्रकाश मिश्रा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने में शहीद हुए शहीदों के परिजन की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है। शहीदों की याद में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में उनको बुलाया नहीं जाता है। अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं।
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संगठन के जिलाध्यक्ष ब्रजभान सिंह प्रजापति ने कहा कि अब समय बदलता जा रहा है। नयी पीढ़ी को अपने जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बारे में जानकारी तक नहीं है। संगठन नयी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगा। शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की 126 वें जन्म दिवस पर हुए कार्यक्रम में कात्यायनी देवी, उमादेवी पांडेय, धनंजय सिंह, सुशील जैन, सतीश कश्यप, राजकुमार भारद्वाज मौजूद रहे।
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डीएम को ज्ञापन सौंपा गया
संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया है। ज्ञापन में कहा है कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन को कोषागार के अधिकार क्षेत्र से मुक्त कराया जाए। एसडीएम के अधिकार में सुरक्षित करके संगठन को उपलब्ध कराया जाए। इस भवन का उद्घाटन 1996 में तत्कालीन डीएम अजीत कुमार टंडन ने किया था। इसकी शिलापट्टिका आज भी भवन के बाहर लगी हुई है। मुन्नालाल कश्यप, अवधेश सिंह राठौर, मनोज कश्यप, वैभव परमार, सोमेंद्र राजपूत मौजूद रहे।
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