फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Fakkad Baba Ramayani elections losts 17 times from mathura

मथुरा: इस बार नामांकन करने नहीं आएंगे फक्कड़ बाबा, लगातार 17 बार मथुरा से लड़े थे चुनाव

Mon, 17 Jan 2022 01:02 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 17 Jan 2022 01:02 PM IST
सार

फक्कड़ बाबा के गुरु ने कहा था कि 20वां चुनाव जीत जाओगे। इस पर उन्होंने मथुरा से लगातार 17 चुनाव लड़े। बीते वर्ष उनका निधन हो गया। 

विज्ञापन
Fakkad Baba Ramayani elections losts 17 times from mathura
फक्कड़ बाबा रामायणी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के विधानसभा चुनाव में इस बार फक्कड़ बाबा रामायणी नजर नहीं आएंगे। वर्ष 1977 से 2019 तक निरंतर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ते रहे फक्कड़ बाबा रामायणी का पिछले साल निधन हो गया था। उन्होंने लगातार 17 चुनाव अपने गुरु के आदेश पर मथुरा से लडे़ थे।

विज्ञापन

विधानसभा का नामांकन हो रहा हो और फक्कड़ बाबा नामांकन करने कलक्ट्रेट न पहुंचे, यह संभव नहीं था। 1977 से लेकर 2019 तक उन्होंने प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा का नामांकन किया और चुनाव लड़ा। चुनाव आते ही फक्कड़ बाबा रामायणी की याद आना भी लाजमी है। 
विज्ञापन

कानपुर के रहने वाले थे फक्कड़ बाबा
उनके अनुयायी चंद्रशेखर वर्मा बताते हैं कि फक्कड़ बाबा मूलत: कानपुर की बिल्हौर तहसील के रहने वाले थे। वब बचपन में ही घर-परिवार त्याग कर संन्यासी हो गए थे। उन्होंने जीवन भर लोगों के घर-घर जाकर रामायण पाठ और कीर्तन किया। यजमान उन्हें स्वेच्छा से दक्षिणा देते थे, उनकी कोई मांग नहीं होती थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

2019 में लड़ा था अंतिम चुनाव 
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट स्थित गल्तेश्वर महादेव मंदिर पर डेरा जमाए रहे फक्कड़ बाबा रामायणी ने 1977 से लेकर अपने जीवन में आठ बार मथुरा से विधानसभा और नौ बार लोकसभा का चुनाव लड़ा। उन्होंने 2019 का अपना अंतिम चुनाव हेमा मालिनी के खिलाफ लड़ा था। हालांकि इस बार भी उनकी अन्य चुनावों की भांति जमानत ही जब्त हुई थी। 

वह राम मंदिर के लिए वोट मांगते थे। फक्कड़ बाबा कहते थे कि उनके गुरु ने कहा था कि वो 20वीं बार चुनाव जीत जाएंगे। लिहाजा गुरु आज्ञा का पालन कर रहे हैं। निश्चलानंद सरस्वती उनके गुरु थे। लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने से पहले 19वां चुनाव लड़ने के बाद फक्कड़ बाबा रामायणी इस दुनिया को ही छोड़ गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed