{"_id":"6730eb0cc436da96860ecb0b","slug":"fake-dap-was-being-made-in-kirthua-shop-sealed-mainpuri-news-c-174-1-sagr1038-126975-2024-11-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: मैनपुरी में नकली खाद फैक्टरी, डीएपी को लेकर बड़ा खुलासा...हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: मैनपुरी में नकली खाद फैक्टरी, डीएपी को लेकर बड़ा खुलासा...हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान
Mon, 11 Nov 2024 02:41 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Mon, 11 Nov 2024 02:41 PM IST
सार
एसडीएम करहल और जिला कृषि अधिकारी ने नकली डीएपी फैक्टरी को पकड़ा है। यहां नकली खाद को ब्रांडेड कंपनियों के रैपर में भरकर बेचा जाता था।
विज्ञापन
किरथुआ में नकली डीएपी बनाए जाने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम नीरज द्विवेदी और जिला कृषि अधिकारी
विस्तार
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के गांव किरथुआ में गांव के बाहर स्थित एक दुकान में इफको के नाम पर नकली डीएपी बनाने का कारोबार किया जा रहा था। सूचना पर रविवार को देर शाम एसडीएम करहल और जिला कृषि अधिकारी ने छापा मारा। टीम को यहां से खाली बोरियां, भरी बोरियां और सिलाई मशीन मिली। टीम ने दुकान को सील कर दिया है।
विज्ञापन
रविवार को एसडीएम करहल नीरज द्विवेदी को सूचना मिली कि किरथुआ में गांव के बाहर भट्ठे के पीछे खरौली निवासी प्रशांत उर्फ मटरू एक दुकान में नकली डीएपी बनाने का कारोबार चल रहा है। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप और पुलिस बल के साथ रविवार को शाम सात बजे के करीब दुकान पर छापा मारा। यहां से इफको कंपनी की डीएपी की 173 खाली बोरियां, सिलाई मशीन, तौल मशीन, छंटनी और 21 भरी हुई बोरियां मिलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस सामान को देखकर ये साबित हो गया कि वहां नकली डीएपी की पैकिंग की जा रही थी। भरी हुई बोरियों पर सुपर फॉस्फेट और पोटाश लिखा था। दोनों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। टीम ने दुकान को सील कर दिया। जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त कर नकली डीएपी बनाने वाले के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
दो दिन पहले ही गई थी डीएपी की खेप
एसडीएम और जिला कृषि अधिकारी ने दुकान के आसपास भी लोगों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ही 200 बोरी के करीब डीएपी दुकान से लादकर ले जाई गई थी। अगर दो दिन पहले किसी तरह सूचना मिली जाती तो नकली डीएपी की बड़ी खेप पकड़ी जा सकती थी।
एसडीएम और जिला कृषि अधिकारी ने दुकान के आसपास भी लोगों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ही 200 बोरी के करीब डीएपी दुकान से लादकर ले जाई गई थी। अगर दो दिन पहले किसी तरह सूचना मिली जाती तो नकली डीएपी की बड़ी खेप पकड़ी जा सकती थी।