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एटा: जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित, इन जातियों में होगा मुकाबला
Fri, 19 Mar 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 19 Mar 2021 12:10 AM IST
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एटा जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति से बदलकर ओबीसी महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। इससे जिले में राजनीति दलों के नेताओं का गणित गड़बड़ा गया है। अब तक स्वयं चुनाव लड़ने का ख्वाब देख रहे नेताओं को बदली परिस्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए परिवार की महिलाओं का सहारा लेना पड़ेगा। कारण जिले में अभी तक कोई दमदार महिला प्रत्याशी ने ताल नहीं ठोकी है। इससे संकेत साफ हैं कि दिग्गज नेता अपनी पत्नी या परिवार की किसी महिला को चुनावी रण में उतारेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पिछली बार एससी वर्ग में आरक्षित थी। इस सीट पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजकिशोर सिंह चुनाव जीते थे, जबकि उससे पूर्व सीट सामान्य थी और सपा से जुगेंद्र सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। चुनाव में आरक्षण की बात चली तो दो मार्च को शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित करते हुए सीट को बीसी महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया था, पर हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2015 के आधार पर आरक्षण लागू करने के फरमान के चलते यह सीट ओबीसी महिला के खाते में चली गई है।
इन जातियों में होगा मुकाबला
जिला यादव और लोधी बाहुल्य है। सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण दोनों ही वर्ग के नेताओं के परिवार की महिलाएं इस सीट पर अपना दावा ठोकेंगी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह जहां जिला पंचायत पर फिर से काबिज होने की जुगत भिड़ाएंगे वहीं भाजपा समर्थित लोधी समाज से किसी दिग्गज नेता की पत्नी के चुनाव मैदान में उतरने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पिछली बार एससी वर्ग में आरक्षित थी। इस सीट पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजकिशोर सिंह चुनाव जीते थे, जबकि उससे पूर्व सीट सामान्य थी और सपा से जुगेंद्र सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए। चुनाव में आरक्षण की बात चली तो दो मार्च को शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित करते हुए सीट को बीसी महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया था, पर हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2015 के आधार पर आरक्षण लागू करने के फरमान के चलते यह सीट ओबीसी महिला के खाते में चली गई है।
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इन जातियों में होगा मुकाबला
जिला यादव और लोधी बाहुल्य है। सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण दोनों ही वर्ग के नेताओं के परिवार की महिलाएं इस सीट पर अपना दावा ठोकेंगी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह जहां जिला पंचायत पर फिर से काबिज होने की जुगत भिड़ाएंगे वहीं भाजपा समर्थित लोधी समाज से किसी दिग्गज नेता की पत्नी के चुनाव मैदान में उतरने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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पचास फीसद तक आरक्षण में हो सकता है बदलाव
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरक्षण में बदलाव किया जा रहा है। साल 2015 के आधार पर चक्रानुक्रम के अनुसार आरक्षण को तैयार किया जा रहा है। 2015 के आधार से आरक्षण में करीब 50 फीसदी तक बदलाव हो सकता है।
20 से मांगी जाएंगी आपत्तियां
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 20 मार्च से 23 मार्च तक आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। 24 व 25 मार्च को आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आरक्षण की अंतिम सूची को 26 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरक्षण में बदलाव किया जा रहा है। साल 2015 के आधार पर चक्रानुक्रम के अनुसार आरक्षण को तैयार किया जा रहा है। 2015 के आधार से आरक्षण में करीब 50 फीसदी तक बदलाव हो सकता है।
20 से मांगी जाएंगी आपत्तियां
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि 20 मार्च से 23 मार्च तक आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। 24 व 25 मार्च को आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आरक्षण की अंतिम सूची को 26 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।