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जनकपुरी महोत्सव 2026: बेटी की विदाई देख भावुक हुई जनकपुरी, सिया को विदा कर रो पड़ा जनक परिवार
Sat, 10 Oct 2026 09:02 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 10 Oct 2026 09:02 AM IST
सार
मंगल गीतों से गूंज रही मिथिलानगरी में जब विदाई की घड़ी आई, तो माहौल भावुकता में बदल गया। सिया की विदाई के दौरान राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनयना लता गोयल की आंखें नम हो गईं।
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जनकपुरी महोत्सव 2026
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मंगल गीतों से गूंज रही मिथिलानगरी में शुक्रवार को विदाई की बेला आई तो खुशियों का माहौल भावुकता में बदल गया। जनकपुरी महोत्सव में सिया की विदाई के दौरान राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनयना लता गोयल की आंखें नम हो गईं। जनकदुलारी की विदाई के पल में मिथिलावासियों की आंखें खुशी के आंसुओं से भर गईं।
भावुक गीतों के बीच राजा जनक और रानी सुनयना ने सिया का हाथ प्रभु श्रीराम को सौंपा। विदाई के दौरान बेटी बाबुल के दिल टुकड़ा और बाबुल की दुआएं लेती जा’ जैसे विदाई गीत गाए गए। विवाह के मंगल गीतों से गूंज रहा वातावरण बेटी की विदाई के साथ करुण रस में डूब गया। सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब भाई शोभिक और मोहित गोयल ने अपनी बहन सीता को गोद में उठाकर सजे हुए रथ तक पहुंचाया। भाई-बहन के स्नेह से भरे इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। सिया के साथ माता तुलसी की भी विदाई की गई।
इसके बाद प्रभु श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के स्वरूपों की आरती उतारी गई। प्रभु श्रीराम अपने भाइयों के साथ घोड़ों पर सवार होकर निकले। यात्रा होली पब्लिक स्कूल से भावना एस्टेट आई। इसके बाद वाहनों से नेहरू नगर स्थित जनक निवास की ओर प्रस्थान किया गया। यहां विदाई की पारंपरिक रस्में निभाई गईं। जानकी ने हल्दी के थापे लगाए। देर रात प्रभु श्रीराम की आरती के बाद सभी स्वरूपों की धूमधाम से विदाई हुई। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव भी विदाई के समय भावुक हो गए। राजू यादव ने कहा कि जानकी की विदाई भारतीय संस्कृति में बेटी के प्रति माता-पिता के प्रेम, त्याग और आशीर्वाद का प्रतीक है।
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वर-वधु पक्ष के बीच हुई मिलनी
राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल के बीच पारंपरिक मिलनी हुई। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल से भी मिलनी की। रामलीला कमेटी के सदस्यों में तारा चंद्र अग्रवाल, राम बरात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल, मुकेश जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मनोज पोली, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, राम अभिषेक, राहुल शर्मा और मनीष शर्मा सहित अन्य सदस्यों की मिलनी हुई।
किया गया अभिनंदन
विदाई समारोह में स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा के साथ मोहित गोयल और रजत सिंघल ने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, बृज क्षेत्र के संगठन मंत्री अभय गिरि, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विजय शिवहरे, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता तथा श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल का स्वागत-अभिनंदन किया।
नृत्य नाटिका ने मोहा मन
मिल्टन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रामलीला पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। जनकपुरी महोत्सव की व्यवस्थाओं में संतोष कटारा, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह आदि उपस्थित रहे।
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भावुक गीतों के बीच राजा जनक और रानी सुनयना ने सिया का हाथ प्रभु श्रीराम को सौंपा। विदाई के दौरान बेटी बाबुल के दिल टुकड़ा और बाबुल की दुआएं लेती जा’ जैसे विदाई गीत गाए गए। विवाह के मंगल गीतों से गूंज रहा वातावरण बेटी की विदाई के साथ करुण रस में डूब गया। सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब भाई शोभिक और मोहित गोयल ने अपनी बहन सीता को गोद में उठाकर सजे हुए रथ तक पहुंचाया। भाई-बहन के स्नेह से भरे इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। सिया के साथ माता तुलसी की भी विदाई की गई।
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इसके बाद प्रभु श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के स्वरूपों की आरती उतारी गई। प्रभु श्रीराम अपने भाइयों के साथ घोड़ों पर सवार होकर निकले। यात्रा होली पब्लिक स्कूल से भावना एस्टेट आई। इसके बाद वाहनों से नेहरू नगर स्थित जनक निवास की ओर प्रस्थान किया गया। यहां विदाई की पारंपरिक रस्में निभाई गईं। जानकी ने हल्दी के थापे लगाए। देर रात प्रभु श्रीराम की आरती के बाद सभी स्वरूपों की धूमधाम से विदाई हुई। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव भी विदाई के समय भावुक हो गए। राजू यादव ने कहा कि जानकी की विदाई भारतीय संस्कृति में बेटी के प्रति माता-पिता के प्रेम, त्याग और आशीर्वाद का प्रतीक है।
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वर-वधु पक्ष के बीच हुई मिलनी
राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल के बीच पारंपरिक मिलनी हुई। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल से भी मिलनी की। रामलीला कमेटी के सदस्यों में तारा चंद्र अग्रवाल, राम बरात प्रभारी प्रवीण स्वरूप बंसल, मुकेश जौहरी, रामकिशन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मनोज पोली, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, राम अभिषेक, राहुल शर्मा और मनीष शर्मा सहित अन्य सदस्यों की मिलनी हुई।
किया गया अभिनंदन
विदाई समारोह में स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा के साथ मोहित गोयल और रजत सिंघल ने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, बृज क्षेत्र के संगठन मंत्री अभय गिरि, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विजय शिवहरे, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता तथा श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल का स्वागत-अभिनंदन किया।
नृत्य नाटिका ने मोहा मन
मिल्टन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रामलीला पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। जनकपुरी महोत्सव की व्यवस्थाओं में संतोष कटारा, अजय अवागढ़, नरेंद्र सिंह सेंगर, अशोक गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानियां, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह आदि उपस्थित रहे।