फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   election in dr. BR ambedkar university

छात्रसंघ चुनाव: सपा को ले डूबी आपसी रार

Tue, 22 Dec 2015 02:04 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Tue, 22 Dec 2015 02:04 AM IST
विज्ञापन
election in dr. BR ambedkar university
छात्रसंघ चुनाव में इस बार समाजवादी पार्टी को करारा झटका लगा है। बड़ी जद्दोजहद के बीच दो संकाय प्रभारियों के पदों पर ही संतोष करना पड़ा है। सपा छात्रसभा को मिली हार के बाद संगठन में अब आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। छात्रसभा के नेता अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन कुछ हार की वजह आपसी रार को मान रहे हैं तो कुछ का कहना है कि पदाधिकारी चुनाव लड़ने के बजाए चंदा जुटाने में अधिक व्यस्त रहे।
विज्ञापन

समाजवादी पार्टी छात्रसभा के कार्यकर्ता हार के जो कारण बता रहे हैं उनमें सबसे अहम भाई भतीजावाद रहा। छात्रसभा के जिलाध्यक्ष आलोक यादव के भाई आशीष यादव को प्रत्याशी बनाना ही छात्रों और कार्यकर्ताओं को रास नहीं आया। इसी से नाराज होकर छात्रसभा के प्रदेश सचिव राहुल पाराशर ने अलग पैनल उतार दिया।
विज्ञापन

इससे सपा को बड़ा नुकसान हुआ। विश्वविद्यालय कैंपस में पूर्वांचल के वोटर छात्रों की संख्या भी करीब 350 बताई जाती है। एनएसयूआई ने ऐसे वोटरों की नब्ज पकड़ी और पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले कृष्ण मोहन त्रिपाठी को मैदान उतार दिया। चुनाव मैनेजमेंट में भी सपा पिछड़ गई। पिछले चुनाव में छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान ने कमान संभाली थी। इस बार उपाध्यक्ष राहुल सिंह को भेजा गया था। राहुल सिंह पार्टी कार्यकर्ताओं की आपसी कलह को शांत नहीं कर पाए। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है चुनाव मैनेजमेंट करने के बजाए पदाधिकारी चंदा इकट्ठा करने में अधिक व्यस्त रहे। हालांकि छात्रसभा के शहर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा ने चंदे की बात से इनकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बागी प्रत्याशी ने फिर बिगाड़ा गणित
- एक बार फिर एबीवीपी के लिए अपने ही हार का कारण बने। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी ने ऋषि और प्रदीप का नामांकन कराया। अंत में ऋषि पर मुहर लगाई। ये देख प्रदीप ने निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान किया। इससे पहले हुए छात्रसंघ चुनाव में भी एबीवीपी के सौरभ पाराशर के विरोध में एबीवीपी के पंकज पाठक खड़े हो गए थे और बाजी सछास के रविशंकर यादव के हाथ लगी थी।

जब सछास-एबीवीपी आई आमने-सामने
- मतदान के दौरान सछास और एबीवीपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। फर्जी मतदान का आरोप लगाकर सछास कार्यकर्ता मतदाताओं को रोकने लगे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मतदाताओं का परिचय पत्र देखकर अंदर जाने दिया। ऐसे में सछास पर मतदाताओं को रोकने का आरोप लगाकर एबीवीपी कार्यकर्ता भी भड़क गए। एकदूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनके समर्थन में राजनैतिक दलों के नेता भी आ गए। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर भी कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने सभी को खदेड़ दिया।

 
मतदान तक बंद रहा मंत्री निवास
- मतदान सुबह नौ से साढ़े बारह बजे तक चला। इस बीच खंदारी कैंपस स्थित केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के निवास पर पुलिस तैनात रही। मतदान तक किसी को भी बाहर आने की इजाजत नहीं दी। यहां तक की मुख्य गेट से भाजपा का झंडा लगे वाहनों को भी प्रवेश नहीं करने दिया गया।
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्र संघ
कुल मतदाता: 2080
मत पड़े: 1301

अध्यक्ष:
कृष्णमणि त्रिपाठी: 375
प्रदीप चाहर: 283
ऋषि सिसौदिया: 276
आशीष यादव: 263
भूरी सिंह: 64
अंकुश गौतम: 14
रंजना यादव: 13
.........
उपाध्यक्ष:
जीडी चाहर: 557
पंकज शर्मा: 554
राजकुमार सक्सेना: 68
शुभम प्रताप: 84
...............
महासचिव:
ललित शर्मा: 634
इंद्रेश यादव: 536
जकारिया: 118
..........
संयुक्त सचिव:
दीपक बघेल: 650
आकाश शर्मा: 580
.......
पुस्तकालय मंत्री:
प्रतिष्ठा अंबेश: 709
रूप सिंह: 518
...........
- कला संकाय:
किम्मी: 164
मणि नौटियाल: 77
- विज्ञान संकाय:
गोविंद गौतम: 91
विशाल गुप्ता: 71
- लाइफ साइंस:
अभिषेक भारद्वाज: 71
रंजीत प्रताप राठौर: 62
- गृह विज्ञान:
प्रीति राज: 55
राधिका शर्मा: 51
- इंजीनियरिंग संकाय:
 सुमित सिंह: 123
चंद्रमोहन यादव: 76
- ललित कला संकाय:
सुनील कुमार: 53
विष्णु कुमार: 35
- प्रबंधन:
विक्रांत वार्ष्णेय-निर्विरोध
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed