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संयोगः बड़ी बहन के शव पर विलाप करते-करते छोटी ने भी तोड़ दिया दम
Fri, 13 Sep 2019 12:40 AM IST
Abhishek Saxena
बालकिशन सिसौदिया, अमर उजाला, चौमुंहा-मथुरा
बालकिशन सिसौदिया, अमर उजाला, चौमुंहा-मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 13 Sep 2019 12:40 AM IST
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मोहनदेवी और शीला देवी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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प्यार बहुत था दोनों बहनों में। परिवार वालों की मानें तो बचपन में दोनों कभी एक पल के लिए भी एक-दूसरे से अलग नहीं हुआ करती थीं। दोनों बहनों का जोड़ा गांव में ही नहीं रिश्तेदारी तक में पहचाना जाता था।
शादी के बाद भी दोनों का प्यार कम नहीं हुआ। शादी भी दोनों बहनों की एक ही परिवार में हुई थी। खुश थी दोनों बहनें। लेकिन यह कौन जानता था कि दोनों दुनिया से भी एक साथ ही रुखसत होंगी। बिल्कुल यही हुआ। बड़ी बहन के शव पर बिलखते हुए छोटी ने भी प्राण त्याग दिए।
जैंत निवासी रामसिंह महाशय की बड़ी बेटी मोहनदेवी और छोटी शीला देवी के बीच के प्यार को जानना है तो जैंत के किसी शख्स से पूछिए। इन दोनों बहनों के बीच इतना लगाव था कि एक दूसरे से एक पल के लिए भी अलग नहीं होती थीं। दोनों के बीच का प्यार देखकर ही उनके परिवार वालों ने दोनों की शादी चौमुंहा में की थी।
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शादी के बाद भी दोनों का प्यार कम नहीं हुआ। शादी भी दोनों बहनों की एक ही परिवार में हुई थी। खुश थी दोनों बहनें। लेकिन यह कौन जानता था कि दोनों दुनिया से भी एक साथ ही रुखसत होंगी। बिल्कुल यही हुआ। बड़ी बहन के शव पर बिलखते हुए छोटी ने भी प्राण त्याग दिए।
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जैंत निवासी रामसिंह महाशय की बड़ी बेटी मोहनदेवी और छोटी शीला देवी के बीच के प्यार को जानना है तो जैंत के किसी शख्स से पूछिए। इन दोनों बहनों के बीच इतना लगाव था कि एक दूसरे से एक पल के लिए भी अलग नहीं होती थीं। दोनों के बीच का प्यार देखकर ही उनके परिवार वालों ने दोनों की शादी चौमुंहा में की थी।
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मोहनदेवी की शादी केशवदेव के साथ 1969 में हुई थी। जबकि एक साल बाद शीला देवी की शादी इसी परिवार के बलवीर सिंह के साथ हो गई। क्योंकि दोनों बहनें एक ही गांव और एक परिवार में थीं लिहाजा मिलना जुलना बना रहा। घर भी दोनों के करीब-करीब पास ही थे। दोनों का जीवन हंसी खुशी बीतता रहा। दोनों ही नाती-पोतों वाली हो गई थीं।
मोहनदेवी (75) साल की हो गई थी, जबकि शीला देवी (66) की। पांच दिन पहले मोहनदेवी का अचानक स्वास्थ्य खराब हुआ और उनका निधन हो गया। बड़ी बहन के निधन की खबर पाकर शीला देवी भी पहुंच गईं।
जिस वक्त शीला पहुंचीं उनकी बड़ी बहन मोहनदेवी का शव घर में रखा था और परिवार वाले विलाप कर रहे थे। शीला बहन मोहनदेवी के शव से लिपट गईं और चीख-चीखकर कहने लगीं कि तुम मुझे अकेला छोड़कर नहीं जा सकती हैं।
वह बहन के शव से लिपट गईं। जब काफी देर तक नहीं हटीं तो महिलाओं ने उन्हें हटाने की कोशिश की लेकिन शीला की मौत हो चुकी थी। दोनों बहनों की एक साथ मौत चर्चा का विषय बनी हुई है।
मोहनदेवी (75) साल की हो गई थी, जबकि शीला देवी (66) की। पांच दिन पहले मोहनदेवी का अचानक स्वास्थ्य खराब हुआ और उनका निधन हो गया। बड़ी बहन के निधन की खबर पाकर शीला देवी भी पहुंच गईं।
जिस वक्त शीला पहुंचीं उनकी बड़ी बहन मोहनदेवी का शव घर में रखा था और परिवार वाले विलाप कर रहे थे। शीला बहन मोहनदेवी के शव से लिपट गईं और चीख-चीखकर कहने लगीं कि तुम मुझे अकेला छोड़कर नहीं जा सकती हैं।
वह बहन के शव से लिपट गईं। जब काफी देर तक नहीं हटीं तो महिलाओं ने उन्हें हटाने की कोशिश की लेकिन शीला की मौत हो चुकी थी। दोनों बहनों की एक साथ मौत चर्चा का विषय बनी हुई है।