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लॉकडाउनः आगरा की मिठाई में 'कड़वाहट' बना 'कोरोना वायरस', गोदामों में सड़ा लाखों का माल
Wed, 15 Apr 2020 02:57 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 15 Apr 2020 02:57 PM IST
सार
एक नजर
- 500 छोटी- बड़ी इकाई
-300 कारोबारी
-टर्नओवर करीब 30 करोड़ रुपए
-5000 हजार कारीगरों को रोजगार
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पेठा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लॉकडाउन ने पेठा उद्योग को जोर का झटका दिया है। इस दौरान 20 लाख रुपए का कुम्हड़ा (पेठा बनाने वाला फल) खराब हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि करीब दो करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।
कारोबारी बताते हैं कि कुम्हड़ा को एक हफ्ते में प्रयोग करना जरूरी होता है। अधिक दिन होने पर फल खराब होने लगता है। इस समय भी ऐसा ही हुआ है। लॉकडाउन से पहले मंगाया गया माल गाड़ियों और गोदामों में पड़ा सड़ चुका है। कारोबारियों पर दोहरी मार पड़ रही है।
बहुत नुकसान हो रहा है
लॉकडाउन के दौरान 20 लाख रुपए का कुम्हड़ा खराब हो चुका है। करीब 2 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो चुका है। बहुत नुकसान हो रहा है। - संजीव सिंघल, महामंत्री शहीद भगत सिंह कुटीर उद्योग
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90 फीसदी लोग रोज कमाने-खाने वाले
हमारे उद्योग में 90 फीसद लोग रोज कमाने और खाने वालों की श्रेणी में आते हैं। लॉकडाउन में परेशानी बढ़ गई है। -लक्ष्मण सिंघल, कारोबारी।
30 लाख की मिठाई खराब
कुम्हड़ा ही नहीं बल्कि इससे तैयार पेठे में भी नुकसान उठाना पड़ा है। औसतन 50 लाख रुपए के स्टॉक में जैसे-तैसे 20 लाख रुपए के माल की खपत कराई। बाकी माल बचा रह गया, जो कि खराब हो गया। - राजेश कुमार, कारोबारी, नूरी दरवाजा
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कारोबारी बताते हैं कि कुम्हड़ा को एक हफ्ते में प्रयोग करना जरूरी होता है। अधिक दिन होने पर फल खराब होने लगता है। इस समय भी ऐसा ही हुआ है। लॉकडाउन से पहले मंगाया गया माल गाड़ियों और गोदामों में पड़ा सड़ चुका है। कारोबारियों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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बहुत नुकसान हो रहा है
लॉकडाउन के दौरान 20 लाख रुपए का कुम्हड़ा खराब हो चुका है। करीब 2 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो चुका है। बहुत नुकसान हो रहा है। - संजीव सिंघल, महामंत्री शहीद भगत सिंह कुटीर उद्योग
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90 फीसदी लोग रोज कमाने-खाने वाले
हमारे उद्योग में 90 फीसद लोग रोज कमाने और खाने वालों की श्रेणी में आते हैं। लॉकडाउन में परेशानी बढ़ गई है। -लक्ष्मण सिंघल, कारोबारी।
30 लाख की मिठाई खराब
कुम्हड़ा ही नहीं बल्कि इससे तैयार पेठे में भी नुकसान उठाना पड़ा है। औसतन 50 लाख रुपए के स्टॉक में जैसे-तैसे 20 लाख रुपए के माल की खपत कराई। बाकी माल बचा रह गया, जो कि खराब हो गया। - राजेश कुमार, कारोबारी, नूरी दरवाजा