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प्रदूषण का असर: अस्थमा मरीजों को एक की जगह तीन बार लेना पड़ रहा इनहेलर

Fri, 13 Nov 2020 10:58 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 13 Nov 2020 10:58 AM IST
सार

  • ओपीडी में भी 60-80 सांस रोगी पहुंच रहे
  • 15 दिन से बढ़ गई सांस
  • सांस रोगियों की मुश्किल

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Effect Of Pollution: Asthma Patients Have To Replace Inhaler Three Times
दमा - फोटो : getty images

विस्तार

अस्थमा रोगियों के ये दो केस नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी में यह बदलाव प्रदूषण बढ़ने के कारण आया है। 15 दिनों से प्रदूषण के हालात बेहद खराब हो गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की वक्ष एवं क्षय रोग ओपीडी में हर दिन 60 से 80 मरीज आ रहे हैं। टेलीमेडिसिन में पहले 15 मरीज थे, लेकिन 15 दिनों से 40 से 45 सीओपीडी मरीज परामर्श ले रहे हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार और धूल कण 10 गुना ज्यादा होने के कारण अस्थमा रोगियों के साथ सीओपीडी के मरीजों की सांस फूलने लगी।
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केस - 1
घर में टीवी देखकर काट रहे समय

53 साल के जगदीश प्रसाद अस्थमा के रोगी हैं। पश्चिमपुरी 80 फुटा रोड पर उनका घर है। 15 दिन पहले सांस लेने में तकलीफ हुई तो अब एक की जगह तीन बार इनहेलर ले रहे हैं। दवाओं की डोज पहले डेढ़ गुनी हुई और अब सप्ताह भर से दो गुनी हो गई। घर पर बेटे ने उनके कमरे में एयर प्यूरीफायर लगवा दिया, लेकिन कॉलोनी में दोपहर में निकले तो सांस फूलने लगी। अब घर में ही कैद हैं। टीवी देखकर समय काट रहे हैं।
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केस-2
पड़ोसी महिलाओं के साथ बाहर बैठना बंद करना पड़ा

58 साल की बीना देवी किशोरपुरा में रहती हैं। गर्मी में एक बार इनहेलर का इस्तेमाल कर रही थीं, लेकिन मानसून में दिक्कत न हुई तो छोड़ दिया। अब दो बार और कभी कभी तीन बार इनहेलर ले रही हैं। पड़ोसी महिलाओं के साथ दोपहर में धूप में बैठना बंद हो गया। कमरे में अकेले रहकर चिड़चिड़ी हो गईं। तीन दिन पहले छत पर पड़ोसी से बात की, लेकिन अब फिर सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई तो दवा की डोज बढ़ा दी गई।
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कोहरे व प्रदूषण में बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें
छह दिन से टेलीमेडिसिन के साथ ओपीडी में सीओपीडी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। प्रदूषण के कारण सांस फूलने, मुश्किल आने और कोरोना दोनों के एक जैसे लक्षण हैं, ऐसे में लापरवाही भारी पड़ सकती है। बुजुर्ग कोहरे में, प्रदूषण में घर से बाहर न निकलें। -डॉ. संतोष कुमार, विभागाध्यक्ष, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग, एसएन मेडिकल कॉलेज

निर्माण से जुड़े लोगों में ज्यादा समस्या
जिनके घर पर निर्माण चल रहा है या जो लोग निर्माण से जुड़े हुए हैं, उनमें सांस रोगों की समस्या ज्यादा आ रही है। ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्रों में घर और गली में भी मास्क लगाकर रखें। -डॉ. कोमल गोलचक, असिस्टेट प्रोफेसर, वक्ष एवं क्षय रोग, एसएन मेडिकल कॉलेज
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