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राहतः शासनादेश के बाद स्कूलों के संचालक अब नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
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कासगंज। अलग-अलग बोर्डों से मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालक शिक्षासत्र 2021-22 में छात्रों की फीस में वृद्घि नहीं कर सकेंगे। बढ़ाकर लिया गया शुल्क आगामी माह के शुल्क में समायोजित करना होगा। शासनादेश मिलते ही शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के संचालकों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
स्कूलों का नया शिक्षा सत्र एक अप्रेल से शुरू होता है। कोरोना संकट केे चलते 30 जून तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा चुका है। जुलाई माह में सरकार परिस्थितियों के अनुसार स्कूल खोलने का निर्णय लेगी। कोरोना संकट के चलते मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर टूट चुकी है। ऐसे में सरकार द्वारा आर्थिक राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संकट के चलते मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व कर्मियों को वेतन देने की समस्या न आए इसका भी ध्यान रखा गया है। वहीं अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए फीस में वृद्घि न करने का निर्णय लिया गया है।
शासनादेश के बाद विद्यालय संचालक शिक्षासत्र 2020-21 में निर्धारित शुल्क ही ले सकेंगे। जब तक विद्यालय बंद रहेंगे तब तक क्रीड़ा, विज्ञान, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, वार्षिकोत्सव, परिवहन आदि गतिविधियों का कोई शुल्क देय नहीं होगा। यदि किसी अभिभावक को किसी माह का शुल्क देने में कठनाई होगी तो उस शुल्क को किश्तों के रूप में लिया जाएगा।
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निजी स्कूलों के संचालक वर्तमान शिक्षासत्र में स्कूलों में फीस की वृद्घि नहीं कर सकेगे। संचालकों को शासन की गाइड लाइन का पालन करना होगा। यदि कोई विद्यालय शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा तो शिकायत की जांच के बाद मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। - अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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स्कूलों का नया शिक्षा सत्र एक अप्रेल से शुरू होता है। कोरोना संकट केे चलते 30 जून तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा चुका है। जुलाई माह में सरकार परिस्थितियों के अनुसार स्कूल खोलने का निर्णय लेगी। कोरोना संकट के चलते मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर टूट चुकी है। ऐसे में सरकार द्वारा आर्थिक राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संकट के चलते मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व कर्मियों को वेतन देने की समस्या न आए इसका भी ध्यान रखा गया है। वहीं अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए फीस में वृद्घि न करने का निर्णय लिया गया है।
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शासनादेश के बाद विद्यालय संचालक शिक्षासत्र 2020-21 में निर्धारित शुल्क ही ले सकेंगे। जब तक विद्यालय बंद रहेंगे तब तक क्रीड़ा, विज्ञान, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, वार्षिकोत्सव, परिवहन आदि गतिविधियों का कोई शुल्क देय नहीं होगा। यदि किसी अभिभावक को किसी माह का शुल्क देने में कठनाई होगी तो उस शुल्क को किश्तों के रूप में लिया जाएगा।
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निजी स्कूलों के संचालक वर्तमान शिक्षासत्र में स्कूलों में फीस की वृद्घि नहीं कर सकेगे। संचालकों को शासन की गाइड लाइन का पालन करना होगा। यदि कोई विद्यालय शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा तो शिकायत की जांच के बाद मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। - अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी