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जीएसटी इंपैक्टः जूता जा रहा है न ताला आ रहा, चूड़ियां भी खनकना बंद

Mon, 10 Jul 2017 08:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Mon, 10 Jul 2017 08:52 PM IST
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due to goods and services tax transport business is affected
gst
वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के लागू होने से ट्रांसपोर्टर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रांसपोर्टर्स की मानें तो नोटबंदी से ज्यादा असर जीएसटी के लागू होने से हुआ है। व्यापार ठप पड़ा है। आगरा का जूता, फिरोजाबाद का कांच का माल, अलीगढ़ का ताला उद्योग कहीं से भी माल बाहर नहीं भेजा जा रहा है। बुकिंग कम हो गई हैं। आलम ये है कि 60 फीसदी गाड़ियां खड़ी हैं। केवल फल, सब्जी आदि ही बाहर से आ रही हैं। 
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ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि सरकारी उपक्रमों से आने वाला माल छोड़ दें तो दक्षिण के राज्यों से बेहद कम माल आ रहा है। मुंबई से दवाएं, मशीनरी, कास्मेटिक का माल, अहमदाबाद से केमिकल, परचून का माल भी 20 फीसदी रह गया है। असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ा है। बुकिंग तो 25 जून से कम हो गई थीं, अब करमुक्त माल ही ज्यादा आ जा रहा है। 
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कच्चे माल में कड़प्पा से पपीता, अनंतापुर से मौसमी, नासिक से प्याज, साबदा से केला, बुरहानपुर, तिपतूर से नारियल आदि आ रहा है। बड़ी फैक्ट्रियों से ब्रांडेड माल भी नहीं भेजा रहा है। ट्रांसपोर्ट चेंबर के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, आगरा गुड्स कैरियर एसोसिएशन के दीपक शर्मा, आगरा पब्लिक कैरियर के अध्यक्ष चरन सिंह, महासचिव देवेंद्र गुप्ता, अशोक बंसल, गोपाल मोहन गर्ग आदि का कहना है कि जीएसटी का असर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर पड़ रहा है। 
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ब्रांडेड कपड़े, कास्मेटिक के माल की बिक्री कम

due to goods and services tax transport business is affected
जीएसटी ‌‌
बाजारों में ब्रांडेड कपड़े, पान मसाला, कास्मेटिक का सामान डीलर और एजेंसी धारक कम ही दे रहे हैं। कई डीलरों ने तो बाजार में माल की सप्लाई देना ही बंद कर दिया है। प्रमुख पान मसाले, गुटखे की बिक्री नहीं की जा रही है। इसके साथ ही ब्रांडेड गारमेंट के मामले में भी यही स्थिति है। गोयल रेडीमेड गारमेंट के मयंक गुप्ता का कहना है कि अंडरगारमेंट और कास्मेटिक का माल नहीं आ रहा है।

लक्स, लाइफबॉय, लिरिल आदि साबुन, वाशिंग पाउडर भी एजेंसी धारक नहीं बेच रहे हैं। बाजार में स्टाक होने के कारण अभी कमी सामने नहीं आई है, लेकिन जल्द ही इसका असर दिखाई पड़ेगा। पानी की बोतलें और अमूल मक्खन जैसे उत्पादों की सप्लाई भी बाधित हुई है।

अब कई एजेंसी धारक दुकानदारों को टिन नंबर देने पर ही माल की आपूर्ति कर रहे हैं। शाहगंज के राजेश्वर एजेंसीज के अमित बताते हैं कि अभी तक जून के बिल काटे जा रहे हैं। कई दुकानदारों ने जीएसटी नंबर ले लिया है, लेकिन उन्हें भी माल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।  
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