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ऑनलाइन परीक्षा कराएगा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, वेबसाइट पर लांच किया पोर्टल
Tue, 28 Apr 2020 10:26 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 28 Apr 2020 10:26 AM IST
सार
मई के अंत या जून के शुरू में कराई जाती है सत्र परीक्षा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र परीक्षा वाले पाठ्यक्रमों की ऑनलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था बनाई है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन एग्जामिनेशन सिस्टम नाम से पोर्टल लांच किया है। आवासीय परिसर के संस्थानों के विभागाध्यक्षों को एडमिन बनाया गया है।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और वेबसाइट का काम देख रही टीम के प्रमुख प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने एकीकृत ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली बनाई है। इस पोर्टल से सभी प्रश्न पत्र शिक्षक के लॉगइन में अपलोड हो जाते हैं। प्रश्न पत्र को पढ़ने वाले सभी छात्रों का डाटा शिक्षक के लॉगइन में दिखता है।
अगले चरण में शिक्षक अपने लॉगइन में संबंधित प्रश्नपत्र पर छात्रों के उपयोग के लिए ई-कंटेंट, ई-लेक्चर नोट्स अपलोड करते हैं। शिक्षक विभागाध्यक्ष की ओर से आवंटित प्रश्न पत्रों को बना सकते हैं। दीर्घ और बहुविकल्पीय प्रश्न तय कर सकते हैं। बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र स्वत: मूल्यांकन प्रणाली पर आधारित हैं।
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विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और वेबसाइट का काम देख रही टीम के प्रमुख प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने एकीकृत ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली बनाई है। इस पोर्टल से सभी प्रश्न पत्र शिक्षक के लॉगइन में अपलोड हो जाते हैं। प्रश्न पत्र को पढ़ने वाले सभी छात्रों का डाटा शिक्षक के लॉगइन में दिखता है।
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अगले चरण में शिक्षक अपने लॉगइन में संबंधित प्रश्नपत्र पर छात्रों के उपयोग के लिए ई-कंटेंट, ई-लेक्चर नोट्स अपलोड करते हैं। शिक्षक विभागाध्यक्ष की ओर से आवंटित प्रश्न पत्रों को बना सकते हैं। दीर्घ और बहुविकल्पीय प्रश्न तय कर सकते हैं। बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र स्वत: मूल्यांकन प्रणाली पर आधारित हैं।
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जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर ब्रजेश रावत ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ती है तो सत्र परीक्षा ऑनलाइन कराई जा सकती है। मई के अंत या जून के पहले सप्ताह में सत्र परीक्षा कराई जाती है। लॉकडाउन नहीं खुलता तो छात्र-छात्राओं को परीक्षा शुल्क भी ऑनलाइन माध्यम से जमा करने का विकल्प दिया जाएगा।
प्रश्न पत्र हल करते ही प्राप्तांक मिल जाएंगे
शिक्षक इस प्रणाली के तहत उनको उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्रों को पहले से बना कर अपनी लॉगइन में सुरक्षित रख सकते हैं। संबंधित विषय की ऑनलाइन परीक्षा की तिथि और समय का निर्धारण कर सकते हैं। साथ ही इसकी सूचना छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर और उनको दिए गए लॉगइन में भेजी जा सकती है। इस प्रणाली में बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समय में हल करने के बाद परीक्षार्थी को पूर्णांक के सापेक्ष प्राप्तांक भी मिल जाएंगे।
तय समय सीमा में प्रश्नों को हल करना होगा
विस्तृत प्रश्नों के उत्तर के लिए शब्द संख्या निर्धारित रहेगी। यदि गणित, रसायन विज्ञान, सांख्यिकी, कंप्यूटर बायोलॉजी विषयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में समीकरण आदि बनाना है तो परीक्षार्थी की ओर से हस्तलिखित पेपर की जेपीजी फाइल व पीडीएफ अपलोड की जा सकती है। प्रश्न पत्र की समय सीमा समाप्त होने के पहले परीक्षार्थी को सबमिट का बटन दबाना होगा। छात्र की कॉपी उसके और शिक्षक के लॉगिन में अपलोड हो जाती है।
प्रश्न पत्र हल करते ही प्राप्तांक मिल जाएंगे
शिक्षक इस प्रणाली के तहत उनको उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्रों को पहले से बना कर अपनी लॉगइन में सुरक्षित रख सकते हैं। संबंधित विषय की ऑनलाइन परीक्षा की तिथि और समय का निर्धारण कर सकते हैं। साथ ही इसकी सूचना छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर और उनको दिए गए लॉगइन में भेजी जा सकती है। इस प्रणाली में बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समय में हल करने के बाद परीक्षार्थी को पूर्णांक के सापेक्ष प्राप्तांक भी मिल जाएंगे।
तय समय सीमा में प्रश्नों को हल करना होगा
विस्तृत प्रश्नों के उत्तर के लिए शब्द संख्या निर्धारित रहेगी। यदि गणित, रसायन विज्ञान, सांख्यिकी, कंप्यूटर बायोलॉजी विषयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर में समीकरण आदि बनाना है तो परीक्षार्थी की ओर से हस्तलिखित पेपर की जेपीजी फाइल व पीडीएफ अपलोड की जा सकती है। प्रश्न पत्र की समय सीमा समाप्त होने के पहले परीक्षार्थी को सबमिट का बटन दबाना होगा। छात्र की कॉपी उसके और शिक्षक के लॉगिन में अपलोड हो जाती है।
ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली बनाने वाला राज्य का पहला विश्वविद्यालय
कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल का कहना है कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली विकसित करने वाला राज्य में पहला है। सत्र परीक्षा में सफलता मिली तो मुख्य परीक्षा में भी इसे विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।
कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल का कहना है कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली विकसित करने वाला राज्य में पहला है। सत्र परीक्षा में सफलता मिली तो मुख्य परीक्षा में भी इसे विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।