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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालयः शोध कार्यों के आवेदन की तारीख बढ़ी, पांच शिक्षकों ने भेजा प्रस्ताव
Sun, 03 Jan 2021 01:38 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 03 Jan 2021 01:38 PM IST
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डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का गेट
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के तहत शोध कार्यों के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के संस्थानों के पांच शिक्षकों ने आवेदन किया है। दो शिक्षकों ने वृहद शोध और तीन ने लघु शोध परियोजना के लिए आवेदन किया है।
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विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च और रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. अजय तनेजा ने खुद आवेदन किया है। उनका विषय एन्वायरनमेंट केमिस्ट्री है। इसी विभाग के शिक्षक डॉ. जैसवार गौतम ने नैनो केमिस्ट्री विषय पर शोध कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा गणित विभाग के प्रो. संजीव कुमार, भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. बीपी सिंह ने सोलर फिजिक्स विषय में आवेदन किया है। चारों शिक्षक स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के हैं। वहीं, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के बॉटनी विभाग के डॉ. रजनीश अग्निहोत्री ने प्लांट टिशू कल्चर विषय पर शोध कार्य के लिए प्रस्ताव दिया है।
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प्रो. अजय तनेजा और डॉ. रजनीश अग्निहोत्री ने वृहद शोध परियोजना के लिए और बाकी तीनों शिक्षकों ने लघु शोध परियोजना के लिए प्रस्ताव दिया है। कॉलेजों के शिक्षक भी आवेदन कर रहे हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 28 दिसंबर थी, इसे 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
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प्रो. अजय तनेजा और डॉ. रजनीश अग्निहोत्री ने वृहद शोध परियोजना के लिए और बाकी तीनों शिक्षकों ने लघु शोध परियोजना के लिए प्रस्ताव दिया है। कॉलेजों के शिक्षक भी आवेदन कर रहे हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 28 दिसंबर थी, इसे 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
ये है परियोजनाओं में
- वृहद शोध परियोजना अधिकतम धनराशि 15 लाख रुपये होगी। अवधि तीन वर्ष की होगी। प्रमुख शोधकर्ता का किसी सरकारी शोध संस्था से पूर्व में कम से कम दो वृहद परियोजना के संचालन या निर्देशन का अनुभव हो, 15 वर्ष के शोध क्षेत्र के अनुभव के साथ यूजीसी/केयर की सूचीबद्ध जर्नल्स में कम से कम 20 शोधपत्र प्रकाशित हों।
- लघु शोध परियोजना की अधिकतम धनराशि पांच लाख रुपये होगी। तीन वर्ष की अवधि होगी। इसके लिए 10 वर्ष के शोध अनुभव और उच्चस्तरीय जर्नल्स में कम से कम 10 शोधपत्र प्रकाशित हों।
- वृहद शोध परियोजना अधिकतम धनराशि 15 लाख रुपये होगी। अवधि तीन वर्ष की होगी। प्रमुख शोधकर्ता का किसी सरकारी शोध संस्था से पूर्व में कम से कम दो वृहद परियोजना के संचालन या निर्देशन का अनुभव हो, 15 वर्ष के शोध क्षेत्र के अनुभव के साथ यूजीसी/केयर की सूचीबद्ध जर्नल्स में कम से कम 20 शोधपत्र प्रकाशित हों।
- लघु शोध परियोजना की अधिकतम धनराशि पांच लाख रुपये होगी। तीन वर्ष की अवधि होगी। इसके लिए 10 वर्ष के शोध अनुभव और उच्चस्तरीय जर्नल्स में कम से कम 10 शोधपत्र प्रकाशित हों।