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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: संस्थानों को नहीं मिले अतिथि शिक्षक, पढ़ाई हो रही प्रभावित
Thu, 17 Dec 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 17 Dec 2020 12:03 AM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई अक्तूबर और नवंबर माह से चल रही है। अभी तक संस्थानों में अतिथि शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए हैं। 70 से अधिक अतिथि शिक्षकों को रखा जाना है। इंटरेक्शन भी हो चुका है। इनके न पहुंचने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अतिथि शिक्षकों के संस्थानों में न पहुंचने से विभागाध्यक्ष व डीन परेशान हैं। इंजीनियरिंग संस्थान में सविल और मेकेनिकल विभाग में पढ़ाने के लिए इस समय कोई शिक्षक नहीं है। दोनों पाठ्यक्रम बाद में शुरू हुए। इसमें संविदा शिक्षक नहीं हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में चार-चार अतिथि शिक्षकों की मांग की गई है। संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि जिन शिक्षकों के प्रस्ताव भेजे गए हैं, उन्हीं से फिलहाल कक्षाओं में पढ़वाया जा रहा है। आईटीएचएम, केएमआई सहित अन्य संस्थानों में अतिथि शिक्षकों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। विवि के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र का कहना है कि अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। जल्द प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चयन की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
अतिथि शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षकों को रखे जाने के लिए विज्ञापन नहीं दिया गया था और न ही इंटरेक्शन के पैनल में विषय विशेषज्ञ या फिर संबंधित विभाग का कोई रखा गया। इस पर कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है नियमित पाठ्यक्रम में शिक्षक रखे जाने के लिए विज्ञापन देने की जरूरत होती है। सेल्फ फाइनेंस वाले पाठ्यक्रमों में अतिथि शिक्षकों को रखा जाना है। इसके लिए विज्ञापन देने की जरूरत नहीं होती है। इंटरेक्शन के पैनल में वह खुद शामिल थे। अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी किए जाने के संबंध में मंगलवार को कुलसचिव से बात की गई। उनके सामने सारी स्थिति भी स्पष्ट कर दी गई है।
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अतिथि शिक्षकों के संस्थानों में न पहुंचने से विभागाध्यक्ष व डीन परेशान हैं। इंजीनियरिंग संस्थान में सविल और मेकेनिकल विभाग में पढ़ाने के लिए इस समय कोई शिक्षक नहीं है। दोनों पाठ्यक्रम बाद में शुरू हुए। इसमें संविदा शिक्षक नहीं हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में चार-चार अतिथि शिक्षकों की मांग की गई है। संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि जिन शिक्षकों के प्रस्ताव भेजे गए हैं, उन्हीं से फिलहाल कक्षाओं में पढ़वाया जा रहा है। आईटीएचएम, केएमआई सहित अन्य संस्थानों में अतिथि शिक्षकों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। विवि के कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र का कहना है कि अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। जल्द प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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चयन की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
अतिथि शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षकों को रखे जाने के लिए विज्ञापन नहीं दिया गया था और न ही इंटरेक्शन के पैनल में विषय विशेषज्ञ या फिर संबंधित विभाग का कोई रखा गया। इस पर कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है नियमित पाठ्यक्रम में शिक्षक रखे जाने के लिए विज्ञापन देने की जरूरत होती है। सेल्फ फाइनेंस वाले पाठ्यक्रमों में अतिथि शिक्षकों को रखा जाना है। इसके लिए विज्ञापन देने की जरूरत नहीं होती है। इंटरेक्शन के पैनल में वह खुद शामिल थे। अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी किए जाने के संबंध में मंगलवार को कुलसचिव से बात की गई। उनके सामने सारी स्थिति भी स्पष्ट कर दी गई है।
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