कोरोना काल में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह पर संशय
- कोरोना वायरस के कारण देर से शुरू हुई परीक्षाएं, अक्तूबर या दिसंबर में होता है आयोजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के कारण आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं देर से शुरू हुई हैं। इसके कारण परिणाम भी जारी नहीं हो पाए है। कुलपति का कहना है कि ऐसे में दीक्षांत समारोह होने की संभावना कम है। अक्तूबर या दिसंबर में इस समारोह का आयोजन होता है। इस संबंध में राजभवन से भी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
विश्वविद्यालय से 1100 कॉलेज संबद्ध हैं और इसमें चार लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। हर साल सितंबर के अंत और अक्तूबर में दीक्षांत समारोह कराते हुए मेधावियों को प्रमाणपत्र और मेडल दिए जाते हैं। इसमें आगरा, अलीगढ़ मंडल के कॉलेजों के मेधावी शामिल होते हैं।
देर से शुरू हुई परीक्षाएं
इस बार कोरोना वायरस की वजह से 2019-20 सत्र के अंतिम वर्ष के करीब एक लाख छात्रों की ही परीक्षाएं देर से शुरू हुई। इसके चलते इनका मूल्यांकन और परिणाम भी अटका हुआ है। इनकी मार्कशीट और डिग्री भी तैयार करनी होंगी। समय कम होने के कारण अगले महीने दीक्षांत समारोह होने की उम्मीद कम है।
कुलपति का भी मानना है कि कोरोना वायरस और परीक्षा-परिणाम में देरी होने के कारण दीक्षांत समारोह होने की संभावना कम है। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से अभी कॉलेज नहीं खुले हैं, कक्षाएं भी नहीं लग रहीं।
अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा, परिणाम और मूल अंकपत्र तैयार होने के बाद ही मेरिट जारी हो सकती है, इसमें देरी के कारण समारोह की संभावना कम है, अभी राजभवन से भी इस बाबत कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।