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जाति संबंधी मुहावरे प्रयोग न करें स्वयंसेवक : भागवत
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:23 AM IST
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मोहन भागवत
- फोटो : ब्यूरो/ आगरा
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को जाति संबंधी मुहावरे प्रयोग न करने की नसीहत दी है। तीन प्रांतों (ब्रज, मेरठ और उत्तरांचल) के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि कथित सवर्ण व असवर्ण व्यक्तियों और परिवारों के बीच मैत्री और स्नेह के संबंध बनने चाहिए। एक-दूसरे के यहां आने-जाने का व्यवहार विकसित होना चाहिए। भागवत ने सामाजिक समरसता के अलावा गोसेवा और ग्राम्य विकास पर भी जोर दिया।
सिकंदरा स्थित एमपीएस स्कूल में तीन प्रांतों के पदाधिकारियों के साथ बैठक सोमवार दोपहर तक चली। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों पर चर्चा की। गोसेवा से जुड़े कार्यों पर उठ रहे सवालों पर चिंता जाहिर की। गोरक्षकों को सुझाव भी दिया। कहा कि कार्यकर्ताओं को गोसेवा से जुड़े वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ समाज के बीच जाना चाहिए। ताकि वे तार्किक जवाब दे सकें। भागवत ने भारतीय गायों को दुनिया की विभिन्न गायों से श्रेष्ठ बताया। विदेश नस्लों की गायों का दूध गुणवत्ता में कम होता है। बताया कि ब्राजील ने भारत की गिर प्रजाति की गाय आयात कर इस प्रजाति को अपने यहां विकसित किया। वर्तमान में गिर विश्व की सर्वश्रेष्ठ गाय मानी जा रही है। ब्राजील के अलावा चार अन्य देश भी भारतीय गायों की नस्लों को अपने यहां विकसित कर रहे हैं।
संघ प्रमुख ने ग्रामीण समाज को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया। ताकि वे भी विकास के मार्ग पर आगे बढ़े। उन्होंने स्वयंसेवकों को आगाह किया कि ये कार्य व्यवहारिक रूप से धरातल पर नजर आने चाहिए। भागवत ने सांस्कारिक कार्यक्रमों के क्रम को और बढ़ाने का सुझाव दिया। कहा कि भारत की परिवार व्यवस्था तमाम पश्चिमी देशों के लिए अनुकरणीय मिसाल बनी है। ऐसे में इसके विखंडन को रोकने के लिए अपनी सांस्कारिक प्रणाली को और मजबूत करना होगा। कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधियों को बढ़ाना होगा। बच्चों को परिवार और समाज का महत्व बताना होगा। बैठक में संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश, राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल के सदस्य तथा क्षेत्र संघचालक डा. दर्शनलाल अरोड़ा और क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी मौजूद थे।
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समन्वय बैठक आज
संघ प्रमुख आरएसएस के अन्य अनुसांगिक संगठनों के क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे। इसमें विद्या भारती, किसान संघ, भाजपा, अधिवक्ता परिषद, शैक्षिक, एबीवीपी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठनों के लगभग 225 पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
एमपीएस कॉलेज बना संघ का मुख्यालय
दो दिन के लिए एमपीएस कालेज संघ के मुख्यालय से कम नहीं है। सरसंघचालक के अलावा तीन प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी यहां दो दिन के लिए डेरा डाले हुए हैं। इसके लिए कॉलेज की छुट्टी भी कर दी गई है। कालेज पूरी तरह से स्वयंसेवकों के कब्जे में हैं। सुरक्षा से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी वही संभाल रहे हैं।
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सिकंदरा स्थित एमपीएस स्कूल में तीन प्रांतों के पदाधिकारियों के साथ बैठक सोमवार दोपहर तक चली। संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों पर चर्चा की। गोसेवा से जुड़े कार्यों पर उठ रहे सवालों पर चिंता जाहिर की। गोरक्षकों को सुझाव भी दिया। कहा कि कार्यकर्ताओं को गोसेवा से जुड़े वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ समाज के बीच जाना चाहिए। ताकि वे तार्किक जवाब दे सकें। भागवत ने भारतीय गायों को दुनिया की विभिन्न गायों से श्रेष्ठ बताया। विदेश नस्लों की गायों का दूध गुणवत्ता में कम होता है। बताया कि ब्राजील ने भारत की गिर प्रजाति की गाय आयात कर इस प्रजाति को अपने यहां विकसित किया। वर्तमान में गिर विश्व की सर्वश्रेष्ठ गाय मानी जा रही है। ब्राजील के अलावा चार अन्य देश भी भारतीय गायों की नस्लों को अपने यहां विकसित कर रहे हैं।
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संघ प्रमुख ने ग्रामीण समाज को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया। ताकि वे भी विकास के मार्ग पर आगे बढ़े। उन्होंने स्वयंसेवकों को आगाह किया कि ये कार्य व्यवहारिक रूप से धरातल पर नजर आने चाहिए। भागवत ने सांस्कारिक कार्यक्रमों के क्रम को और बढ़ाने का सुझाव दिया। कहा कि भारत की परिवार व्यवस्था तमाम पश्चिमी देशों के लिए अनुकरणीय मिसाल बनी है। ऐसे में इसके विखंडन को रोकने के लिए अपनी सांस्कारिक प्रणाली को और मजबूत करना होगा। कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधियों को बढ़ाना होगा। बच्चों को परिवार और समाज का महत्व बताना होगा। बैठक में संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश, राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल के सदस्य तथा क्षेत्र संघचालक डा. दर्शनलाल अरोड़ा और क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी मौजूद थे।
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समन्वय बैठक आज
संघ प्रमुख आरएसएस के अन्य अनुसांगिक संगठनों के क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे। इसमें विद्या भारती, किसान संघ, भाजपा, अधिवक्ता परिषद, शैक्षिक, एबीवीपी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठनों के लगभग 225 पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
एमपीएस कॉलेज बना संघ का मुख्यालय
दो दिन के लिए एमपीएस कालेज संघ के मुख्यालय से कम नहीं है। सरसंघचालक के अलावा तीन प्रांतों के प्रमुख पदाधिकारी यहां दो दिन के लिए डेरा डाले हुए हैं। इसके लिए कॉलेज की छुट्टी भी कर दी गई है। कालेज पूरी तरह से स्वयंसेवकों के कब्जे में हैं। सुरक्षा से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी वही संभाल रहे हैं।