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निदेशक ने सालभर तक दबाए रखा रजिस्ट्रार के निलंबन का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:34 AM IST
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय
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केंद्रीय हिंदी संस्थान के रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी के निलंबन का आदेश निदेशक ने साल भर तक दबाए रखा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह आदेश जनवरी 2016 में जारी किया था। सोमवार को निदेशक ने इसे जारी किया।
बता दें कि उड़ीसा के रहने वाले 129 विद्यार्थियों की बीटीसी, बीएड और एमएड के समकक्ष के कोर्स की मार्कशीट वर्ष 2014 में केंद्रीय हिंदी संस्थान में सत्यापन के लिए आई थीं। सत्यापन में ये फर्जी पाई गईं। उन विद्यार्थियों को उड़ीसा में नौकरी से हाथ धोना पड़ा। मार्कशीट पर रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी के हस्ताक्षर थे। वह भी जांच के घेरे में आ गए। मंत्रालय की टीम ने जांच में उन्हें दोषी पाया और निलंबन की संस्तुति की। मंत्रालय ने जनवरी 2016 में उनके निलंबन का आदेश दिया। तब से यह आदेश दबाए रखा गया। सोमवार को आदेश पर अमल करते हुए चंद्रकांत त्रिपाठी को अहमदाबाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में निदेशक स्तर पर वर्ष 2000 (रजिस्ट्रार के तैनाती के वर्ष) से वर्ष 2016 तक प्रत्येक सत्र में संस्थान को प्राप्त हुए आवेदन, प्रशिक्षणार्थियों के प्रवेश, परीक्षा में शामिल होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को जारी की गई अंक तालिकाओं का रिकार्ड तैयार कराया गया।
रजिस्ट्रार के निलंबन का आदेश साल भर पूर्व जारी हो गया था। गोपनीय कारणों से इसे रोका गया था।
- प्रो. नंदकिशोर पांडेय, निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्थान
प्रो. वीना को रजिस्ट्रार का दिया चार्ज
आगरा। चंद्रकांत त्रिपाठी के निलंबन के बाद मंगलवार को निदेशक ने अध्यापक शिक्षण विभाग की अध्यक्ष प्रो. वीना शर्मा को रजिस्ट्रार का चार्ज सौंपा। वहीं स्टाफ में एक वर्ष बाद निलंबन का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बना रहा।
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लंबे समय से विवादों में रहे
आगरा। चंद्रकांत त्रिपाठी लंबे समय से विवादों में रहे हैं। कभी हास्टल के छात्रों से अभद्रता करने का आरोप लगा तो कभी विदेशी छात्रों के टिकट में घोटाले का।
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बता दें कि उड़ीसा के रहने वाले 129 विद्यार्थियों की बीटीसी, बीएड और एमएड के समकक्ष के कोर्स की मार्कशीट वर्ष 2014 में केंद्रीय हिंदी संस्थान में सत्यापन के लिए आई थीं। सत्यापन में ये फर्जी पाई गईं। उन विद्यार्थियों को उड़ीसा में नौकरी से हाथ धोना पड़ा। मार्कशीट पर रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी के हस्ताक्षर थे। वह भी जांच के घेरे में आ गए। मंत्रालय की टीम ने जांच में उन्हें दोषी पाया और निलंबन की संस्तुति की। मंत्रालय ने जनवरी 2016 में उनके निलंबन का आदेश दिया। तब से यह आदेश दबाए रखा गया। सोमवार को आदेश पर अमल करते हुए चंद्रकांत त्रिपाठी को अहमदाबाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में निदेशक स्तर पर वर्ष 2000 (रजिस्ट्रार के तैनाती के वर्ष) से वर्ष 2016 तक प्रत्येक सत्र में संस्थान को प्राप्त हुए आवेदन, प्रशिक्षणार्थियों के प्रवेश, परीक्षा में शामिल होने वाले प्रशिक्षणार्थियों को जारी की गई अंक तालिकाओं का रिकार्ड तैयार कराया गया।
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रजिस्ट्रार के निलंबन का आदेश साल भर पूर्व जारी हो गया था। गोपनीय कारणों से इसे रोका गया था।
- प्रो. नंदकिशोर पांडेय, निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्थान
प्रो. वीना को रजिस्ट्रार का दिया चार्ज
आगरा। चंद्रकांत त्रिपाठी के निलंबन के बाद मंगलवार को निदेशक ने अध्यापक शिक्षण विभाग की अध्यक्ष प्रो. वीना शर्मा को रजिस्ट्रार का चार्ज सौंपा। वहीं स्टाफ में एक वर्ष बाद निलंबन का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बना रहा।
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लंबे समय से विवादों में रहे
आगरा। चंद्रकांत त्रिपाठी लंबे समय से विवादों में रहे हैं। कभी हास्टल के छात्रों से अभद्रता करने का आरोप लगा तो कभी विदेशी छात्रों के टिकट में घोटाले का।