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छीना आगरा का हक, पर सैफई में सारस लगाएंगे ब्रेक
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:10 PM IST
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हवाइअड्डा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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सूबे की समाजवादी सरकार आगरा का एयरपोर्ट का हक छीनकर बेशक अपने घर सैफई ले गई हो, लेकिन सैफई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना में राज्य पक्षी सारस ब्रेेक लगा सकते हैं। सैफई वेटलैंड में हजारों सारस की मौजूदगी और नेशनल चंबल सेंक्चुरी के तहत समान पक्षी विहार होने से सैफई एयरपोर्ट को केंद्र सरकार की पर्यावरण मंजूरी मिलना मुश्किल है, वहीं इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जेवर-सैफई के बीच फुटबाल बना आगरा अब कानूनी लड़ाई लड़ेगा। आगरा की सिविल सोसायटी ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री और संसद की ट्रांसपोर्ट कमेटी को कानूनी नोटिस जारी कर इसकी शुरूआत कर दी है।
दुनिया के आधे सारस इटावा-मैनपुरी में
बर्ड एक्सपर्ट का मानना है कि दुनिया भर में करीब 35 हजार सारस हैं। भारत में करीब 25 हजार सारस हैं और उत्तर प्रदेश में दुनिया के 40 फीसदी सारस वास करते हैं। उनमें से आधे से ज्यादा इटावा-मैनपुरी में हैं। 15 में से 11 प्रजातियाें की संख्या घट रही है। सारस की स्वाभाविक राजधानी इटावा में सैफई और समान पक्षी विहार के वेटलैंड हैं। सैफई के बंजराहार क्षेत्र में मौजूद वेटलैंड पर ही हवाई पट्टी बना दी गई है। इसी हवाई पट्टी के विस्तार से सारसों पर संकट मंडराने को लेकर वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आपत्ति जता चुका है।
जेवर एयरपोर्ट के खिलाफ दिए नोटिस
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना दिखाकर इसे जेवर और सैफई की जमीन पर उतारा जा रहा है। आगरा की सिविल सोसायटी ने जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रधानमंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री, मुख्यमंत्री और संसद की ट्रांसपोर्ट एंड कल्चर कमेटी को विधिक नोटिस जारी कराए हैं। अधिवक्ता अरविंद शर्मा ने सिविल सोसायटी अध्यक्ष पार्षद डा. शिरोमणि सिंह की ओर से 16 बिंदुओं का नोटिस दिया है। शिरोमणि सिंह ने आरोप लगाया कि जेवर और सैफई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के पीछे एक्सप्रेस वे पर भरपूर ट्रैफिक उपलब्ध कराकर ज्यादा टोल वसूलनेे का मकसद है। आगरा नगर निगम एयरपोर्ट के प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पास कर चुका है। न्यायपालिका के जरिए ही अब उनके मकसद पर रोक लगवाई जाएगी और आगरा को उसका हक दिलाया जाएगा। वार्ता में अबरार हुसैन, अनिल शर्मा मौजूद रहे।
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92 करोड़ रुपये खर्च किए सैफई हवाई पट्टी पर
प्रदेश सरकार जनवरी में ही सैफई को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का फैसला कर चुकी थी। सर्वे के नाम पर बाह के भदरौली का भ्रम फैलाया गया, लेकिन सैफई में हवाई अड्डे के लिए पहले ही बजट जारी कर दिया था। बीते वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार ने सैफई हवाई पट्टी पर 92 करोड़ रुपये की रकम खर्च की है। हवाई अड्डे के विकास और लाउंज आदि पर खर्च से पहले 2013 में प्रदेश सरकार 54 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी के जरिए केवल हवाई पट्टी पर ही खर्च कर चुकी है।
पर्यटन नीति में शामिल किया था आगरा एयरपोर्ट
प्रदेश सरकार ने जनवरी में ही पर्यटन नीति की घोषणा की है। हेरिटेज आर्क के शहरों आगरा-लखनऊ-वाराणसी के पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का एलान पर्यटन नीति में किया गया, लेकिन जिस समय प्रदेश सरकार आगरा में एयरपोर्ट की लिखित घोषणा कर रही थी, ठीक उसी वक्त एयरपोर्ट अथारिटी को सैफई में एयरपोर्ट के लिए सर्वे करने के लिए 11.66 लाख रुपये रिलीज कर रही थी।
‘पर्यटन उद्यमी जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे और बताएंगे कि आगरा में ही एयरपोर्ट बनने से टूरिज्म इंडस्ट्री को फायदा होगा। एयरपोर्ट जितना दूर होगा, उतना ही नुकसान होगा। पर्यटन नीति में सरकार ने एलान किया है तो उसे पूरा करें’
प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
‘आगरा में एयरपोर्ट से पांच करोड़ पर्यटकों के साथ मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, भरतपुर, फीरोजाबाद के व्यापारियों को भी फायदा होगा। सभी पर्यटन संगठनों को एक मंच पर आकर पैरवी करनी चाहिए’
राजीव सक्सेना, सचिव, टूरिज्म गिल्ड
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दुनिया के आधे सारस इटावा-मैनपुरी में
बर्ड एक्सपर्ट का मानना है कि दुनिया भर में करीब 35 हजार सारस हैं। भारत में करीब 25 हजार सारस हैं और उत्तर प्रदेश में दुनिया के 40 फीसदी सारस वास करते हैं। उनमें से आधे से ज्यादा इटावा-मैनपुरी में हैं। 15 में से 11 प्रजातियाें की संख्या घट रही है। सारस की स्वाभाविक राजधानी इटावा में सैफई और समान पक्षी विहार के वेटलैंड हैं। सैफई के बंजराहार क्षेत्र में मौजूद वेटलैंड पर ही हवाई पट्टी बना दी गई है। इसी हवाई पट्टी के विस्तार से सारसों पर संकट मंडराने को लेकर वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आपत्ति जता चुका है।
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जेवर एयरपोर्ट के खिलाफ दिए नोटिस
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना दिखाकर इसे जेवर और सैफई की जमीन पर उतारा जा रहा है। आगरा की सिविल सोसायटी ने जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रधानमंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री, मुख्यमंत्री और संसद की ट्रांसपोर्ट एंड कल्चर कमेटी को विधिक नोटिस जारी कराए हैं। अधिवक्ता अरविंद शर्मा ने सिविल सोसायटी अध्यक्ष पार्षद डा. शिरोमणि सिंह की ओर से 16 बिंदुओं का नोटिस दिया है। शिरोमणि सिंह ने आरोप लगाया कि जेवर और सैफई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के पीछे एक्सप्रेस वे पर भरपूर ट्रैफिक उपलब्ध कराकर ज्यादा टोल वसूलनेे का मकसद है। आगरा नगर निगम एयरपोर्ट के प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पास कर चुका है। न्यायपालिका के जरिए ही अब उनके मकसद पर रोक लगवाई जाएगी और आगरा को उसका हक दिलाया जाएगा। वार्ता में अबरार हुसैन, अनिल शर्मा मौजूद रहे।
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92 करोड़ रुपये खर्च किए सैफई हवाई पट्टी पर
प्रदेश सरकार जनवरी में ही सैफई को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का फैसला कर चुकी थी। सर्वे के नाम पर बाह के भदरौली का भ्रम फैलाया गया, लेकिन सैफई में हवाई अड्डे के लिए पहले ही बजट जारी कर दिया था। बीते वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार ने सैफई हवाई पट्टी पर 92 करोड़ रुपये की रकम खर्च की है। हवाई अड्डे के विकास और लाउंज आदि पर खर्च से पहले 2013 में प्रदेश सरकार 54 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी के जरिए केवल हवाई पट्टी पर ही खर्च कर चुकी है।
पर्यटन नीति में शामिल किया था आगरा एयरपोर्ट
प्रदेश सरकार ने जनवरी में ही पर्यटन नीति की घोषणा की है। हेरिटेज आर्क के शहरों आगरा-लखनऊ-वाराणसी के पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का एलान पर्यटन नीति में किया गया, लेकिन जिस समय प्रदेश सरकार आगरा में एयरपोर्ट की लिखित घोषणा कर रही थी, ठीक उसी वक्त एयरपोर्ट अथारिटी को सैफई में एयरपोर्ट के लिए सर्वे करने के लिए 11.66 लाख रुपये रिलीज कर रही थी।
‘पर्यटन उद्यमी जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे और बताएंगे कि आगरा में ही एयरपोर्ट बनने से टूरिज्म इंडस्ट्री को फायदा होगा। एयरपोर्ट जितना दूर होगा, उतना ही नुकसान होगा। पर्यटन नीति में सरकार ने एलान किया है तो उसे पूरा करें’
प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर
‘आगरा में एयरपोर्ट से पांच करोड़ पर्यटकों के साथ मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, भरतपुर, फीरोजाबाद के व्यापारियों को भी फायदा होगा। सभी पर्यटन संगठनों को एक मंच पर आकर पैरवी करनी चाहिए’
राजीव सक्सेना, सचिव, टूरिज्म गिल्ड