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बकरीद पर्व को लेकर बढ़ने लगी बकरों की मांग, कीमतों में हुआ इजाफा
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कासगंज ईद पर्व के लिए पैंठ बाजार में बकरा बेचने जाते लोग।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। इस बार बकरीद पर्व को लेकर उत्साह है। कुर्बानी के लिए बकरों की अच्छी मांग निकलने की उम्मीद है। जिसके कारण बकरों की कीमतों में 50 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिल रहा है। बकरा पालक कीमतें बढ़ने से उत्साहित हैं। उन्हें अच्छे कारोबार की उम्मीद है। पिछले दो वर्षों से बकरीद का पर्व कोरोना प्रोटोकाल के बीच मनाया गया। जिससे बकरों की कीमतें पिछले वर्षों में नहीं बढ़ीं। अब सामान्य रूप से दस हजार से तीस हजार तक के बकरे कुर्बानी के लिए बिक रहे हैं।
इससे अधिक कीमत पर भी कुछ बकरे बिकते हैं। जिले में करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार बकरीद पर्व पर हो जाता है। तमाम पशुपालक बकरों का पालन बकरीद पर्व के लिए करते हैं। जिन्हें महाराष्ट, गुजरात की मंडियों में भी ले जाया जाता है। बकरापालन से तमाम लोग जुड़े हैं। पर्व को नजदीक आते देख बकरों की मांग बढ़ने लगी है। जिससे पालकों में उत्साह आने लगा है। पालकों को अच्छे कारोबार की उम्मीद बंधने लगी है। एक लाख रुपये की कीमत तक बकरा बिक जाता है।
पर्व के मौके पर 2 से 3 करोड़ तक का कारोबर जिले भर में होने की आस कारोबारी को है। कोरोना संकट के चलते दो साल से बकरीद पर्व पर बंदिशें रही। जिसका सबसे अधिक असर बकरा पालकों पर पड़ा। पालकों को अच्छे दाम नहीं मिले। जिससे पालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन इस बार बकरीद पर्व पर कोरोना से संबधित किसी प्रकार की कोई बंदिश नहीं है। जिससे पालकों में काफी उत्साह है।
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इससे अधिक कीमत पर भी कुछ बकरे बिकते हैं। जिले में करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार बकरीद पर्व पर हो जाता है। तमाम पशुपालक बकरों का पालन बकरीद पर्व के लिए करते हैं। जिन्हें महाराष्ट, गुजरात की मंडियों में भी ले जाया जाता है। बकरापालन से तमाम लोग जुड़े हैं। पर्व को नजदीक आते देख बकरों की मांग बढ़ने लगी है। जिससे पालकों में उत्साह आने लगा है। पालकों को अच्छे कारोबार की उम्मीद बंधने लगी है। एक लाख रुपये की कीमत तक बकरा बिक जाता है।
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पर्व के मौके पर 2 से 3 करोड़ तक का कारोबर जिले भर में होने की आस कारोबारी को है। कोरोना संकट के चलते दो साल से बकरीद पर्व पर बंदिशें रही। जिसका सबसे अधिक असर बकरा पालकों पर पड़ा। पालकों को अच्छे दाम नहीं मिले। जिससे पालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन इस बार बकरीद पर्व पर कोरोना से संबधित किसी प्रकार की कोई बंदिश नहीं है। जिससे पालकों में काफी उत्साह है।
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