फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Daggamar Ambulance running in agra

अफसरों की अनदेखी से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, धड़ल्ले से चल रहीं डग्गामार एंबुलेंस

Mon, 07 Sep 2020 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 07 Sep 2020 12:12 AM IST
सार

  • एंबुलेंस में न ऑक्सीजन सिलेंडर है और न मेडिकल किट, आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग नहीं कर रहे जांच
  • सुविधाओं के अभाव में भी तीमारदारों से लेते हैं पूरा किराया

विज्ञापन
Daggamar Ambulance running in agra
डग्गामार एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रही है। न ऑक्सीजन है और न मेडिकल किट, अग्निशमन यंत्र भी नहीं है, ऐसी खटारा एंबुलेंस से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग भी जांच नहीं कर रहा, इससे मरीजों की जान खतरे में है।

विज्ञापन


आरटीओ के यहां पर लगभग 450 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें अधिकांश की फिटनेस जांच नहीं हुई है। इनमें चिकित्सकीय मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसी डग्गामार एंबुलेंस का रामबाग चौराहा, दिल्ली गेट, सिकंदरा, आवास विकास कॉलोनी, एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी पर जमावड़ा लगा रहता है। ये सुविधाएं न होने पर भी तीमारदारों से पूरा किराया वसूल रहे हैं।
विज्ञापन


ये मानक हैं जरूरी

अग्निशमन यंत्र, मेडिकल किट में 70 तरह की दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर, मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए अंबू बैग, स्ट्रेचर, सायरन, दुरुस्त लाइट, एंबुलेंस के आगे और पीछे एंबुलेंस लिखा होना जरूरी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फिर से अभियान चलाकर मानक देखेंगे

आरटीओ प्रवर्तन अनिल कुमार ने बताया कि बीते दिनों डग्गमार एंबुलेंस पकड़ कर चालान किए, सील भी कीं। इनके खिलाफ फिर से अभियान चलाकर जांच कराते हुए चिकित्सकीय मानकों की पड़ताल करेंगे। 

आरटीओ टीम बनाएं एसीएमओ को भेजेंगे

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि आरटीओ टीम बनाएं और उसमें एसीएमओ भेजकर चिकित्सकीय मानकों की जांच कराएंगे। बिना मानकों की एंबुलेंस को सील करते हुए जुर्माना भी लगाया जाए।

केस-एक
बीते साल अप्रैल में यमुनापार स्थित अस्पताल से एंबुलेंस में प्रसूता और नवजात मैनपुरी जा रहे थे, रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गई, दो तीन अस्पतालों में एंबुलेंस चालक ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए चक्कर काटता रहा, तब तक नवजात की मौत हो गई।

केस-दो
बीते शुक्रवार को ही एमजी रोड स्थित अस्पताल में बुजुर्ग की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई। इसमें भी एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने के आरोप लगे। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा भी किया।

केस-3
इस साल फरवरी में आगरा से दिल्ली के लिए गंभीर हालत में 65 वर्षीय बुजुर्ग को रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस में रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म होने के कारण मौत हो गई। परिजनों की शिकायत को तब नजर अंदाज कर दिया गया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed