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चाय विक्रेता से 16 लाख की ठगी: मददगार बनकर जीता भरोसा, फिर रचा ऐसा खेल; जीवनभर की पूंजी दे बैठा गरीब
Thu, 01 Oct 2026 10:01 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:01 AM IST
सार
आगरा में साइबर अपराधियों ने मददगार बनकर एक चाय विक्रेता को अपने जाल में फंसाया और बैंक मैनेजर बनकर क्यूआर कोड के जरिए रकम जमा कराई। बाद में पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति ने डिजिटल अरेस्ट और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 14 जून से 3 सितंबर तक 16.50 लाख रुपये ठग लिए।
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युवक सांकेतिक फोटो
- फोटो : istock
विस्तार
आगरा में साइबर अपराधियों ने एक चाय विक्रेता को पहले मददगार बन अपनी जाल में फंसाया। क्यूआर कोड भेजकर रकम जमा कराई। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट कर 16.50 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत पर अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में लगी है।
बल्देव नगर, गोबर चाैकी निवासी अमर कुमार ने बताया कि वह चाय विक्रेता हैं। जून माह में उनके पास एक कॉल आई। काॅल करने वाले ने अपना नाम अशोक मल्होत्रा बताया। उसने व्यापार के बारे में पूछने के बाद कहा कि वह आप जैसे लोगों का मददगार है। कई दिन काॅल करता रहा। एक दिन कहा कि तुम्हारे लिए कोलकाता की बैंक में 4.10 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। वहां से मैनेजर का फोन आएगा, तुम अपना पैसा ले लेना।
कुछ दिन बाद किसी विजय राठाैर ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कॉल की। कहा कि तुम्हारे नाम से किसी अशोक मल्होत्रा ने 4.10 लाख रुपये भेजे हैं। बैंक की कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। वह उसकी बातों में आ गए। उसने क्यूआर कोड भेजा, कहा कि इसमें पैसे भेजते रहो। बैंक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी।
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बाद में अशोक मल्होत्रा ने कॉल की। बताया कि वह इटली से वापस आ गए हैं। अब वो पूरी रकम के साथ ही 15 लाख रुपये उसके पास भेज देंगे। उसकी करेंसी मुंबई एयरपोर्ट पर चल नहीं रही है। मना करने पर विजय राठाैर ने भी काॅल किया। कहा कि जैसा कहते हैं, वैसा करते रहो। अगर बात नहीं मानोगे तो उसे और परिवार को झूठे केस में फंसा देंगे। इसके लिए वीडियो काॅल भी किया। जिस पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने बात की। वह भी केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने लगा। इससे वह डर गए। आरोपी उनसे आए दिन रकम लेते रहे। रकम वापस मांगने पर धमकी देने लगते। 14 जून से 3 सितंबर तक 16.50 लाख रुपये ले लिए गए।
अनजान लोगों के काॅल पर नहीं करें भरोसा
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी रोजाना नए तरीके से लोगों को झांसे में ले रहे हैं। लोगों को सावधान रहने की जरूरत हैं। अनजान व्यक्ति के काॅल आने पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि वो आपके खाते में रकम भेज रहा है, उस व्यक्ति को आप जानते नहीं हैं, तो समझ जाएं वो आपके साथ ठगी करने वाला है। ऐसे लोगों के काॅल काट देने चाहिए। पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। साइबर ठगी होने पर 1930 पर काॅल करें। नजदीक के थाने में भी शिकायत करें।
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बल्देव नगर, गोबर चाैकी निवासी अमर कुमार ने बताया कि वह चाय विक्रेता हैं। जून माह में उनके पास एक कॉल आई। काॅल करने वाले ने अपना नाम अशोक मल्होत्रा बताया। उसने व्यापार के बारे में पूछने के बाद कहा कि वह आप जैसे लोगों का मददगार है। कई दिन काॅल करता रहा। एक दिन कहा कि तुम्हारे लिए कोलकाता की बैंक में 4.10 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। वहां से मैनेजर का फोन आएगा, तुम अपना पैसा ले लेना।
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कुछ दिन बाद किसी विजय राठाैर ने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए कॉल की। कहा कि तुम्हारे नाम से किसी अशोक मल्होत्रा ने 4.10 लाख रुपये भेजे हैं। बैंक की कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। वह उसकी बातों में आ गए। उसने क्यूआर कोड भेजा, कहा कि इसमें पैसे भेजते रहो। बैंक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी।
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बाद में अशोक मल्होत्रा ने कॉल की। बताया कि वह इटली से वापस आ गए हैं। अब वो पूरी रकम के साथ ही 15 लाख रुपये उसके पास भेज देंगे। उसकी करेंसी मुंबई एयरपोर्ट पर चल नहीं रही है। मना करने पर विजय राठाैर ने भी काॅल किया। कहा कि जैसा कहते हैं, वैसा करते रहो। अगर बात नहीं मानोगे तो उसे और परिवार को झूठे केस में फंसा देंगे। इसके लिए वीडियो काॅल भी किया। जिस पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने बात की। वह भी केस दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने लगा। इससे वह डर गए। आरोपी उनसे आए दिन रकम लेते रहे। रकम वापस मांगने पर धमकी देने लगते। 14 जून से 3 सितंबर तक 16.50 लाख रुपये ले लिए गए।
अनजान लोगों के काॅल पर नहीं करें भरोसा
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी रोजाना नए तरीके से लोगों को झांसे में ले रहे हैं। लोगों को सावधान रहने की जरूरत हैं। अनजान व्यक्ति के काॅल आने पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि वो आपके खाते में रकम भेज रहा है, उस व्यक्ति को आप जानते नहीं हैं, तो समझ जाएं वो आपके साथ ठगी करने वाला है। ऐसे लोगों के काॅल काट देने चाहिए। पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। साइबर ठगी होने पर 1930 पर काॅल करें। नजदीक के थाने में भी शिकायत करें।