ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के नाम पर ठगी: साइबर अपराधी ने आर्किटेक्ट से 30 हजार रुपये ठगे, ऐसे बनाया शिकार
कोरोना संकट काल में ऑक्सीजन के नाम पर लोगों से ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। आगरा में साइबर अपराधी ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के नाम पर एक आर्किटेक्ट से 30 हजार रुपये अपने खाते में जमा कर लिए।
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आगरा में साइबर अपराधी ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की होम डिलीवरी के नाम पर एक आर्किटेक्ट से 30 हजार रुपये खाते में जमा करा लिए। इसके बाद उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। आर्किटेक्ट ने ठगी का पता चलने पर थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर अपराधी का बैंक खाता सीज करा दिया है। रकम वापसी के लिए बैंक को ईमेल से अवगत कराया गया है।
शमसाबाद रोड स्थित जयपुरिया ड्रीम कॉलोनी निवासी आर्किटेक्ट अरुण कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी मां शीला देवी का ऑक्सीजन का स्तर कुछ दिन पहले कम हो गया था। उन्होंने आपात स्थिति को देखते हुए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने के बारे में सोचा। इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन बुकिंग कर होम डिलीवरी का विज्ञापन देखा था। इस पर विज्ञापन में दिए नंबर पर दो दिन पहले कॉल किया।
कॉल रिसीव करने वाले ने अपना नाम राघव बताया। कहा कि उसका गोदाम दयालबाग में है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की होम डिलीवरी कर दी जाएगी। इसकी कीमत 30 हजार रुपये ऑनलाइन देनी होगी। खाते में रकम जमा कराने के डेढ़ घंटे में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की होम डिलीवरी हो जाएगी। इसके लिए व्हाट्सएप पर खाता संख्या भी भेजा। व्हाट्सएप पर चैट भी हुई।
सोनम जोहरी के नाम के खाते में जमा की रकम
आर्किटेक्ट के अनुसार, उन्होंने सोनम जोहरी के नाम के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में रकम जमा कर दी। मगर, उनके पास ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं आया। इस पर उन्होंने युवक का नंबर मिलाया। मगर, उसने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। धोखाधड़ी का शक होने पर उन्होंने अपने मित्र से नंबर मिलवाया। तब कॉल रिसीव हो गया।
उन्होंने भी मशीन खरीदने की बात कही। साइबर अपराधी ने उनसे भी 30 हजार रुपये मांगे। मगर, उन्होंने गोदाम पर आकर ही लेने की कहा। इस पर फोन काट दिया। उनका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने थाना सदर में तहरीर दी है। थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि जिस बैंक खाते में रकम जमा कराई गई थी। उसे सीज करा दिया है।
आरोपी के खाते में 3.29 लाख रुपये
आर्किटेक्ट ने पुलिस को बताया कि उन्होंने जिस खाते में रकम जमा कराई है, उसमें 3.29 लाख रुपये जमा हैं। यह खाता कानपुर के रहने वाले किसी सोनम के नाम पर है। आशंका है कि आरोपी ने कई और लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है।
साइबर सेल ने किया सावधान
साइबर सेल ने ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वह निर्धारित स्थान से ही इनको लें। इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन देकर ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रेमडेसिविर देने वालों से सावधान रहें। ऐसे लोगों के खाते में किसी तरह की रकम जमा नहीं करें।